कर्नाटक विधानसभा में भाजपा विधायकों ने पूरा वंदे मातरम गाया
सरकार के आदेश पर केवल दो पैरा बजाने का विरोध, विधायकों ने नारेबाजी के साथ पूरा गीत गाया
कर्नाटक विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन भाजपा विधायकों ने वंदे मातरम के केवल दो पैरा बजाए जाने का विरोध किया और बाकी के चार पैरा खुद गाकर सरकार के फैसले के खिलाफ नाराजगी जताई। कांग्रेस सरकार ने सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो पैरा गाने का आदेश दिया है, जबकि केंद्र ने सभी छह पैरा गाने के निर्देश दिए हैं। इस विवाद के पीछे राजनीतिक पृष्ठभूमि मानी जा रही है।
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कर्नाटक विधानसभा के तीन दिन के विशेष सत्र के पहले दिन भाजपा विधायकों ने वंदे मातरम के केवल दो पैरा बजाए जाने का विरोध किया और बाकी के चार पैरा खुद गाकर सरकार के फैसले के खिलाफ नाराजगी जताई।
विशेष सत्र के पहले दिन विधानसभा में वंदे मातरम की रिकॉर्डिंग केवल दो पैरा के बाद रोक दी गई। भाजपा विधायकों ने इस पर नाराजगी जताई और बाकी के चार पैरा खुद गाकर विरोध प्रदर्शन किया। विधान परिषद में भी भाजपा सदस्यों ने पूरा गीत गाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के पहले दो पैरा गाने का आदेश दिया है। यह आदेश राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों को छोड़कर सभी सरकारी कार्यक्रमों पर लागू होगा।
इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि यह विवाद राजनीतिक पृष्ठभूमि रखता है।
कर्नाटक सरकार ने सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट से जुड़ी कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया था। इस सत्र की शुरुआत वंदे मातरम से हुई, लेकिन इसके पूरे छह पैरा बजाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया।
इस साल 9 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया था कि सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के साथ वंदे मातरम के सभी छह पद गाए जाएं। इसके बाद 19 अगस्त को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने वंदे मातरम को लेकर 1937 के अपने प्रस्ताव का पालन करने का फैसला किया, जिसके तहत पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल दो पैरा गाए जाते हैं।
24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत घोषित किया था। इसके बाद राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत वंदे मातरम के गायन को जानबूझकर रोकने, इसमें बाधा डालने या इसका सार्वजनिक अपमान करने को दंडनीय अपराध माना गया है। इस कानून के तहत तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है।
इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम के पूरे छह छंद गाए गए। वंदे मातरम के दौरान खड़े न होने के कानूनी परिणाम भी हो सकते हैं।
वंदे मातरम के सभी छह पैरा को लेकर जो प्रावधान लागू है, उसका सरकार को पालन करना होगा
उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री
आजादी से पहले भी कांग्रेस ने वंदे मातरम का विरोध किया था और अपनी बैठकों में इसे गाना बंद कर दिया था
एसआर विश्वनाथ, भाजपा विधायक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वंदे मातरम को लेकर क्या निर्देश दिए थे?
- 9 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान के साथ वंदे मातरम के सभी छह पद गाने का निर्देश दिया था।
- वंदे मातरम के विरोध का इतिहास क्या है?
- आजादी से पहले भी कांग्रेस ने वंदे मातरम का विरोध किया था और अपनी बैठकों में इसे गाना बंद कर दिया था।
- वंदे मातरम न गाने पर क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
- राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत वंदे मातरम के सार्वजनिक अपमान या गायन में बाधा डालने पर तीन साल तक जेल या जुर्माना हो सकता है।
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