भारतीय निशानेबाजों को नागोया में लंबी दूरी और ट्रांसपोर्ट से परेशानी
जापान में अभ्यास स्थल तक पहुंचने में देरी से खिलाड़ियों को दिक्कत हो रही है
नागोया में एशियाई खेलों में हिस्सा लेने आए भारतीय निशानेबाजों को अभ्यास और प्रतिस्पर्धा स्थल तक लंबी दूरी और परिवहन में देरी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ी 50 किलोमीटर दूर अलग-अलग होटलों में रह रहे हैं और निशानेबाजी रेंज तक पहुंचने के लिए बसों की देरी भी हो रही है। कोच ने इस मुद्दे को भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के सामने उठाया है।
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नागोया में एशियाई खेलों में हिस्सा लेने आए भारतीय निशानेबाजों को अभ्यास और प्रतिस्पर्धा स्थल तक पहुंचने में लंबी दूरी और परिवहन की देरी से परेशानी हो रही है। कोच ने कहा कि बंदोबस्त मेजबान देश की छवि के अनुरूप नहीं है।
भारतीय निशानेबाजी दल के सदस्य 50 किलोमीटर दूर अलग-अलग होटलों में रुके हैं। निशानेबाजों को रेंज तक पहुंचने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। निशानेबाजी रेंज के आसपास कोई होटल नहीं है, इसलिए खिलाड़ियों को तीन-चार होटलों में रहना पड़ रहा है। नाश्ते के लिए वे एक होटल में इकट्ठा होते हैं, जहां से बस लेनी होती है।
कोच ने बताया कि निशानेबाजों को रेंज तक ले जाने वाली बसें भी देर से पहुंची। एक बस को 8.40 बजे रवाना होना था, जो नौ बजे के बाद गई, जबकि दूसरी बस 9.40 बजे जाने वाली थी, जो 10.30 बजे निकली।
कोच ने कहा कि लंबी यात्रा निशानेबाजों के लिए नई बात नहीं है क्योंकि रेंज अक्सर शहर से दूर होती है, लेकिन जापान में इस बंदोबस्त से निराशा हुई है। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के सामने यह मसला उठाया गया है, हालांकि हाल ही में व्यक्तिगत तौर पर अधिकारियों से इस पर बात नहीं हुई है। उनका मानना है कि महासंघ ने आयोजकों से इस पर चर्चा की होगी।
कोच ने यह भी कहा कि चीन में 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में भी रेंज तक पहुंचने में एक घंटा लगता था, लेकिन जापान की मेजबानी की छवि के अनुरूप व्यवस्था नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- निशानेबाजों को किस प्रकार की समस्या हो रही है?
- उनको अभ्यास और प्रतिस्पर्धा स्थल तक पहुंचने में परिवहन की देरी और लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
- क्या निशानेबाजी रेंज के पास कोई आवास है?
- नहीं, रेंज के आसपास कोई होटल नहीं है, इसलिए खिलाड़ी तीन-चार अलग-अलग होटलों में रहते हैं।
- क्या कोच ने इस समस्या को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया है?
- कोच ने कहा कि राष्ट्रीय राइफल संघ के सामने यह मसला उठाया गया लेकिन हाल ही में व्यक्तिगत बातचीत नहीं हुई।
- क्या इससे पहले किसी अन्य एशियाई खेलों में भी ऐसी दूरी का सामना करना पड़ा था?
- हाँ, 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में भी निशानेबाजों को रेंज तक पहुंचने में लगभग एक घंटा लगता था।
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