चित्तौड़गढ़ में कवि सम्मेलन में रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद
जलझूलनी एकादशी मेले के पहले दिन कवियों ने सुनाईं रचनाएं, रिकॉर्डिंग पर नाराजगी
चित्तौड़गढ़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी में जलझूलनी एकादशी मेले के पहले दिन आयोजित अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में कवि शैलेश लोढ़ा ने रिकॉर्डिंग बंद करने की मांग की, जिसके बाद कैमरे बंद कर दिए गए। कवि सम्मेलन में कुल 13 कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं और श्रद्धालुओं ने देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लिया। मेले में अगले दो दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहेंगे।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी में सोमवार से शुरू हुए तीन दिवसीय जलझूलनी एकादशी मेले के पहले दिन आयोजित कवि सम्मेलन में रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हुआ। मंच पर कवि शैलेश लोढ़ा ने रिकॉर्डिंग बंद करने की मांग की, जिसके बाद कैमरे बंद करवा दिए गए।
अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में देश के चर्चित कवियों ने देर रात तक अपनी रचनाएं सुनाईं। शैलेश लोढ़ा ने मंच पर सबसे पहले कार्यक्रम स्थल पर बने रैंप और माहौल का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "क्यों रिकॉर्ड करके आप उनको कविता सुनना चाहते हो जिनको यहां आकर सुनने की तहजीब नहीं है। जो यहां आकर सुनता है कविता उसे सुनाई जानी चाहिए। जब तक रिकॉर्डिंग चलेगी तब तक मैं एक शब्द भी नहीं बोलूंगा।" उन्होंने कहा, "हम कमाओ तुम यूट्यूब पर ऐसा क्यों।" उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर कैमरे बंद करवा दिए गए।
कवि सम्मेलन में शैलेश लोढ़ा के साथ संजय झाला, भुवन मोहिनी, दीपक पारीक, शंभू शिखर, राम भदावर, मोनिका हटीला, हीरामणि वैष्णव, चेतन चर्चित, लक्ष्मण नेपाली, लकी जारौली, शशिकांत यादव और जॉनी बैरागी सहित कुल 13 कवियों ने मंच साझा किया। किसी ने हास्य से लोगों को हंसाया तो किसी ने समाज और जीवन से जुड़े विषयों पर अपनी रचनाएं सुनाईं।
कार्यक्रम में मौजूद श्रोता देर रात तक अपनी जगह पर बैठे रहे और हर प्रस्तुति पर तालियों से कवियों का उत्साह बढ़ाते रहे। जॉनी बैरागी ने अपनी हास्य कविताओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और उनकी प्रस्तुति के साथ कवि सम्मेलन का समापन हुआ।
जलझूलनी एकादशी मेले के पहले दिन आयोजित इस कार्यक्रम ने मेले की सांस्कृतिक शुरुआत को यादगार बना दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने देर रात तक कवियों को सुना। अब मेले के अगले दो दिनों में भी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- रिकॉर्डिंग बंद करने की मांग क्यों की गई?
- शैलेश लोढ़ा ने कहा कि केवल वहां मौजूद दर्शकों को कविता सुनाई जानी चाहिए, न कि रिकॉर्डिंग करके यूट्यूब पर डाली जाए।
- कवि सम्मेलन में कौन-कौन से कवि शामिल हुए?
- कवि सम्मेलन में शैलेश लोढ़ा के साथ संजय झाला, भुवन मोहिनी, दीपक पारीक सहित कुल 13 कवि मंच साझा कर रहे थे।
- कार्यक्रम में श्रोताओं की प्रतिक्रिया कैसी रही?
- श्रोताओं ने देर रात तक बैठकर हर कविता पर तालियों से कवियों को उत्साहित किया।
- कवि सम्मेलन का समापन किस कवि की प्रस्तुति से हुआ?
- जॉनी बैरागी की हास्य कविताओं के साथ कवि सम्मेलन का समापन हुआ।
- जलझूलनी एकादशी मेले के अगले दिन क्या होगा?
- मिले के अगले दो दिनों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद



Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.