वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे का चेयरमैन पद छोड़ा
हॉवर्ड बफेट बने नए चेयरमैन, वॉरेन बने चेयरमैन एमेरिटस
अमेरिकी निवेशक वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से इस्तीफा देकर मानद चेयरमैन का पद ग्रहण किया है, जबकि उनके बेटे हॉवर्ड बफेट नए चेयरमैन बने हैं। बफेट ने 1965 में कंपनी का नियंत्रण लिया था और इसे आज दुनिया की प्रमुख कंपनियों में बदल दिया है। कंपनी ने हाल ही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है, जिसमें तिमाही ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 16% की बढ़ोतरी हुई है।
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अमेरिकी निवेशक वॉरेन बफेट ने 18 सितंबर को बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। कंपनी ने बताया कि वे अब मानद चेयरमैन यानी चेयरमैन एमेरिटस की भूमिका निभाएंगे और बोर्ड में बने रहेंगे। उनके बेटे हॉवर्ड बफेट को नया चेयरमैन चुना गया है।
बर्कशायर हैथवे के बोर्ड ने लंबे समय से तय उत्तराधिकार योजना के तहत हॉवर्ड बफेट को नया चेयरमैन बनाया है। हॉवर्ड 1993 से कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर हैं और 1999 से हॉवर्ड जी बफेट फाउंडेशन का नेतृत्व कर रहे हैं, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा और संघर्ष समाधान पर काम करता है। वे कई सार्वजनिक और निजी कंपनियों के बोर्ड में रह चुके हैं और यूनाइटेड नेशन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के गुडविल एम्बेसडर भी रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वॉरेन के बनाए गए कल्चर और वैल्यू कंपनी के फोकस में बने रहेंगे और हॉवर्ड इसे आगे बढ़ाएंगे। सुजैन डेकर लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद पर बनी रहेंगी।
वॉरेन बफेट ने 1965 में बर्कशायर हैथवे का नियंत्रण लिया था, जो उस समय एक संघर्ष कर रही टेक्सटाइल कंपनी थी। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक में बदल दिया। आज कंपनी की वैल्यू करीब 98 लाख करोड़ रुपए है। इसके पोर्टफोलियो में कोका-कोला, क्राफ्ट हेंज, एपल, जीको और नेटजेट्स जैसे बड़े ब्रांड शामिल हैं।
बफेट ने बताया कि उन्होंने 1962 में यह कंपनी इसलिए खरीदी क्योंकि मैनेजमेंट ने उन्हें धोखा दिया था। 1964 में कंपनी के मालिक ने स्टॉक खरीदने का वादा किया था, लेकिन कीमत कम भेजी गई। इस धोखे से गुस्साए बफेट ने स्टॉक बेचने के बजाय पूरी कंपनी खरीद ली और मालिक को नौकरी से निकाल दिया। वे इसे अपनी सबसे बड़ी गलती मानते हैं क्योंकि उन्होंने डूबते टेक्सटाइल बिजनेस में सालों तक पैसा फंसा रखा।
बफेट ने अपने निवेशकों को लिखे पत्र में कहा, "फादर टाइम ऑलवेज विंस" यानी समय के सामने हर किसी को झुकना पड़ता है। उन्होंने इस पद को करीब 56 साल संभाला। उन्होंने कहा कि इसने उन्हें कंपनी को उस मुकाम तक पहुंचते देखने का मौका दिया है, जहां वे भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा आश्वस्त हैं।
कंपनी ने दूसरी तिमाही में भारी कैश रिजर्व कम करना शुरू कर दिया है। तिमाही ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16% बढ़कर 12.98 बिलियन डॉलर हो गया और नेट इनकम दोगुनी से अधिक होकर 25.67 बिलियन डॉलर पहुंच गई। कंपनी ने अल्फाबेट जैसे स्टॉक्स में अरबों डॉलर का निवेश किया और अपने अरबों डॉलर के शेयर वापस खरीदे।
अमेरिकी बिजनेस के इतिहास में बर्कशायर और इसके शेयरहोल्डर्स पर वॉरेन के योगदान की कोई तुलना नहीं की जा सकती
ग्रेग एबेल, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- वॉरेन बफेट ने चेयरमैन पद क्यों छोड़ा?
- उन्होंने कहा कि 'फादर टाइम ऑलवेज विंस' यानी समय के सामने हर किसी को झुकना पड़ता है।
- हॉवर्ड बफेट की कंपनी में भूमिका क्या रही है?
- हॉवर्ड 1993 से बोर्ड में डायरेक्टर हैं और 1999 से हॉवर्ड जी बफेट फाउंडेशन का नेतृत्व कर रहे हैं।
- बर्कशायर हैथवे के पोर्टफोलियो में कौन-कौन से ब्रांड शामिल हैं?
- कंपनी के पोर्टफोलियो में कोका-कोला, क्राफ्ट हेंज, एपल, जीको और नेटजेट्स आदि शामिल हैं।
- कंपनी ने तिमाही में क्या सुधार दिखाया?
- दूसरी तिमाही में भारी कैश रिजर्व कम करना शुरू किया और शेयरों की वापसी की।
- बर्कशायर हैथवे की इतिहास में वॉरेन बफेट का योगदान क्या है?
- ग्रेग एबेल के अनुसार, अमेरिकी बिजनेस इतिहास में उनका योगदान बेमिसाल है।
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