इस्लामिक प्रार्थना पर निलंबित शिक्षक को हाईकोर्ट ने दी राहत
प्रयागराज हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगाई, जांच 15 दिन में पूरी करने का निर्देश
प्रयागराज हाईकोर्ट ने छात्रों के इस्लामिक प्रार्थना करने के आरोप में निलंबित शिक्षक मोहम्मद अनजर अहमद को जांच पूरी होने तक निलंबन से राहत दी है। कोर्ट ने आरोपों की सच्चाई पर फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है और विभागीय जांच में शिक्षक को अपनी दलीलें रखने का मौका मिलेगा।
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प्रयागराज हाईकोर्ट ने छात्रों के इस्लामिक प्रार्थना करने के आरोप में निलंबित शिक्षक मोहम्मद अनजर अहमद को राहत दी है।
कोर्ट का आदेश और जांच
उन्होंने बताया कि इस स्तर पर आरोपों के गुण-दोष पर फैसला करने की जरूरत नहीं है। विभागीय जांच में शिक्षक को अपनी बेगुनाही साबित करने का पूरा मौका मिलेगा।
हालांकि कोर्ट ने आरोपों की सच्चाई पर इस चरण में कोई फैसला नहीं किया है। जांच के बाद ही अंतिम फैसला होगा। शिक्षक का निलंबन जांच पूरी होने तक प्रभावी नहीं रहेगा।
शिक्षक और सरकार के दावे
शिक्षक मोहम्मद अनजर अहमद ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर 10 मई को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, संभल के निलंबन आदेश को चुनौती दी थी। उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि जिस समय की घटना बताई जा रही है, वह मेडिकल लीव पर थे। उनका दावा था कि कथित गतिविधियां उनके कार्यकाल के दौरान नहीं हुई थीं और वे विभागीय जांच में अपनी दलीलें और दस्तावेज़ पेश करना चाहते हैं।
राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि शिक्षक उस प्रार्थना कार्यक्रम के दौरान मौजूद थे जिसमें छात्र इस्लामिक प्रार्थना कर रहे थे। छात्रों की यूनिफॉर्म को लेकर भी सरकार ने वही आरोप दोहराए।
दतिया राजपरिवार की संपत्ति विवाद
दतिया के पूर्व राजपरिवार की करीब 1600 करोड़ रुपए की संपत्ति विवादित बनी हुई है। यह विवाद 2019 से चचेरे भाइयों के बीच चल रहा है। एक पक्ष में घनश्याम सिंह हैं और दूसरे पक्ष में उनके चचेरे भाई गिरिराज सिंह व बुआ हेमलता।
ग्वालियर हाईकोर्ट ने संपत्तियों की खरीद-बिक्री, नामांतरण और निर्माण पर अंतरिम रोक लगाई है। कोर्ट ने थर्ड पार्टी राइट्स बनाने पर भी पाबंदी लगाई है। निचली कोर्ट ने अंतरिम स्टे देने से इनकार किया था। सेंवढ़ा किला और पीली कोठी समेत करीब 55 बीघा जमीन की कीमत 500-700 करोड़ रुपए आंकी गई है।
संपत्तियों के मालिकाना हक को लेकर कानूनी जंग जारी है।
फर्जी पासपोर्ट मामले में घूसखोरी
मध्य प्रदेश के पांच जिलों में फर्जी पासपोर्ट बनाने के खेल में सरकारी अमले को घूस देने का मामला सामने आया है। इस मामले में 17 लाख रुपए में 70 बांग्लादेशियों को भारतीय नागरिकता दिलाने का आरोप है। जांच जारी है।
यह कोशिश हो कि जांच 15 दिन के अंदर पूरी कर ली जाए.
कोर्ट, जस्टिस मंजू रानी चौहान की बेंच
आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक शिक्षक उस समय स्कूल में मौजूद थे.
सरकारी वकील
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- फर्जी पासपोर्ट मामले में जांच कहां हो रही है और क्या कार्रवाई हो रही है?
- मध्य प्रदेश के पांच जिलों में यह मामला उजागर हुआ है और जांच जारी है। सरकारी अमले को भी घूस देने के आरोप हैं।
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