जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र से पहले सुरक्षा कड़ी, निजी वाहनों पर रोक
21 से 30 सितंबर तक चलने वाले सत्र में कर्मचारियों और पुलिस के निजी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सचिवालय के कर्मचारियों तथा सुरक्षा कर्मियों के निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। केवल मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, सलाहकारों, स्पीकर और विधायकों के वाहनों को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति है। अधिकृत मीडिया वाहनों को सुरक्षा जांच के बाद प्रवेश मिलेगा और एस्कॉर्ट वाहनों की पार्किंग कश्मीर हाट में निर्धारित की गई है।
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सचिवालय में कर्मचारियों और सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहनों को ही विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई है।
महाप्रशासनिक विभाग ने सर्कुलर जारी कर सचिवालय कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, सलाहकार, स्पीकर और विधायकों के वाहनों के लिए पार्किंग निर्धारित की गई है। अधिकृत मीडिया वाहनों को सुरक्षा जांच के बाद प्रवेश मिलेगा, जबकि एस्कॉर्ट वाहनों की पार्किंग कश्मीर हाट में होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सचिवालय कर्मचारियों के निजी वाहनों पर रोक क्यों लगाई गई?
- यह रोक विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगाई गई है।
- क्या सभी विधायकों के वाहन विधानसभा परिसर में प्रवेश कर सकते हैं?
- जी हां, विधायक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के वाहन परिसर में पार्किंग की अनुमति रखते हैं।
- क्या सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिसकर्मियों के वाहन भी प्रतिबंधित हैं?
- हाँ, सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के निजी वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित है।
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