हैदराबाद में लिफ्ट और दीवार के बीच फंसा शख्स, 90 मिनट बाद निकाला गया
सेकेंड और थर्ड फ्लोर के बीच लटका, पैर फ्रैक्चर, पांच महीने में तीसरा हादसा
हैदराबाद के मूसेपेट में एक व्यक्ति लिफ्ट और दीवार के बीच फंस गया, जिसे 90 मिनट बाद रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हुआ। यह पिछले पांच महीनों में शहर में लिफ्ट से जुड़े तीसरे गंभीर हादसे का मामला है।
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हैदराबाद के मूसेपेट इलाके में एक शख्स लिफ्ट से बाहर निकलते समय फंस गया और सेकेंड व थर्ड फ्लोर के बीच लटका रहा। करीब 90 मिनट की मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने उसे बाहर निकाला, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
मूसेपेट के अंजनैया नगर में 40 साल के मुरली अपनी पत्नी के साथ ग्राउंड फ्लोर से सेकेंड फ्लोर पर जा रहे थे। लिफ्ट से बाहर निकलते समय किसी ने थर्ड फ्लोर का बटन दबा दिया, जिससे सेंसर की खराबी के कारण लिफ्ट अचानक ऊपर चली गई। इस दौरान मुरली का एक पैर लिफ्ट के अंदर और दूसरा सेकेंड फ्लोर की लैंडिंग पर फंसा रहा।
पत्नी के शोर मचाने पर अपार्टमेंट के लोग बचाने की कोशिश करने लगे, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। सूचना मिलने पर हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी की टीम मौके पर पहुंची और लिफ्ट की दीवार का ऊपरी हिस्सा तोड़कर रेस्क्यू शुरू किया। सैनथनगर फायर स्टाफ ने हाइड्रोलिक कटर की मदद से मुरली को बाहर निकाला।
लिफ्ट और दीवार के बीच दबने से मुरली के पैर में फ्रैक्चर हो गया है और वह गंभीर रूप से घायल है। यह हादसा पिछले पांच महीनों में हैदराबाद में लिफ्ट से जुड़ा तीसरा मामला है।
इससे पहले जून में उप्पल स्काईवॉक की लिफ्ट में 20 साल का छात्र राहुल करीब दो घंटे फंसा रहा। रात 11 बजे फंसे राहुल को रात 1 बजे रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया था। रेस्क्यू के बाद वह काफी डरा हुआ था और उसकी आंखों में आंसू थे। उप्पल स्काईवॉक उप्पल जंक्शन पर बना 660 मीटर लंबा पैदल यात्री पुल है।
मई में गच्चीबौली इलाके के एक महिला हॉस्टल में पांच साल की बच्ची लिफ्ट की ग्रिल में फंस गई थी। पुलिस के मुताबिक, लिफ्ट पहली मंजिल से पांचवीं मंजिल तक गई और नीचे आते समय बच्ची का कपड़ा ग्रिल में फंसने से सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
केरल के तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी एक होटल की लिफ्ट में फंस गए थे। उन्हें फायर और रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारी हाइड्रोलिक स्प्रेडर से लिफ्ट का दरवाजा खोलकर बाहर निकाले थे।
ओंगोल की एक बिल्डिंग में 50 साल की विनीथा लिफ्ट से बाहर निकल रही थीं। उनकी बेटी और पोता पहले ही बाहर निकल चुके थे। इसी दौरान दरवाजा खुला रहने पर लिफ्ट अचानक नीचे जाने लगी और विनीथा लिफ्ट और फ्लोर के बीच फंस गईं। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मुरली लिफ्ट में कैसे फंसा?
- थर्ड फ्लोर का बटन दबने के बाद लिफ्ट अचानक ऊपर चली गई और मुरली का पैर लिफ्ट और सेकेंड फ्लोर के बीच फंस गया।
- रेस्क्यू टीम ने मुरली को कैसे बाहर निकाला?
- रेस्क्यू टीम ने लिफ्ट की दीवार का ऊपरी हिस्सा तोड़कर हाइड्रोलिक कटर की मदद से मुरली को बाहर निकाला।
- भारत के अन्य क्षेत्रों में लिफ्ट से जुड़े हादसों के उदाहरण कौन से हैं?
- केरल के तिरुवनंतपुरम में शशि थरूर का फंसना और ओंगोल की एक बिल्डिंग में 50 वर्षीया विनीथा की मौत शामिल हैं।
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