फतेहाबाद, हांसी, झज्जर में सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ सामूहिक मुंडन किया
एक महीने से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने नोटिस और बर्खास्तगी के बावजूद विरोध जारी रखा
फतेहाबाद, हांसी और झज्जर में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के विरोध में सामूहिक मुंडन किया है और पिछले एक महीने से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बर्खास्तगी और नोटिस के बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है।
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फतेहाबाद, हांसी और झज्जर में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ सामूहिक मुंडन कर विरोध जताया। वे पिछले एक महीने से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और नोटिस व बर्खास्तगी के बावजूद आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है।
सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
झज्जर में नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठाई जा रही है, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही। उन्होंने सरकार और उसके प्रतिनिधियों को मृत मानते हुए विरोध स्वरूप सामूहिक मुंडन करवाया।
फतेहाबाद में भी सफाई और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल को एक महीना पूरा हो गया है। यहां 14 पक्के कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और 10 फायर ब्रिगेड नेताओं को नौकरी से बर्खास्त किया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि वे एफआईआर, जेल या बर्खास्तगी की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
हांसी में भी सफाई कर्मचारी 30वें दिन हड़ताल पर हैं। उन्होंने नगर परिषद प्रांगण में सामूहिक मुंडन करवाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। तीन कर्मचारी जो कई सालों से कच्चे कर्मचारी हैं, उन्होंने भी हड़ताल जारी रखने का संकल्प जताया।
नोटिस और बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई से कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं
सूरज कुमार, सचिव
राज्य कमेटी के आह्वान पर वे पिछले 30 दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं
सतबीर सहारण, नेता
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सफाई कर्मचारी किन कारणों से हड़ताल कर रहे हैं?
- वे सरकार की नीतियों और अपनी मांगों पर अनदेखी के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
- क्या कर्मचारियों ने आगे भी आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है?
- हाँ, कर्मचारी नोटिस, बर्खास्तगी और धमकियों के बावजूद हड़ताल जारी रखने का संकल्प ले चुके हैं।
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