पीएम मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया
भारत ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में दूसरा फेज लॉन्च कर सप्लाई चेन मजबूत की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया और भारत की सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत की प्रगति, निवेश और तकनीकी क्षमताओं पर चर्चा की और उद्योग के विकास के लिए सरकार की नीतियों और सहयोग पर जोर दिया। इस आयोजन में 600 से अधिक प्रदर्शक और 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा फेज शुरू किया है और देश की अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के प्लांट्स से निकलने वाली सेमीकंडक्टर चिप्स अब देश और दुनिया के बाजारों तक पहुंचने लगी हैं। उन्होंने बताया कि कंपाउंड सेमीकंडक्टर के निर्माण से लेकर सिलिकॉन फोटोनिक्स को इकोसिस्टम में शामिल करना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में फैक्ट्री लगाना ही काफी नहीं है, इसमें तकनीकी क्षमता बनाने में दशकों लगते हैं। भारत ने चिप डिजाइन, निर्माण, उपकरण निर्माण और परीक्षण क्षमता पर एक साथ काम किया है और सफलता हासिल की है।
पहले फेज की वैल्यू करीब 70,400 करोड़ रुपए थी, जबकि दूसरे फेज के लिए 1.18 लाख करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया है। मोदी ने इक्विपमेंट कंपनियों के नेताओं से इन अवसरों का फायदा उठाने की अपील की।
सरकार पॉलिसी, फंडिंग और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के स्तर पर जरूरी कदम उठा रही है ताकि प्रोजेक्ट्स सफल हो सकें। इस बार सेमीकॉन इंडिया में 600 से ज्यादा प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें करीब 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। कार्यक्रम में 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद हैं।
इस आयोजन में एएसएमएल, एप्लाइड मैटेरियल्स, टेराडाइन, इन्फिनियन, एनएक्सपी, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रॉन, लैम रिसर्च, सीजी पावर, एडवांटेस्ट और टोक्यो इलेक्ट्रॉन जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां निवेश, तकनीक और सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगी और नई कारोबारी साझेदारियों के अवसर तलाशेंगी।
प्रदर्शनी में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह कंट्री पवेलियन लगाए गए हैं, साथ ही कई भारतीय राज्यों के पवेलियन भी मौजूद हैं।
सरकार ने अब तक 12 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिनमें से पहले चरण में मंजूर तीन इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। इसका फोकस देश में सेमीकंडक्टर से जुड़े इकोसिस्टम को आगे बढ़ाना है।
सरकार के अनुसार 400 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्टअप्स को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 24 स्टार्टअप्स को डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव योजना के तहत मंजूरी मिली है, जिससे चिप डिजाइन और संबंधित तकनीक पर काम करने वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिल रहा है।
मोदी ने कहा कि भारत सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दे रहा है और इसके लिए कई सुधार किए गए हैं। देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना होगा, क्योंकि ये सभी चीजें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सक्षम बनाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भारत ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में किन क्षमताओं पर काम किया है?
- भारत ने चिप डिजाइन, निर्माण, उपकरण निर्माण और परीक्षण क्षमता पर एक साथ काम कर सफलता हासिल की है।
- सेमीकंडक्टर सेक्टर में तकनीकी क्षमता बनाने में कितना समय लगता है?
- पीएम मोदी के अनुसार, तकनीकी क्षमता बनाने में दशकों लगते हैं।
- सरकार ने स्टार्टअप्स को कैसे सहारा दिया है?
- सरकार ने 105 स्टार्टअप्स को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन टूल्स उपलब्ध कराए हैं और 24 स्टार्टअप्स को डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव योजना के तहत मंजूरी दी है।
- इस सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम में किन देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हैं?
- इस बार 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल मौजूद हैं जिनमें जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन प्रमुख हैं।
- सरकार सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स की सफलता के लिए क्या कदम उठा रही है?
- सरकार पॉलिसी, फंडिंग और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के स्तर पर जरूरी कदम उठा रही है ताकि प्रोजेक्ट्स सफल हो सकें।
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