पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने अभाविप के आंदोलन का समर्थन किया
छात्रों की परीक्षा अनियमितताओं और लंबित परिणामों सहित मांगों पर सरकार से शीघ्र समाधान की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है और उनकी मांगों के शीघ्र समाधान की बात कही है। उन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और समयबद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
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पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य हमारे राज्य का भविष्य है और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होना चाहिए।
अर्जुन मुंडा ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा है कि झारखंड के छात्र राज्य का वर्तमान और भविष्य दोनों हैं। उन्होंने कहा कि उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता।
छात्रों की मांगों में परीक्षा व्यवस्था की अनियमितताओं, लंबित परीक्षाओं और परिणामों के साथ-साथ प्रशासनिक भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच, छात्र शिकायत समाधान केंद्र की स्थापना, बेहतर छात्रावास और पुस्तकालय, यूजी सीटों की बहाली, बीएड की सीटें बढ़ाने, एलएलबी की पढ़ाई शुरू करने तथा समयबद्ध पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शामिल हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि विद्यार्थियों को अपनी बुनियादी शैक्षणिक समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन और भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और झारखंड सरकार से आग्रह किया है कि वे छात्रों की आवाज को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनें तथा आंदोलनरत विद्यार्थियों से तत्काल संवाद स्थापित करें।
मुंडा ने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन सभी मांगों पर समयबद्ध, पारदर्शी एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें। छात्रों का समय, शिक्षा और भविष्य प्रशासनिक लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।
इससे पहले नियुक्तियों में हुई घोटालों के मुद्दे पर विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी भी दुमका में प्रदर्शन कर चुके हैं। भाजपा झारखंड में जेनरेशन जेड और छात्रों के मुद्दों के आधार पर हेमंत सरकार पर हमलावर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अर्जुन मुंडा ने छात्रों के आंदोलन को क्यों समर्थन दिया?
- उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य राज्य का भविष्य है और उनकी समस्याओं को जल्द हल करना जरूरी है।
- छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?
- वे परीक्षा अनियमितताओं, लंबित परीक्षाएं, भ्रष्टाचार की जांच, यूजी सीटें बहाली, बीएड सीटें बढ़ाने जैसी मांगें कर रहे हैं।
- सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से क्या अपेक्षा की गई है?
- मुंडा ने कठोर, पारदर्शी, और समयबद्ध कार्रवाई करने तथा आंदोलनरत छात्रों से संवाद स्थापित करने को कहा है।
- भाजपा ने इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया है?
- भाजपा झारखंड में छात्रों और जेनरेशन जेड के मुद्दों को लेकर हेमंत सरकार पर हमलावर है।
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