जैसलमेर से चारभुजा नाथ और देवनारायण भगवान की पदयात्रा शुरू
101 सदस्यों का पैदल संघ पांच दिन में कई धार्मिक स्थलों से गुजरेगा
जैसलमेर के बंबोरी से चारभुजा नाथ की पांच दिन की पैदल पदयात्रा 101 सदस्यों के साथ शुरू हुई, जो सांवलिया सेठ धाम, फतेहनगर और नाथद्वारा होते हुए चारभुजा नाथ धाम गढ़बोर तक जाएगी। इसी तरह, बौंली उपखंड में देवमाली स्थित देवनारायण धाम के लिए गुर्जर समाज की द्वितीय ध्वज पदयात्रा भी शुरू हुई है, जिसमें श्रद्धालु पूजा-अर्चना करेंगे।
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जैसलमेर। जैसलमेर के बंबोरी से बुधवार को चारभुजा नाथ की पांच दिन की पैदल पदयात्रा 101 सदस्यों के साथ शुरू हुई। यात्रा संघ सांवलिया सेठ धाम पहुंचकर रात्रि विश्राम करेगा और भजन-कीर्तन के साथ आगे बढ़ेगा।
यात्रा से पहले श्रद्धालुओं ने लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर में पूजा-अर्चना की। रमेश गुर्जर ने बताया, "यात्रा रवाना होने से पहले उपस्थित श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वज पूजन किय।" बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन भी मौजूद रहे।
यात्रा संघ के सदस्य पहले सांवलिया सेठ धाम पहुंचेंगे, जहां रात्रि विश्राम होगा। अगले दिन पदयात्रा फतेहनगर, नाथद्वारा समेत अन्य पड़ावों से होती हुई चारभुजा नाथ धाम गढ़बोर की ओर बढ़ेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते रहेंगे।
इसी तरह जैसलमेर के हजूरी समाज का पैदल यात्रा संघ धार्मिक उल्लास के साथ रुणिचा धाम के लिए रवाना हुआ। यात्रा संघ के प्रचार सेवक गजेंद्रसिंह पंवार ने बताया कि मंगलवार को उमा महेश सन्यास आश्रम के संत नारायण भारती महाराज ने यात्रा संघ में बुजुर्ग एवं वरिष्ठ स्वयंसेवकों की उपस्थिति में श्रद्धालु दुर्ग स्थित बाबा रामदेव मंदिर एवं गुलाब सागर स्थित बाबा रामदेव मंदिर में दर्शन पूजन कर यात्रा को आशीर्वाद दिया।
तय कार्यक्रम के अनुसार पदयात्रियों का पहला रात्रि पड़ाव बासनपीर रहा। चौथे दिन सुबह जत्था रामदेवरा फांटा पहुंचेगा तथा 18 सितंबर की शाम को समाधि के दर्शन करेगा। संघ के युवा स्वयंसेवक अनिल भाटी, भवानी भाटी, दिलीप भाटी, महिपाल भाटी, कालूसिंह भाटी, राहुल राहड़, जसवीर राठौड़, बागसिंह और भगवानराम मौजूद रहे।
सांचौर की जीनगर कॉलोनी से बुधवार सुबह गुजरात स्थित बहुचराजी माताजी के दर्शन के लिए पैदल यात्रा संघ रवाना हुआ। यात्रा में शामिल श्रद्धालु करीब पांच दिन तक पैदल सफर कर बहुचराजी माताजी के दरबार में पहुंचेंगे।
बौंली उपखंड क्षेत्र में श्री देवनारायण सेवा समिति गोल के तत्वावधान में श्री देवनारायण भगवान की द्वितीय ध्वज पदयात्रा बुधवार को रवाना हुई। श्रीनगर के बावड़ी गांव से गुर्जर समाज के लोग देवमाली स्थित सुप्रसिद्ध देवनारायण धाम के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकले। समाज के लोगों ने देवनारायण भगवान के जयकारे लगाए और पदयात्रा शुरू की। बावड़ी गांव के गुर्जर समाज के लोगों ने पदयात्रियों को माला पहनाकर विदाई दी।
ये पदयात्री देवनारायण धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे और सुख-शांति व अमन-चैन की मन्नत मांगेंगे। इस पदयात्रा में महावीर पटेल, मोहन भड़ाना, महेंद्र कालस, सोनू योगी, मुन्ना गुर्जर, मदन बारवाल, दीपक पोसवाल और करण खटाना सहित गुर्जर समाज के कई अन्य लोग शामिल हैं। यहां उन्होंने डीजे साउंड पर नाचते-गाते हुए ध्वज लेकर मंदिर में प्रवेश किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पदयात्रा के दौरान क्या गतिविधियां होती हैं?
- पदयात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हैं और धार्मिक उत्साह प्रकट करते हैं।
- बौंली की दिव्य यात्रा में कौन-कौन शामिल हैं?
- गुर्जर समाज के कई लोग जैसे महावीर पटेल, मोहन भड़ाना, महेंद्र कालस, सोनू योगी सहित अन्य शामिल हैं।
- यात्रा शुरू होने से पहले कौन-कौन से अनुष्ठान किए गए?
- श्रद्धालुओं ने लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर में पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वज पूजन किया।
- रामदेवरा यात्रा का पहला रात्री पड़ाव कहाँ होता है?
- पद यात्रियों का पहला रात्रि पड़ाव बासनपीर है।
- यात्रा को कौन आशीर्वाद देने के लिए आए थे?
- उमा महेश सन्यास आश्रम के संत नारायण भारती महाराज ने आशीर्वाद दिया।
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