कोटपूतली में आज नगर पालिका अध्यक्षों के लिए मतदान
भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर, निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम
कोटपूतली क्षेत्र की आठ नगर पालिकाओं में आज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा। भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है, जबकि निर्दलीय पार्षदों के मत निर्णायक माने जा रहे हैं। मतदान के बाद दोपहर में परिणाम घोषित किए जाएंगे।
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कोटपूतली। कोटपूतली क्षेत्र की आठ नगर पालिकाओं में सोमवार को अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा। भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर के बीच निर्दलीय पार्षदों के रुख पर सभी की नजर है। मतदान सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगा और परिणाम दोपहर घोषित होंगे।
आबूरोड नगर पालिका में 40 सदस्यीय परिषद में बहुमत के लिए 21 वोट जरूरी हैं। भाजपा के पास 20 पार्षद हैं, इसलिए उसे बहुमत के लिए एक अतिरिक्त वोट की जरूरत है, जबकि कांग्रेस को बहुमत के लिए पांच अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे। दोनों दलों ने अपने-अपने पार्षदों को अलग-अलग रिसॉर्ट में रखा है और सोमवार को सीधे मतदान स्थल पहुंचाया जाएगा।
बांदीकुई नगर पालिका में भाजपा की राजंती देवी और कांग्रेस के विनोद देवी अध्यक्ष पद के लिए मैदान में हैं। यहां भाजपा के 10, कांग्रेस के 19 और 11 निर्दलीय पार्षद हैं। बहुमत के लिए 21 वोट जरूरी हैं।
राजाखेड़ा नगर पालिका में भाजपा की पूनम सोनी और कांग्रेस की अंजली अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला करेंगी। मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा।
डेगाना नगर पालिका में भाजपा के रामकिशन और कांग्रेस के गिरधारी के बीच मुकाबला है। यहां 25 नव निर्वाचित पार्षद शहर के अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। बहुमत के लिए 13 वोट जरूरी हैं।
बिजौलिया नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बहुमत से एक सीट दूर हैं। निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में लाने की दोनों पार्टियां कोशिश कर रही हैं।
वैर और भुसावर नगर पालिकाओं में भी दो-दो प्रत्याशी मैदान में हैं। सादुलपुर में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला है।
सभी नगर पालिकाओं में मतदान के बाद मतगणना होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। दोनों दल अपने-अपने पार्षदों के साथ होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन क्रॉस वोटिंग और निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
यह चुनाव पिछले 20 दिनों से जारी राजनीतिक गतिविधियों के बाद हो रहा है, जिसमें दोनों दलों ने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- निर्दलीय पार्षदों का चुनाव में क्या महत्व है?
- निर्दलीय पार्षदों के वोट से दोनों प्रमुख दलों को बहुमत हासिल होने या न होने का फैसला होता है।
- मतदान के बाद परिणाम कब घोषित होंगे?
- मतदान समाप्ति के बाद ही दोपहर में परिणाम घोषित किए जाएंगे।
- महाराजपुर या अन्य नगर पालिकाओं में कौन-कौन से प्रत्याशी हैं?
- लेख में महाराजपुर का उल्लेख नहीं है, लेकिन वैर, भुसावर और सादुलपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी हैं।
- दोनों दलों ने पार्षदों को क्यों अलग रिसॉर्ट में रखा है?
- यह बाड़ेबंदी की रणनीति का हिस्सा है ताकि पार्षदों को क्रॉस वोटिंग से रोका जा सके।
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