किसानों का आंदोलन टला, 3 अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी
कुरुक्षेत्र में किसानों को उपायुक्त ने 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया
कुरुक्षेत्र की शाहाबाद अनाज मंडी में भारतीय किसान यूनियन ने धान खरीद को लेकर अपना आंदोलन टाल दिया है और प्रशासन ने 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया है। हिमाचल प्रदेश में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान की खरीद 3 अक्टूबर से शुरू होगी, जिसमें किसान ऑनलाइन पंजीकरण कर टोकन बुक कर सकेंगे। खरीद चार जिलों में 11 केंद्रों पर की जाएगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य 2461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
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कुरुक्षेत्र की शाहाबाद अनाज मंडी में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने धान खरीद को लेकर बुलाई महापंचायत के बाद अपना आंदोलन टाल दिया है। उपायुक्त ने किसानों को 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने शाहाबाद अनाज मंडी में किसानों को 11:30 बजे एक घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार से धान की सरकारी खरीद को लेकर स्पष्ट स्थिति देने को कहा था। इसके बाद उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा 12:30 बजे किसानों के बीच पहुंचे और आश्वासन दिया कि 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने के लिए पत्र लिख दिया गया है।
गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि 20 सितंबर तक खरीद शुरू न होने पर 22 सितंबर को शाहाबाद के शहीद उधम सिंह स्मारक में प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसका उद्देश्य मांग पूरी न होने पर जीटी रोड पर जाम लगाना होगा।
दो दिन पहले गुरनाम सिंह ने मंडी में पहुंचकर वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 15 सितंबर से खरीद शुरू न होने पर किसानों और आरती दोनों की परेशानियां बढ़ जाएंगी। उन्होंने सरकार से 15 सितंबर से खरीद शुरू करने की मांग की थी।
इसके बाद 16 सितंबर को शाहाबाद अनाज मंडी में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई गई थी, जिसके मद्देनजर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस अधीक्षक की ओर से पांच पुलिस उप अधीक्षक की ड्यूटी लगाई गई और मंडी से जीटी रोड तक रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई।
हिमाचल प्रदेश में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान खरीद हेतु ऑनलाइन पंजीकरण 15 सितंबर से शुरू हो गया है और यह 3 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक चलेगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 72 रुपये अधिक है।
किसान अपने धान की फसल बेचने के लिए ऑनलाइन पोर्टल एचपीएपीपी पर पंजीकरण कर टोकन बुक कर सकते हैं। धान की खरीद चार सीमांत जिलों कांगड़ा, सोलन, ऊना एवं सिरमौर में की जाएगी, जहां 11 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।
पंजीकरण के लिए किसानों को एग्रीस्टैक की फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से भी सुविधा दी जा रही है। किसानों का व्यक्तिगत और जमीन संबंधी डाटा फार्मर रजिस्ट्री से ऑनलाइन लिया जाएगा, जिससे पटवारी से जमीन के सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी। बैंक संबंधी जानकारी किसानों को स्वयं भरनी होगी।
जो किसान एग्रीस्टैक में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें एचपीएपी पोर्टल पर स्वयं जानकारी भरनी होगी और पटवारी तथा कृषि अधिकारी द्वारा जमीन और उपज का ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा।
किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी धान की फसल चार जिलों में स्थापित खरीद केंद्रों में जाकर बेचें और भारत सरकार द्वारा दिए जा रहे न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उठाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किसान अपने धान की फसल बेचने के लिए कैसे पंजीकरण कर सकते हैं?
- किसान एचपीएपी पोर्टल या एग्रीस्टैक की फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और टोकन बुकिंग कर सकते हैं।
- सरकार ने धान की खरीद के लिए किन जिलों को चुना है?
- धान की खरीद केवल कांगड़ा, सोलन, ऊना, और सिरमौर जिलों में की जाएगी।
- धान की खरीद में किसानों को जमीन सत्यापन के लिए क्या करना होगा?
- जो किसान एग्रीस्टैक में पंजीकृत होंगे उनका डाटा ऑनलाइन लिया जाएगा, अन्य किसानों के लिए पटवारी और कृषि अधिकारी ऑनलाइन सत्यापन करेंगे।
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