प्रीता वर्मा ने संभाला बिहार पुलिस का अतिरिक्त DGP प्रभार
तीन दशक के अनुभव वाली IPS अधिकारी ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी
1991 बैच की बिहार कैडर की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा ने 15 सितंबर से अतिरिक्त प्रभारी DGP का प्रभार संभाला है। उन्होंने सूखे नशे, महिला-बाल सुरक्षा, गया के पितृपक्ष मेले की सुरक्षा और सीमा निगरानी को प्राथमिकता दी है। यह प्रभार DGP विनय कुमार के अवकाश के दौरान दिया गया है।
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1991 बैच की बिहार कैडर की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा ने 15 सितंबर को प्रभारी DGP का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। उन्होंने पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर सूखे नशे, महिला-बाल सुरक्षा, गया के पितृपक्ष मेले की सुरक्षा और सीमा निगरानी को प्राथमिकता दी।
प्रीता वर्मा ने सभी रेंज के IG-DIG और जिलों के SP के साथ बैठक कर पुलिसिंग की प्राथमिकताएं तय कीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कार्रवाई प्रभावी और त्वरित होनी चाहिए, खासकर संवेदनशील मामलों में लापरवाही न बरती जाए।
प्रभारी DGP ने सूखे नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा है। पुलिस को नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री से जुड़े नेटवर्क की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष ध्यान उन गतिविधियों पर रखा जाएगा, जिनसे युवा और बच्चे प्रभावित हो सकते हैं।
महिला और बाल सुरक्षा का मुद्दा भी बैठक में प्रमुख रहा। प्रीता वर्मा ने पुलिस अधिकारियों से संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सुरक्षा और पुलिस निगरानी को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। महिलाओं और बच्चियों से जुड़े मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।
गया में पितृपक्ष मेला शुरू हो चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। प्रभारी DGP ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस की तैयारियों की समीक्षा पर भी जोर दिया गया।
सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों को सीमा पार से संदिग्ध गतिविधियों और घुसपैठ पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। सीमा से जुड़े इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा करने और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
प्रीता वर्मा ने 11 अक्टूबर 1992 को IPS सेवा ज्वाइन की थी। वह 1991 बैच की बिहार कैडर की अधिकारी हैं और उनका होम स्टेट राजस्थान है। उनकी शैक्षणिक योग्यता बीए दर्ज है। तीन दशक से अधिक के अनुभव के साथ वह बिहार कैडर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं।
उन्होंने जुलाई 2026 में बिहार होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा का DG बनाया गया था। इससे पहले वह बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। DGP विनय कुमार के 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अवकाश पर रहने के कारण उन्हें प्रभारी DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विनय कुमार के लौटने पर यह प्रभार समाप्त हो जाएगा।
प्रीता वर्मा को स्वतंत्रता दिवस 2023 पर राष्ट्रपति पुलिस पदक फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस के लिए चुना गया था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- प्रीता वर्मा की पुलिस सेवा में अनुभव कितना है?
- उनके पास तीन दशक से अधिक का अनुभव है, जो उन्हें बिहार कैडर के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल करता है।
- प्रीता वर्मा ने अतिरिक्त प्रभार संभालने से पहले क्या जिम्मेदारी निभाई थी?
- उन्होंने बिहार होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा के DG के रूप में कार्य किया और बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की जिम्मेदारी संभाली।
- प्रीता वर्मा ने सूखे नशे के खिलाफ क्या निर्देश दिए?
- उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के नेटवर्क की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।
- गया के पितृपक्ष मेले के दौरान किन सुरक्षा उपायों पर ध्यान दिया गया?
- पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा पर फोकस किया गया।
- प्रभारी DGP ने महिला और बाल सुरक्षा के लिए क्या निर्देश दिए?
- उन्होंने स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सुरक्षा को प्रभावी बनाने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
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