पीलीभीत में नाराज होकर घर से निकली महिला की गुमशुदगी दर्ज
स्वजन के आवेदन पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की
पीलीभीत में एक महिला के गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया है, जो घर से नाराज होकर छह दिन पहले निकली थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इसके अलावा, क्षेत्र में कई किशोर भी घर से चले गए थे, जिनमें से दो को नौ दिन बाद बरेली से बरामद कर परिवार को सौंप दिया गया।
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पीलीभीत में एक महिला के घर से नाराज होकर निकलने के बाद उसका छह दिन तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने स्वजन के आवेदन के आधार पर महिला की गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया कि स्वजन से मिले आवेदन के आधार पर महिला की गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। महिला के सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस लगातार आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
पीलीभीत में पिछले 15 दिनों में चार किशोर माता-पिता की रोकटोक से नाराज होकर घर छोड़ चुके हैं। इनमें 15 वर्षीय एक किशोर और उसका 17 वर्षीय दोस्त गुरुवार शाम को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।
दोनों किशोर घरवालों की टोकाटाकी से परेशान थे। एक दोस्त ने 2200 रुपये में मोबाइल बेच दिया था। इसके बाद वे जयपुर अपने रिश्तेदारों के पास चले गए।
बीसलपुर और पूरनपुर तहसील क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां किशोरों ने घर छोड़ दिया। मनोचिकित्सक के अनुसार किशोर मन का चंचल होना स्वाभाविक है, लेकिन जब जिद बन जाए तो नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।
अभिभावक बच्चों को प्यार तो करते हैं, लेकिन गलती पर डांटना भी जरूरी है। लिबरल होने से बच्चों की हर जिद पूरी करने की आदत बन गई है, जिससे उनका स्वभाव बदल गया है। बच्चों को न कहना सीखाना और निगेटिव परिस्थितियों से निपटना सिखाना चाहिए।
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से नौ दिन बाद दोनों किशोरों को बरेली के एक ढाबे से बरामद कर उनके स्वजन को सौंप दिया। आरोपित ढाबा संचालक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
यह मामला बाज़ार में 27 दिन से चल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- महिला की गुमशुदगी कब दर्ज की गई?
- गुमशुदगी स्वजनों के आवेदन के बाद दर्ज की गई है, जिससे पुलिस ने तलाश शुरू की।
- क्यों किशोर घर छोड़कर गए थे?
- किशोर अपने माता-पिता की रोकटोक और टोकाटाकी से परेशान थे।
- मनोचिकित्सक ने किशोरों के व्यवहार पर क्या सुझाव दिए?
- उन्होंने बताया कि जिद बन जाने से नुकसान बढ़ता है और बच्चों को न कहना सीखाना जरूरी है।
- क्या आरोपित ढाबा संचालक के विरुद्ध कोई कार्रवाई हुई?
- नहीं, आरोपित ढाबा संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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