आईफोन 18 प्रो खरीदने के लिए कितनी होनी चाहिए सैलरी
1,64,900 रुपये के फोन की ईएमआई और बजट पर विशेषज्ञों की सलाह
भारत में नए आईफोन 18 प्रो की कीमत 1,64,900 रुपये है, जिसे बिना ईएमआई के खरीदने के लिए मासिक सैलरी कम से कम 2.5 लाख रुपये होनी चाहिए। वित्तीय सलाहकार बताते हैं कि किसी गैजेट पर मासिक आय का आधा से अधिक खर्च न करें और ईएमआई कुल आय का 10 प्रतिशत से ज्यादा न हो। बजट का सही आकलन किए बिना महंगे फोन खरीदने से बचना चाहिए ताकि वित्तीय स्थिति प्रभावित न हो।
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भारत में एपल के नए आईफोन 18 प्रो को लेकर युवाओं और तकनीक प्रेमियों में जबरदस्त क्रेज है। इस फोन की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये है, जिसे खरीदने से पहले मासिक इन-हैंड सैलरी का हिसाब लगाना जरूरी है ताकि वित्तीय स्थिति प्रभावित न हो।
फाइनेंशियल एडवाइजर्स का मानना है कि किसी भी फोन या लाइफस्टाइल गैजेट पर आपकी एक महीने की कुल इन-हैंड सैलरी के आधे से ज्यादा खर्च नहीं होना चाहिए। अगर आप बिना ईएमआई के पूरे पैसे एकमुश्त देना चाहते हैं, तो आपकी मासिक सैलरी कम से कम 2.5 लाख से 3 लाख रुपये होनी चाहिए। इस स्तर की कमाई पर 1.5 लाख रुपये से अधिक का खर्च आपके इमरजेंसी फंड, बचत और बुनियादी खर्चों को प्रभावित नहीं करता।
ज्यादातर भारतीय खरीदार महंगे आईफोन खरीदने के लिए नो-कॉस्ट ईएमआई या क्रेडिट कार्ड किस्तों का सहारा लेते हैं। 1,64,900 रुपये के बेस मॉडल को 12 महीने की ईएमआई पर लेने पर हर महीने लगभग 13,800 से 14,000 रुपये की किस्त बनती है। छह महीने की अवधि चुनने पर मासिक किस्त करीब 27,500 रुपये होती है। वित्तीय अनुशासन के अनुसार गैर-जरूरी गैजेट की मासिक किस्त आपकी कुल इन-हैंड सैलरी के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
सालाना पैकेज के हिसाब से यह करीब 18 से 22 लाख रुपये होता है। घरेलू खर्चों के लिए 50-30-20 नियम पॉपुलर है, जिसमें 50 प्रतिशत कमाई बुनियादी जरूरतों, 30 प्रतिशत शौक और लाइफस्टाइल, और 20 प्रतिशत बचत व निवेश पर खर्च होती है।
अगर आपकी सैलरी 70,000 या 80,000 रुपये है और आप 14,000 रुपये की ईएमआई भरते हैं, तो जरूरी खर्चे और बचत प्रभावित हो सकते हैं। इससे अचानक मेडिकल या घरेलू खर्चों के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है। मासिक आय 1.5 लाख रुपये से कम हो और इमरजेंसी फंड पर्याप्त न हो तो नया आईफोन खरीदने से बचना चाहिए।
ऐसे में पुराने फोन को ट्रेड-इन एक्सचेंज बोनस पर बेचने, बैंक ऑफर्स या फेस्टिव डिस्काउंट का इंतजार करने जैसे विकल्प बेहतर वित्तीय फैसले साबित हो सकते हैं।
स्मार्टफोन एक ऐसी संपत्ति है जिसका मूल्य समय के साथ तेजी से घटता है। इसलिए खरीदारी से पहले बजट का सही आकलन जरूरी है ताकि वित्तीय दबाव न बढ़े।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आईफोन 18 प्रो खरीदने से पहले किस तरह का वित्तीय अनुशासन अपनाएं?
- वित्तीय अनुशासन के अनुसार मासिक किस्त आपकी कुल इन-हैंड सैलरी के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे इमरजेंसी फंड और बचत सुरक्षित रहती है।
- अगर मेरी सैलरी 80,000 रुपये है तो क्या आईफोन 18 प्रो खरीदना सही होगा?
- 80,000 रुपये सैलरी वाले को 14,000 रुपये की ईएमआई भरने से बचना चाहिए क्योंकि इससे जरूरी खर्चे और बचत प्रभावित हो सकते हैं।
- आईफोन 18 प्रो खरीदने के लिए अन्य कौन से विकल्प बेहतर होते हैं?
- पुराने फोन को ट्रेड-इन एक्सचेंज बोनस पर बेचने, बैंक ऑफर्स का फायदा उठाने या फेस्टिव डिस्काउंट का इंतजार करना बेहतर विकल्प हैं।
- 50-30-20 नियम क्या है और इसका क्या महत्व है?
- यह नियम आय का 50% बुनियादी जरूरतों, 30% शौक व लाइफस्टाइल और 20% बचत व निवेश में खर्च करने का सुझाव देता है, जो वित्तीय संतुलन बनाता है।
- स्मार्टफोन खरीदने से पहले क्या ध्यान रखना चाहिए?
- कीमत घटने वाली संपत्ति होने के कारण बजट का सही आकलन जरूरी है ताकि वित्तीय दबाव न बढ़े।
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