डायरेक्टर शिरीष केदारे ने इस्तीफा नहीं दिया, छात्रों की 18 मांगें मानी
साहिल वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे में तनाव, प्रोफेसर दूल्ला को डीनशिप से सस्पेंड किया गया
आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे ने छात्रों की 18 मांगें मानने के बाद इस्तीफा नहीं दिया है। छात्रों की मांगों के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को डीनशिप से सस्पेंड किया गया है और मामले की स्वतंत्र जांच का आदेश दिया गया है।
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मुंबई। आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे ने छात्रों की 18 मांगें मानने के बाद इस्तीफा नहीं दिया है। यह फैसला साहिल वाकोडे की 18 सितंबर को हुई मौत के बाद छात्रों के प्रदर्शन और दबाव के बीच आया है। प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को डीनशिप से सस्पेंड कर दिया गया है।
मांगें और प्रशासन की प्रतिक्रिया
छात्रों ने 18 मांगें रखीं, जिन्हें डायरेक्टर ने स्वीकार किया है। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक 21 सितंबर को दोपहर 12 बजे होगी, जिसमें सभी पॉइंट्स कन्फर्म होंगे। 22 सितंबर से सभी संबंधित पक्षों का ओपन हाउस होगा। स्वतंत्र जांच कमेटी 30 सितंबर तक अंतरिम रिपोर्ट और 15 अक्टूबर तक पूरी रिपोर्ट देगी। आर्थिक मदद के लिए परिवार के लिए फंड बनाया जाएगा और हर हफ्ते अपडेट दिया जाएगा। छात्र प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए संस्थान में बदलाव किए जाएंगे, जिसमें छात्रों और प्रोफेसरों का बराबर हिस्सा होगा।
साहिल वाकोडे की मौत और जांच
साहिल वाकोडे 22 साल के थे और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सेकंड ईयर बीटेक के छात्र थे। वे 18 सितंबर की शाम अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। IIT प्रशासन ने कहा कि साहिल ने परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी से नकल करने की कोशिश की थी, लेकिन उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। प्रोफेसर दूल्ला उस परीक्षा के इनविजिलेटर थे और उन्होंने अकादमिक कदाचार की रिपोर्ट संस्थान अधिकारियों को दी थी।
प्रोफेसर दूल्ला पर आरोप और कार्रवाई
साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर दूल्ला ने पिछले करीब तीन महीने से उनके बेटे को जातिसूचक गालियां दीं और प्रताड़ित किया। वाकोडे के अभिभावकों का कहना है कि साहिल को संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बताया कि मामले में IIT मुंबई के प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है। IIT बॉम्बे ने माफी मांगी है और कहा कि साहिल की मौत के संबंध में दी गई परिस्थितियों पर बयान पर उन्हें खेद है।
बातचीत जारी रहेगी और उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा
एक अधिकारी
प्रोफेसर संस्थान की सीनेट से मंजूर और अभी लागू एकेडमिक पॉलिसी के अनुसार अपनी ड्यूटी निभा रहे थे
फोरम
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आईआईटी बॉम्बे ने साहिल वाकोडे के परिवार की आर्थिक मदद के लिए क्या किया है?
- परिवार के लिए एक फंड बनाया जाएगा और उसकी स्थिति पर हर हफ्ते अपडेट दिया जाएगा।
- छात्रों और प्रशासन के बीच आगे की क्या योजना है?
- 22 सितंबर से सभी संबंधित पक्षों का ओपन हाउस होगा और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक 21 सितंबर को आयोजित की जाएगी।
- साहिल वाकोडे की मौत की जांच कैसे होगी?
- एक स्वतंत्र जांच कमेटी 30 सितंबर तक अंतरिम रिपोर्ट और 15 अक्टूबर तक पूरी रिपोर्ट देगी।
- प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
- उन्हें डीनशिप से सस्पेंड कर दिया गया है और पुलिस ने उन्हें आरोपी बनाया है।
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