दुनिया 2 MIN READ

पेंटागन ने 50 अधिकारियों का कराया पॉलीग्राफ टेस्ट

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक मामले में अमेरिकी रक्षा विभाग ने जांच तेज की

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी खुफिया जानकारी लीक होने के मामले में करीब 50 ज्वाइंट स्टाफ सदस्यों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया। यह जांच अगस्त में हुई और इसका मकसद संवेदनशील सैन्य जानकारी के लीक होने की सच्चाई पता लगाना था।
AI सार

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक होने के मामले में करीब 50 ज्वाइंट स्टाफ सदस्यों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया। जांच में किसी ने भी क्लासीफाइड जानकारी लीक करने की बात स्वीकार नहीं की। यह कदम अमेरिकी हथियार भंडार में कमी की खबरों के बाद उठाया गया है।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

पेंटागन में अमेरिकी रक्षा विभाग
पेंटागन में अमेरिकी रक्षा विभाग / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी खुफिया जानकारी लीक होने के मामले में करीब 50 ज्वाइंट स्टाफ सदस्यों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया। यह जांच अगस्त में हुई और इसका मकसद संवेदनशील सैन्य जानकारी के लीक होने की सच्चाई पता लगाना था।

जांच के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछा गया कि क्या उन्होंने मीडिया को क्लासीफाइड जानकारी दी है या अमेरिका के घटते हथियार भंडार से जुड़ी कोई संवेदनशील सूचना साझा की है। इस मामले में लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट इंटरसेप्टर जैसे महत्वपूर्ण हथियारों के भंडार में कमी की खबरों को लेकर विशेष ध्यान दिया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में करीब 50 लोगों का परीक्षण किया गया, जो संख्या बेहद असामान्य मानी जा रही है। यह कदम अमेरिकी हथियारों के घटते भंडार को लेकर लगातार सामने आई रिपोर्टों के बाद उठाया गया।

ज्वाइंट स्टाफ में लगभग 1500 से 2000 अधिकारी और कर्मचारी होते हैं, जो दुनिया भर में अमेरिकी सैन्य कमांडरों के साथ अभियान, नीतियों और युद्ध योजनाओं के तालमेल में मदद करते हैं। इस संगठन के करीब 50 सदस्यों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाना असाधारण कदम माना जा रहा है।

जांचकर्ताओं का मकसद सिर्फ यह पता लगाना नहीं था कि जानकारी बाहर किसने पहुंचाई, बल्कि यह भी संदेश देना था कि गोपनीय सैन्य जानकारी लीक करने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं।

मीडिया को जानकारी लीक करने का पता लगाने के लिए पूछे गए विशिष्ट सवालों में कोई भी फेल नहीं हुआ। वरिष्ठ पेंटागन अधिकारी ने बताया कि ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन का पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं किया गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी ने कोई क्लासिफाइड यानी बेहद गोपनीय जानकारी शेयर नहीं की थी।

अमेरिकी मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध में लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट इंटरसेप्टर जैसे हथियारों का भंडार कम हो रहा है। इस संवेदनशील मामले में जांच तेज कर दी गई है ताकि पता चल सके कि सैन्य व्यवस्था के भीतर से यह जानकारी कैसे बाहर पहुंची।

विभाग आंतरिक कर्मियों या जांच के मामलों पर टिप्पणी नहीं करता है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा की खुफिया जानकारी के लीक होने के सभी मामलों को बेहद गंभीरता से लेता है और उसी के अनुसार जांच करता है

सीन पार्नेल, पेंटागन प्रवक्ता

जब विभाग की कोई जानकारी लीक होती है, तो यह महत्वपूर्ण है कि हम न्याय विभाग और एफबीआई सहित अन्य जांच एजेंसियों को जल्द से जल्द एक्शन लेने लायक जानकारी प्रदान करें

पीट हेगसेथ, रक्षा मंत्री

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पॉलीग्राफ टेस्ट क्यों कराया गया?
यह टेस्ट संवेदनशील सैन्य जानकारी लीक होने की सच्चाई पता लगाने और इस तरह की लीक से होने वाले नतीजों का संदेश देने के लिए किया गया।
क्या ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष का टेस्ट कराया गया?
जनरल डैन केन, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष का पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं कराया गया।
पेंटागन ने जांच के बारे में क्या कहा?
पेंटागन ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की खुफिया जानकारी लीक होने को गंभीरता से माना जाता है और जांच एजेंसियों को आवश्यक जानकारी तुरंत प्रदान की जाती है।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 क्राइम गुवाहाटी में महिला का सिर फ्रिज में मिला, पति मुख्य संदिग्ध
03 मनोरंजन 'दायरा' ने पहले दिन 1 करोड़, 'वाइब' ने 1.70 करोड़ से शुरुआत की
04 शिक्षा उत्तर प्रदेश के स्कूल में जर्जर इमारत के कारण छात्रों ने किया क्लास बहिष्कार
Trust & Transparency

How this story was handled

Published5 सितंबर 2026, 23:29 IST IST
Last updated5 सितंबर 2026, 23:29 IST IST
Latest newsroom actionnewsdesk-bot (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under दुनिया and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: प्रवक्ता सीन पार्नेल, मंत्री पीट हेगसेथ, सैन्य अधिकारी.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from दुनिया.

दुनिया

रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो

दुनिया

अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में आने की अनुमति दी

Recommended Stories

More from दुनिया
रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026
अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में आने की अनुमति दी
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में आने की अनुमति दी

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 क्राइम गुवाहाटी में महिला का सिर फ्रिज में मिला, पति मुख्य संदिग्ध
03 मनोरंजन 'दायरा' ने पहले दिन 1 करोड़, 'वाइब' ने 1.70 करोड़ से शुरुआत की
04 शिक्षा उत्तर प्रदेश के स्कूल में जर्जर इमारत के कारण छात्रों ने किया क्लास बहिष्कार

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.