भिवाड़ी में तेज बारिश से जलभराव, मंदिरों में श्रद्धालुओं को दिक्कत
शहर की सड़कों पर पानी जमा, किसानों को मिली राहत, चुनावी मुद्दा बना जलभराव
भिवाड़ी में 4 सितंबर को हुई तेज बारिश से कई सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और मंदिरों में श्रद्धालुओं को दिक्कत हुई। बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की खराब स्थिति को उजागर किया है और नगर परिषद चुनाव में जलभराव को प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है। वहीं, किसानों को खरीफ फसलों के लिए इस बारिश से राहत मिली है।
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भिवाड़ी। भिवाड़ी में 4 सितंबर को हुई तेज बारिश से शहर की कई सड़कों पर जलभराव हो गया। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और मंदिरों में श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। बारिश के कारण नगर परिषद चुनाव में जलभराव समस्या प्रमुख मुद्दा बन गई है।
शहर के विवेकानंद पार्क, शीतला कॉलोनी, खटीक पाड़ा, कटरा बाजार, जिला अस्पताल रोड, मंडावरा रोड, जाट की सराय, जिला अस्पताल, जैन मंदिर रोड और टेलीफोन एक्सचेंज चौराहा समेत 12 से अधिक प्रमुख मार्ग जलभराव की चपेट में रहे। कई जगह पानी और कीचड़ जमा होने से आवाजाही मुश्किल हो गई। स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण राहगीरों को पानी में छिपे गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाया। कीचड़ वाले रास्तों पर फिसलन से भी लोगों को परेशानी हुई।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के मौके पर मंदिरों में धार्मिक आयोजन चल रहे थे, लेकिन बारिश के कारण श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में दिक्कत हुई। इसके बावजूद लोगों का उत्साह बना रहा और वे बारिश के बीच भी मंदिरों तक पहुंचते रहे। मौसम विभाग ने 7 सितंबर तक बारिश की चेतावनी जारी की है।
शहर में बारिश के बाद जलभराव की समस्या ने ड्रेनेज सिस्टम की खराब स्थिति को फिर उजागर किया है। शहरवासियों का कहना है कि जलभराव को नगर परिषद चुनाव में प्रमुख मुद्दा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से शहर के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने की ठोस योजना अपने चुनावी एजेंडे में शामिल करने की मांग की है।
भिवाड़ी के अलवर बाइपास और भगत सिंह कॉलोनी क्षेत्र में सड़क पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। कानोड़ नगर पालिका क्षेत्र, बड़ा राजपुरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लंबे इंतजार के बाद बारिश शुरू हुई, जिससे किसानों और आम लोगों को राहत मिली। अचानक मौसम बदलने से वातावरण सुहावना हो गया और लोगों ने गर्मी व उमस से राहत महसूस की।
खेतों में खड़ी फसलें पकने के अंतिम चरण में हैं और किसानों ने इस बारिश को फसलों के लिए अमृत वर्षा बताया। लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसान चिंतित थे, लेकिन बारिश शुरू होते ही उनके चेहरे पर खुशी देखी गई। बारिश से खेतों को जरूरी नमी मिलने की उम्मीद है और यदि मौसम अनुकूल बना रहा तो फसलों के उत्पादन पर अच्छा असर पड़ेगा।
बारिश शुरू होते ही ग्रामीण इलाकों में भी उत्साह दिखा। नाहारखोहरा और आसपास के इलाकों में रातभर रिमझिम बारिश हुई। शनिवार सुबह करीब 6 बजे अचानक बारिश तेज हो गई, जिससे गांव की सड़कें और रास्ते पानी से भर गए। लगातार बारिश के कारण मौसम अच्छा हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि तेज बारिश के चलते सड़कों पर पानी जमा होने से आवाजाही में परेशानी हो रही है। कई जगह पानी भरने से वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ रहा है। आसपास के गेरोटा, भावगढ़, लाखनपुर, बसेड़ी, डैण्डान, नंदरी सहित अन्य गांवों में भी बारिश हुई। किसानों के अनुसार इस बारिश से बाजरा सहित खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
उपखंड मुख्यालय हिंडौन सिटी में भादों माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से करीब 6 घंटे पहले तेज बारिश शुरू हो गई थी। बारिश से मौसम सुहाना हो गया, लेकिन शहर की सड़कों पर जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। रात 8 बजे के बाद भी बारिश का दौर जारी रहा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बारिश से सबसे ज्यादा किसे परेशानी हुई?
- बारिश से राहगीर, वाहन चालक और मंदिरों में श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।
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