प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास
चकराता में भाजपा ओबीसी मोर्चा ने लाभार्थी सम्मेलन में विकास योजनाओं की जानकारी साझा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। टिहरी जिले में बाल संरक्षण और विकास संबंधी योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को समय पर लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने और बाल श्रम रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। चकराता विधानसभा के कालसी मंडल में भाजपा ओबीसी मोर्चा ने शुक्रवार को लाभार्थी सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित लोग शामिल हुए।
सम्मेलन में वक्ताओं ने योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाने पर जोर दिया। उनका उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास और कल्याण का लाभ पहुंचाना है। लाभार्थियों से आसपास के पात्र लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की अपील भी की गई।
जिलाध्यक्ष वीरता गुरुंग ने लाभार्थियों को सम्मानित करते हुए कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए सक्रियता से काम करने का आह्वान किया। जिला उपाध्यक्ष अनिल प्रसाद नौटियाल ने विकसित भारत-2047 के संकल्प पर प्रकाश डाला। जिला सोशल मीडिया प्रभारी प्रशांत नेगी ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी।
सम्मेलन में लाभार्थियों ने योजनाओं से मिले लाभ के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
टिहरी जनपद में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में हुई। इसमें जिला प्रोबेशन-जिला बाल कल्याण इकाई के तहत चल रही योजनाओं की प्रगति जांची गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 और संप्रेक्षण गृह जैसी योजनाओं का लाभ हर पात्र बच्चे तक समय पर पहुंचना चाहिए। पॉक्सो अधिनियम से संबंधित पीड़ित बालिकाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता भी इसमें शामिल है। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी पात्र बच्चा सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
बाल संरक्षण से जुड़े विभागों को संकटग्रस्त, निराश्रित और जरूरतमंद बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने बाल श्रम की रोकथाम को प्राथमिकता देने और संभावित बाल श्रम हॉटस्पॉट स्थलों की पहचान कर नियमित जांच व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रोबेशन अधिकारी ज्योति पटवाल ने विभागीय योजनाओं और बाल संरक्षण से जुड़े कामों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 643, स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 167, जिलाधिकारी विवेकाधीन कोष के तहत 32 और पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के तहत 8 लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है। विभाग विधवा पेंशन, अविवाहित महिला पेंशन और परित्यक्ता-तलाकशुदा महिलाओं के लिए भी पेंशन योजनाएं चला रहा है।
जिलाधिकारी ने योजनाओं के तहत लंबित आवेदनों की संख्या और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी। पॉक्सो अधिनियम से संबंधित पीड़ितों को दी गई आर्थिक सहायता के मामलों, बांटी गई रकम और सहायता के मानकों की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भाजपा ओबीसी मोर्चा के सम्मेलन का उद्देश्य क्या था?
- सम्मेलन में योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाना था।
- जिलाधिकारी ने बाल श्रम रोकथाम के लिए क्या निर्देश दिए?
- उन्होंने बाल श्रम हॉटस्पॉट स्थलों की पहचान और नियमित जांच व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
- बाल कल्याण से जुड़ी कौन-कौन सी योजनाएं चल रही हैं?
- विधवा पेंशन, अविवाहित महिला पेंशन, परित्यक्ता-तलाकशुदा महिलाओं के लिए पेंशन योजनाएं भी संचालित हैं।
- संप्रेक्षण गृह का क्या उद्देश्य है?
- यह संकटग्रस्त, निराश्रित और जरूरतमंद बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए काम करता है।
- सामाजिक मीडिया का उपयोग किसने और क्यों बताया?
- जिला सोशल मीडिया प्रभारी प्रशांत ने सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल का तरीका कार्यकर्ताओं को समझाया।
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