निर्दलीय दीपांशू शौकीन बने दिल्ली विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष
एनएसयूआई ने टिकट नहीं दिया, निर्दलीय चुनाव लड़कर 12 हजार से अधिक वोटों से जीते
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशू शौकीन ने जीत हासिल की है। उन्हें एनएसयूआई का टिकट नहीं मिला था, लेकिन उन्होंने अकेले 14,256 वोट पाकर एबीवीपी और एनएसयूआई दोनों के प्रत्याशियों को पीछे छोड़ दिया। दीपांशू दिल्ली के पीरागढ़ी गांव से हैं और वर्तमान में बुद्धिस्ट स्टडीज में पढ़ाई कर रहे हैं।
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशू शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। एनएसयूआई ने उन्हें टिकट नहीं दिया था, लेकिन उन्होंने अकेले दम पर 12 हजार से अधिक वोटों की बढ़त बनाई।
18 सितंबर को हुए मतदान के बाद शनिवार को वोटों की गिनती पूरी हुई। दीपांशू शौकीन ने कुल 14,256 वोट पाकर एबीवीपी और एनएसयूआई दोनों के प्रत्याशियों को पीछे छोड़ दिया। एनएसयूआई ने उन्हें उपाध्यक्ष पद के लिए टिकट नहीं दिया था, लेकिन उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।
दीपांशू दिल्ली के पीरागढ़ी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया है और वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय से बुद्धिस्ट स्टडीज में पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी माता आंगनवाड़ी में काम करती हैं और पिता बस कंडक्टर हैं।
दीपांशू ने सोशल मीडिया पर लिखा, "दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का दिल से शुक्रिया। निर्दलीय होकर लड़ना आसान नहीं था, लेकिन आपने साबित कर दिया कि छात्र संगठनों से ऊपर छात्रों का भरोसा होता है। ये जीत मेरी नहीं, हर उस विद्यार्थी की है जो कैम्पस में असली मुद्दों की बात करना चाहता था। जय दिल्ली विश्वविद्यालय।"
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच कड़ी टक्कर रही, जबकि उपाध्यक्ष पद पर दीपांशू ने बढ़त बनाई। जॉइंट सेक्रेटरी पद पर भी कांटे की टक्कर देखने को मिली, जहां एनएसयूआई के गोपाल चौधरी 9,867 वोटों के साथ पहले नंबर पर हैं। एबीवीपी के लक्ष्यराज सिंह दूसरे और समाजवादी छात्र सभा के विशेष यादव तीसरे नंबर पर हैं।
एबीवीपी के यश दयाल ने कहा, "स्टूडेंट्स ने NSUI को स्वीकार नहीं किया, ये विद्यार्थियों की जीत है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- दीपांशू शौकीन की शिक्षा क्या है?
- दीपांशू ने भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है और अभी बुद्धिस्ट स्टडीज में पढ़ रहे हैं।
- दीपांशू शौकीन कहां से हैं?
- दीपांशू दिल्ली के पीरागढ़ी गांव के रहने वाले हैं।
- दीपांशू के माता-पिता क्या करते हैं?
- उनकी माता आंगनवाड़ी में काम करती हैं और पिता बस कंडक्टर हैं।
- जॉइंट सेक्रेटरी पद पर कौन आगे है?
- एनएसयूआई के गोपाल चौधरी 9,867 वोटों के साथ जॉइंट सेक्रेटरी पद पर पहले नंबर पर हैं।
- दीपांशू ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
- उन्होंने कहा कि ये जीत हर विद्यार्थी की है जो कैम्पस में असली मुद्दों की बात करना चाहता था।
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