एलएस कॉलेज की तरफ बनेगा बीआरए बिहार विश्वविद्यालय का उत्तरी द्वार
सिंडिकेट ने कुलपति की अध्यक्षता में प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय परिसर में एलएस कॉलेज की ओर एक नया उत्तरी प्रवेश द्वार बनाया जाएगा, जिसे कुलपति प्रो. डीसी राय की अध्यक्षता में हुई सिंडिकेट बैठक में मंजूरी मिली है। विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर के 33 विषयों में भारतीय ज्ञान परंपरा का वैल्यू ऐडेड कोर्स शुरू किया जाएगा और लॉ पाठ्यक्रम में भारतीय न्याय संहिता की पढ़ाई कराई जाएगी।
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जागरण संवाददाता। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के परिसर में एलएस कॉलेज की ओर एक नया उत्तरी प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। कुलपति प्रो. डीसी राय की अध्यक्षता में हुई सिंडिकेट की बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इससे विश्वविद्यालय में कुल दो प्रवेश द्वार होंगे।
सिंडिकेट की बैठक में पूर्व में प्रस्तावित प्रवेश द्वार के स्थान में संशोधन करते हुए उत्तरी द्वार का निर्माण जूलोजी विभाग के समीप से थोड़ा आगे बढ़ाकर कराने का निर्णय लिया गया है। नए द्वार पर विश्वविद्यालय का नाम और स्थापना वर्ष स्पष्ट रूप से अंकित रहेगा। कुलपति ने कहा कि प्रस्ताव पास होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर के 33 विषयों में भारतीय ज्ञान परंपरा की पढ़ाई वैल्यू ऐडेड कोर्स के रूप में पीजी प्रथम सेमेस्टर में दो क्रेडिट के साथ शुरू कराई जाएगी। इस पाठ्यक्रम को एकेडमिक काउंसिल और सिंडिकेट से पारित कर अंतिम मंजूरी के लिए लोकभवन भेजा जा रहा है।
एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कई विभागाध्यक्षों ने उर्दू और पर्सियन समेत अन्य विषयों में पाठ्यक्रम तैयार न होने का मुद्दा उठाया, जिस पर प्रशासन ने बताया कि यह पाठ्यक्रम लोकभवन की ओर से तैयार कराया गया है।
नए डिग्री कॉलेजों में कार्यरत संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक निकटवर्ती अंगीभूत महाविद्यालयों में भी कक्षाएं लेंगे। शिक्षकों को आसपास के कॉलेजों से टैग करने का प्रस्ताव लोकभवन भेजा जाएगा ताकि कम नामांकन वाले कॉलेजों में अध्यापन का बेहतर अवसर मिल सके।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर लॉ के पाठ्यक्रम में संशोधन करते हुए आईपीसी के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके साथ ही लॉ कॉलेजों के निरीक्षण के लिए छह सदस्यीय कमेटी के गठन का प्रस्ताव पारित हुआ।
चार वर्षीय स्नातक कोर्स के छठे सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे छात्रों के अंकपत्रों में एकरूपता को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। विश्वविद्यालय ने अन्य संस्थानों के अंकपत्रों का अध्ययन किया है, लेकिन अंतिम निर्णय बाकी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- नया प्रवेश द्वार कहाँ बनेगा?
- यह जूलोजी विभाग के समीप से थोड़ा आगे बनाया जाएगा और इस पर विश्वविद्यालय का नाम तथा स्थापना वर्ष अंकित रहेगा।
- भारतीय ज्ञान परंपरा का कोर्स कब शुरू होगा?
- यह वैल्यू ऐडेड कोर्स पीजी प्रथम सेमेस्टर में दो क्रेडिट के साथ शुरू होगा।
- अंगीभूत महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक कैसे काम करेंगे?
- वे निकटवर्ती महाविद्यालयों में भी कक्षाएं लेंगे ताकि कम नामांकन वाले कॉलेजों में अध्यापन बेहतर हो सके।
- लॉ पाठ्यक्रम में किस तरह का संशोधन होगा?
- आईपीसी के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता पढ़ाई जाएगी और लॉ कॉलेजों के निरीक्षण के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित होगी।
- छात्रों के अंकपत्रों में एकरूपता की स्थिति क्या है?
- विभिन्न संस्थानों के अंकपत्रों का अध्ययन किया गया है, पर अंतिम निर्णय अभी शेष है।
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