पाकिस्तान में सरकारी खर्च में कटौती के नए कड़े आदेश लागू
सरकारी गाड़ियों की खरीद पर रोक, दुकानें रात 9 बजे बंद, विदेश यात्रा पर पाबंदी
पाकिस्तान की फेडरल सरकार ने आर्थिक संकट के मद्देनजर तीन महीने के लिए सरकारी खर्च में कटौती के नए आदेश लागू किए हैं, जिसमें सरकारी गाड़ियों की खरीद पर रोक, ईंधन आवंटन में 50% कमी और विदेश यात्रा पर पाबंदी शामिल है। इसके साथ ही दिल्ली समेत राजधानी इस्लामाबाद में दुकानों और सार्वजनिक स्थानों के बंद होने के समय में बदलाव किया गया है और सरकारी बैठकों को टेलीकांफ्रेंस पर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
पाकिस्तान की फेडरल सरकार ने सरकारी खर्च में कटौती के लिए कई नए आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में सरकारी गाड़ियों की खरीद पर पूरी तरह रोक, ईंधन आवंटन में 50% कटौती और विदेश यात्रा पर पाबंदी शामिल है।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अब सभी दुकानें, बाज़ार, किराना स्टोर, ग्रोसरी, जनरल स्टोर और शॉपिंग मॉल पूरे हफ़्ते रात 9 बजे बंद हो जाएंगे। शादी हॉल और मैरिज टेंट रात 10 बजे तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। रेस्टोरेंट और खाने-पीने की जगहें रात 11 बजे तक बंद हो जाएंगी। शादी समारोहों में केवल एक ही डिश परोसी जाएगी और सरकारी डिनर पर भी रोक लगा दी गई है।
सरकार ने सरकारी गाड़ियों की खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी है और उनके लिए ईंधन आवंटन में 50% की कटौती की है। हालांकि सेना, सिविल आर्म्ड फोर्सेज, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, ज़रूरी सेवाओं और फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की ऑपरेशनल गाड़ियों को इससे छूट दी गई है।
विदेश यात्रा पर भी पाबंदी लगाई गई है। जिन मामलों में विदेश यात्रा ज़रूरी है, वहां सरकारी प्रतिनिधियों और अधिकारियों को इकॉनमी क्लास में यात्रा करने का निर्देश दिया गया है। मंत्रियों, सलाहकारों, राज्य मंत्रियों, प्रधानमंत्री के विशेष सहायकों, सांसदों और सरकारी अधिकारियों पर ये पाबंदियां लागू होंगी।
सरकारी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे ज़्यादातर बैठकों को टेलीकॉन्फ़्रेंस के माध्यम से करें और सरकारी सेमिनार, ट्रेनिंग सेशन तथा कॉन्फ्रेंस पर रोक लगा दी गई है। यदि कार्यक्रम करना आवश्यक हो तो सरकारी सुविधाओं का उपयोग करने को कहा गया है।
ये कड़े उपाय पाकिस्तान के ईंधन संकट और आर्थिक स्थिति को देखते हुए तीन महीने के लिए लागू किए गए हैं। पाकिस्तान ईरान युद्ध, कर्ज और आर्थिक मंदी के कारण गंभीर संकट में है। मार्च में भी इसी तरह के खर्च में कटौती के उपाय लागू किए गए थे, जिनमें स्कूल बंद करना और सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश शामिल थे।
सरकार ने यह भी कहा है कि विकास परियोजनाओं को खर्च में कटौती के दायरे से बाहर रखा गया है। कमर्शियल जगहों के लिए जल्दी बंद होने का समय तय किया गया है, लेकिन टेकअवे और होम-डिलीवरी सेवाओं को छूट दी गई है।
इन पाबंदियों से पूरे देश में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं। कई ज़रूरी सेवाओं जैसे फार्मेसी, अस्पताल, मेडिकल लैब, ईंधन स्टेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, जिम, स्पोर्ट्स फ़ैसिलिटी, आईटी कंपनियां और कॉल सेंटर को समय की पाबंदियों से बाहर रखा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सरकारी खर्च कटौती के आदेश कितने समय के लिए लागू होंगे?
- ये कड़े उपाय तीन महीने के लिए लागू किए गए हैं।
- क्या सभी सरकारी गाड़ियां ईंधन कटौती से प्रभावित होंगी?
- सेना, सिविल आर्म्ड फोर्सेज, कानून लागू करने वाली एजेंसियां और ज़रूरी सेवाओं के वाहन ईंधन कटौती से मुक्त हैं।
- सरकारी बैठकों और सेमिनारों के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
- सरकारी विभागों को ज़्यादातर बैठकों को टेलीकॉन्फ़्रेंस के जरिए करने और सेमिनार, ट्रेनिंग सेशंस, कॉन्फ्रेंस पर रोक लगाने को कहा गया है।
- क्या विकास परियोजनाओं पर खर्च कटौती लागू होगी?
- विकास परियोजनाओं को खर्च कटौती के दायरे से बाहर रखा गया है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद







Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.