जयपुर बुकमार्क 2027 में भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप
14 जनवरी से गुजराती साहित्य पर विशेष जोर के साथ होगा आयोजन
जयपुर में 14 जनवरी से शुरू होने वाले जयपुर बुकमार्क 2027 में भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप के तहत दोनों देशों के एक-एक इंडिपेंडेंट पब्लिशर का चयन किया जाएगा, जो जनवरी में जयपुर बुकमार्क और मार्च में लंदन बुक फेयर में भाग लेंगे। यह पहल ब्रिटिश काउंसिल के सहयोग से संचालित होगी और इसके जरिए स्वतंत्र प्रकाशकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और नेटवर्किंग के अवसर मिलेंगे।
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जयपुर। राजधानी जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में 14 जनवरी से जयपुर बुकमार्क 2027 का 14वां संस्करण शुरू होगा। इस बार कार्यक्रम में भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप की पहल के तहत दोनों देशों के इंडिपेंडेंट पब्लिशर चुने जाएंगे।
जयपुर बुकमार्क 2027 में भारत और दुनिया के विभिन्न देशों से पब्लिशर, संपादक, साहित्यिक एजेंट, लेखक, अनुवादक और प्रकाशन क्षेत्र से जुड़े पेशेवर शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रकाशन उद्योग पर तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव, राइट्स और अनुवाद के अवसरों पर चर्चा होगी।
भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप ब्रिटिश काउंसिल के साथ मिलकर संचालित की जाएगी। इसके तहत भारत और यूके से एक-एक इंडिपेंडेंट पब्लिशर का चयन किया जाएगा, जो 14 से 18 जनवरी 2027 तक जयपुर बुकमार्क और 16 से 18 मार्च 2027 तक लंदन बुक फेयर में भाग लेंगे। चयन के लिए खुली आवेदन प्रक्रिया होगी।
चयन में प्रकाशकों की किताबों की सूची, अनुवाद और भारत-यूके सहयोग में रुचि, नए अनुवाद प्रकाशित करने की प्रतिबद्धता और फेलोशिप से व्यावसायिक लाभ लेने की क्षमता को आधार बनाया जाएगा। पहले अंतरराष्ट्रीय अवसरों में भाग नहीं लेने वाले प्रकाशकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे इंडिपेंडेंट पब्लिशर को नेटवर्क विस्तार, राइट्स और अनुवाद के नए अवसर तलाशने के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन उद्योग से जुड़ने का मंच मिलेगा।
इस बार गुजराती लिटरेचर और अनुवाद पर विशेष जोर रहेगा। गुजराती लेखकों, प्रकाशकों और अनुवादकों को व्यापक प्रकाशन जगत से जोड़ने के अवसर तैयार किए जाएंगे। कार्यक्रम में गुजराती साहित्य की संभावनाओं और विभिन्न भाषाओं के पाठकों तक साहित्य पहुंचाने में अनुवाद की भूमिका पर भी चर्चा होगी।
भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप के माध्यम से स्वतंत्र प्रकाशकों के बीच सहयोग और साहित्य के अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान को मजबूती मिलेगी। यह पहल किताबों, विचारों और कारोबार को भाषाओं के साथ सीमाओं के पार पहुंचाने के अवसर उपलब्ध कराएगी।
वर्ष 2014 में स्थापना के बाद से जयपुर बुकमार्क में करीब 37 देशों के पब्लिशिंग प्रोफेशनल्स हिस्सा ले चुके हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, यूके, मिस्र, आयरलैंड और नॉर्वे सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल रहे हैं। पिछले 13 वर्षों में यह मंच व्यावसायिक आदान-प्रदान, राइट्स, अनुवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक प्रमुख मंच बन चुका है।
निदेशक मनीषा चौधरी ने कहा, "भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप दोनों देशों के प्रकाशन जगत के प्रोफेशनल्स के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देती है।" निदेशक नमिता गोखले ने बताया, "जयपुर बुकमार्क विभिन्न भाषाओं, आवाजों और विचारों को जोड़ने का मंच है।" संजॉय के रॉय ने कहा, "जयपुर बुकमार्क प्रकाशन समुदाय के लिए महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप का उद्देश्य क्या है?
- यह पहल स्वतंत्र प्रकाशकों के बीच सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए है।
- फेलोशिप के लिए चयन में किन चीज़ों को ध्यान में रखा जाएगा?
- चयन में प्रकाशकों के किताबों की सूची, अनुवाद में रुचि, भारत-यूके सहयोग, नए अनुवाद प्रकाशित करने की प्रतिबद्धता और व्यावसायिक लाभ लेने की क्षमता शामिल होगी।
- गुजराती साहित्य को इस कार्यक्रम में किस प्रकार बढ़ावा मिलेगा?
- गुजराती लेखकों, प्रकाशकों और अनुवादकों को व्यापक प्रकाशन जगत से जोड़ने के अवसर बनाए जाएंगे तथा अनुवाद की भूमिका पर चर्चा होगी।
- जयपुर बुकमार्क में किन पेशेवरों की भागीदारी होती है?
- पब्लिशर, संपादक, साहित्यिक एजेंट, लेखक, अनुवादक और प्रकाशन क्षेत्र से जुड़े अन्य पेशेवर इसमें शामिल होते हैं।
- पहले कितने देशों के पब्लिशिंग प्रोफेशनल्स इस मंच में शामिल हुए हैं?
- 2014 से अब तक लगभग 37 देशों के पब्लिशिंग प्रोफेशनल्स इसमें भाग ले चुके हैं।
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