डूंगरपुर में पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म मनाया
आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए
डूंगरपुर के आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म के तहत भगवान की विभिन्न पूजाएं और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इस दौरान जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक, शांति धारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। कतिसौर, बनकोड़ा और रामगढ़ के जैन मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई।
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डूंगरपुर। डूंगरपुर के आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण महापर्व का तीसरा दिन शुक्रवार को उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। इस दौरान भगवान का जलाभिषेक, केशर पूजा, पंचामृत अभिषेक और शांति धारा की गई। श्रद्धालुओं ने सुबह से देर रात तक धार्मिक आयोजन और संगीत संध्या में भाग लिया।
मंदिर में मूल नायक आदिनाथ पूजा, दसलक्षणि पूजा, सोलह कारण पूजा, पंच मेरु पूजा, नंदीश्वर पूजा और नमिनाथ पूजा समेत सात तरह की पूजाएं हुईं। कतिसौर के आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पंडित रामचंद्र के मार्गदर्शन में धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। जलाभिषेक की बोली का लाभ गट्टू लाल जैन परिवार ने लिया, जबकि शांतिधारा का लाभ दिनेश पन्नालाल जैन परिवार को मिला।
कतिसौर के बनकोड़ा के अजीत नाथ मंदिर और रामगढ़ के आदिनाथ जैन मंदिर सहित कई कस्बों के जैन मंदिरों में भी भगवान की पूजा कर अर्घ्य चढ़ाए गए। डूंगरपुर के आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म मनाया गया। इस दौरान अभिषेक, शांतिधारा और विशेष पूजन किए गए।
सुबह के समय मंदिर में आदिनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक तहसीलदार अजबलाल सड़पावत ने किया। प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य अंकित पवन शाह परिवार (शेरगढ़) को मिला, जबकि पांडुकशीला पर निकुंज विमल शाह परिवार ने शांतिधारा की। इस अवसर पर देवशास्त्र गुरु पूजन, शांतिनाथ भगवान पंचमेरु सोलहकारण पूजन और दसलक्षण धर्म पूजन की गई। उत्तम मार्दव धर्म पूजन भी हुई और तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया गया।
शाम को सांगानेर से आए आर्यन भैया जी के मंगल प्रवचन हुए। उन्होंने बताया कि उत्तम मार्दव धर्म मन, वचन और शरीर की कठोरता को मिटाकर स्वभाव में कोमलता और विनम्रता लाता है। प्रवचन के बाद आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नरेंद्र, राजेश, निलेश, विनीत, अंकुश, सुधीर, राहुल और वीजेंद्र मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पर्युषण महापर्व के दौरान कौन-कौन सी पूजा की जाती है?
- पर्युषण महापर्व में मूल नायक आदिनाथ पूजा, दसलक्षणि पूजा, सोलह कारण पूजा, पंच मेरु पूजा, नंदीश्वर पूजा और नमिनाथ पूजा सहित अनेक पूजा-अर्चना होती हैं।
- जलाभिषेक और शांतिधारा का लाभ किसे मिला?
- जलाभिषेक का लाभ गट्टू लाल जैन परिवार को मिला, जबकि शांतिधारा का लाभ दिनेश पन्नालाल जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
- उत्तम मार्दव धर्म क्या सिखाता है?
- आर्यन भैया जी के अनुसार, उत्तम मार्दव धर्म मन, वचन और शरीर की कठोरता को मिटाकर स्वभाव में कोमलता और विनम्रता लाता है।
- पर्युषण महापर्व के धार्मिक आयोजन किसके मार्गदर्शन में हुए?
- कतिसौर के आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पंडित रामचंद्र के मार्गदर्शन में धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए।
- पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम में कौन लोग मौजूद थे?
- सांस्कृतिक कार्यक्रम में नरेंद्र, राजेश, निलेश, विनीत, अंकुश, सुधीर, राहुल और वीजेंद्र उपस्थित थे।
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