अब्दुल्ला अगवान के नामांकन पर आपत्ति, भाई को ठेकेदार बताया
नगर परिषद सभापति पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन की वैधता पर सवाल
झुंझुनूं नगर परिषद सभापति पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान के नामांकन पर आपत्ति आई है, जिसमें उनके भाई के नाम पर नगर परिषद से जुड़े ठेकों का हवाला दिया गया है। रिटर्निंग अधिकारी ने जांच के लिए दस्तावेज़ मांगे हैं और कानूनी आधार पर भाई को परिवार का सदस्य नहीं माना गया है। सुरक्षा के मद्देनजर नगर परिषद परिसर में पुलिस व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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झुंझुनूं। झुंझुनूं नगर परिषद सभापति पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान के नामांकन पर आपत्ति आई है। आपत्तिकर्ता ने उनके भाई के नाम नगर परिषद से जुड़े ठेकों का हवाला देते हुए नामांकन निरस्त करने की मांग की है। रिटर्निंग अधिकारी ने जांच के लिए दस्तावेज़ मांगे हैं।
आपत्तिकर्ता विपुल कुमार ने रिटर्निंग अधिकारी और एसडीएम रामकरण सिंह को आपत्ति पेश करते हुए कहा कि अब्दुल्ला अगवान के भाई के नाम नगर परिषद से जुड़े ठेके हैं, इसलिए उनका नामांकन अयोग्य है। रामकरण सिंह ने आपत्तिकर्ता को संबंधित दस्तावेज और साक्ष्यों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए सत्ता का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का तर्क है कि केवल भाई का नगरपालिका से ठेका होना प्रत्याशी को अयोग्य नहीं बनाता। कानूनी राय में सुप्रीम कोर्ट के 17 जनवरी 1966 के फैसले का हवाला दिया गया है, जिसमें पारिवारिक संबंध के आधार पर अयोग्यता नहीं मानी गई थी।
एडवोकेट मोहम्मद फारूक ने बताया कि भाई के नाम ठेकेदारी का लाइसेंस है, लेकिन कानून में भाई परिवार का सदस्य नहीं माना जाता। उन्होंने कहा कि यूसुफ अगवान बरसों से अब्दुल्ला से अलग रह रहे हैं और धारा 24(1)(xv) के तहत अयोग्यता तभी बनती है जब उम्मीदवार का खुद ठेके में आर्थिक हित हो।
नगर परिषद परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुट गए हैं। पुलिस ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 21 के Explanation-2 में परिवार की परिभाषा में केवल पति-पत्नी, बच्चे और साथ रहने वाले माता-पिता आते हैं, भाई नहीं।
सारा रिकॉर्ड रिटर्निंग अधिकारी के सामने पेश किया गया है, जिसमें दोनों का जन आधार, राशन कार्ड और व्यापार में साझेदारी न होने की बात शामिल है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भाई के नाम ठेका होने से नामांकन क्यों अयोग्य नहीं माना जाता?
- सुप्रीम कोर्ट के 1966 के फैसले और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 के तहत भाई परिवार का सदस्य नहीं माना जाता।
- क्या अब्दुल्ला और उनके भाई के बीच कोई व्यापारिक साझेदारी है?
- रिकॉर्ड में जन आधार, राशन कार्ड और व्यापार में कोई साझेदारी नहीं पाई गई।
- भाई यूसुफ अगवान की स्थिति क्या है?
- यूसुफ अगवान अब्दुल्ला से वर्षों से अलग रह रहे हैं, जिससे उनके बीच आर्थिक हित नहीं माना जाएगा।
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