परीक्षा केंद्र पर मोबाइल चलाते दिखे वीक्षक, जांच में कई खामियां
ईओयू ने बीपीएसएससी को पांच पत्र भेजकर जवाब मांगा, जांच जारी
बिहार में दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर वीक्षक को मोबाइल चलाते देखा गया, जिसे लेकर आर्थिक अपराध इकाई की एसआईटी ने जांच शुरू की है। जांच में कई खामियां और जैमर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं, जिनके आधार पर बीपीएसएससी से गड़बड़ियों के संबंध में जवाब मांगे गए हैं।
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बिहार में दारोगा बहाली मुख्य परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर वीक्षक को मोबाइल चलाते देखा गया। आर्थिक अपराध इकाई की एसआईटी ने बीपीएसएससी की जांच रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज का अध्ययन कर कई खामियां पाई हैं।
एसआईटी ने पूर्णिया और गया जिलों के परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच के दौरान एक वीक्षक को मोबाइल फोन चलाते हुए देखा गया, जिससे जैमर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। ईओयू सूत्रों के मुताबिक, संभवत: जैमर प्रभावी तरीके से काम नहीं कर रहा था।
ईओयू ने अब तक बीपीएसएससी को पांच पत्र लिखकर आपत्तियों और गड़बड़ियों के संबंध में जवाब मांगा है। इनमें से एक पत्र का जवाब मिला है, जबकि बाकी की प्रतीक्षा है। आयोग की रिपोर्ट में कई प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट नहीं पाए गए हैं, जिनका एसआईटी सत्यापन कर रही है।
एसआईटी ने तीन सितंबर को बीपीएसएससी को पत्र लिखकर दोनों जिलों के केंद्रों में हुई गड़बड़ियों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद आठ और पंद्रह सितंबर को भी पत्र भेजे गए। ईओयू ने कुछ केंद्रों पर 25 से 30 प्रतिशत तक अभ्यर्थियों के उत्तीर्ण होने की शिकायत मिलने पर टॉप-20 परीक्षा केंद्रों की सूची भी मांगी है।
बुधवार को डीआईजी एमएस ढिल्लो और एडीजी अमित कुमार जैन ने एसआईटी के साथ बैठक कर अब तक की जांच की समीक्षा की। बैठक में मिले साक्ष्यों, आयोग के जवाब और वीडियो फुटेज का मिलान किया गया। जांच पूरी होने के बाद गड़बड़ियों की स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।
ईओयू सभी उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है और जांच की गति बढ़ा दी गई है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने दारोगा भर्ती परीक्षा में हुई कथित धांधली से जुड़े प्रश्नों के जवाब आर्थिक अपराध इकाई को सौंपे थे।
जांच एजेंसी वीडियो फुटेज में वीक्षक के मोबाइल इस्तेमाल से जुड़े दृश्य की भी जांच कर रही है। हालांकि, केवल वीडियो में मोबाइल दिखाई देने से जैमर के काम नहीं करने की पुष्टि नहीं होती।
एसआईटी दारोगा भर्ती परीक्षा में धांधली से संबंधित आरोपों की जांच कर रही है और आयोग से प्राप्त जवाबों का अध्ययन कर रही है।
परीक्षा के दौरान मिली शिकायतों और साक्ष्यों के आधार पर ईओयू ने बीपीएसएससी से जवाब मांगा है ताकि परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- एसआईटी ने जांच के दौरान किन संदिग्ध गतिविधियों पर ध्यान दिया?
- जांच में विशेष रूप से वीक्षक द्वारा मोबाइल फोन इस्तेमाल और जैमर की कार्यप्रणाली की कार्यकुशलता पर सवाल उठाए गए।
- बीपीएसएससी ने ईओयू के पत्रों का कितना जवाब दिया है?
- ईओयू के पांच पत्रों में से एक का जवाब मिला है, बाकी का जवाब अभी प्रतीक्षित है।
- ईओयू ने परीक्षा केंद्रों से क्या विशेष जानकारी मांगी है?
- ईओयू ने टॉप-20 परीक्षा केंद्रों की सूची मांगी है जहां 25-30 प्रतिशत तक अभ्यर्थी पास हुए।
- जांच एजेंसी वीडियो फुटेज के आधार पर क्या निष्कर्ष पर पहुंची है?
- वीडियो में मोबाइल इस्तेमाल दिखने के बावजूद जैमर न काम करने की पुष्टि नहीं हुई है।
- जांच का अगला कदम क्या होगा?
- जांच पूरी होने के बाद गड़बड़ी की स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट की जाएगी।
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