बिहार में पंचायत चुनाव में ईबीसी को 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान
अति-पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण की सीटें तय होंगी
बिहार सरकार ने पंचायत चुनावों में ईबीसी को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए अति-पिछड़ा वर्ग आयोग को समर्पित आयोग घोषित किया है, जो उनकी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का अध्ययन करेगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत स्तर पर आरक्षित सीटों का निर्धारण किया जाएगा और कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।
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बिहार में पंचायत चुनाव में सभी वर्गों के लिए कुल जनप्रतिनिधियों में 50 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण का प्रावधान है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि ईबीसी को आरक्षण देने के लिए सरकार ने अति-पिछड़ा वर्ग आयोग को समर्पित आयोग घोषित किया है।
सरकार ने पंचायत चुनाव में ईबीसी को 50 प्रतिशत के दायरे में आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए अति-पिछड़ा वर्ग आयोग को समर्पित आयोग घोषित कर दिया गया है, जो ईबीसी की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का अध्ययन करेगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत स्तर पर ईबीसी के लिए आरक्षित सीटों का निर्धारण होगा।
पंचायतों में कुल जनप्रतिनिधियों में सभी वर्गों के लिए 50 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण का प्रावधान है। इसके तहत ईबीसी को भी आरक्षण मिलेगा, जो त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में कानूनी मजबूती प्रदान करेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आरक्षण का दायरा पंचायत स्तर पर तय होगा, न कि राज्य स्तर पर। आयोग यह भी देखेगा कि पिछड़े वर्ग के भीतर प्रतिनिधित्व किस प्रकार बंट रहा है, ताकि कुछ जातियों तक आरक्षण सीमित न रहे।
पिछले पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग को 20 प्रतिशत आरक्षण मिला था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार त्रिस्तरीय जांच पूरी कराकर आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक न हो।
अति-पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पंचायत चुनावों के लिए आरक्षित और सामान्य सीटों की तस्वीर स्पष्ट करेगी। इसके बाद सरकार इस रिपोर्ट को निर्वाचन विभाग को भेजेगी, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होगा।
पटना हाई कोर्ट ने हाल ही में ईबीसी को नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में अलग व्यवस्था देने की बात कही थी। ऐसे में समर्पित आयोग के जरिए ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया पूरी कराना ईबीसी आरक्षण को कानूनी मजबूती देगा।
त्रिपल टेस्ट प्रक्रिया में पिछड़ेपन की स्थिति का अध्ययन, स्थानीय निकायों में आरक्षण अनुपात का निर्धारण और कुल आरक्षण सीमा का पालन शामिल है। यह प्रक्रिया ठोस साक्ष्यों और अनुभवजन्य डेटा पर आधारित होगी, जिससे आरक्षण व्यवस्था न्यायसंगत बनेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ईबीसी आरक्षण के लिए समर्पित आयोग की क्या भूमिका है?
- समर्पित आयोग ईबीसी की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का अध्ययन करेगा और आरक्षित सीटों का निर्धारण करेगा।
- क्या आरक्षण का कुल प्रतिशत 50 प्रतिशत से अधिक होगा?
- नहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।
- त्रिपल टेस्ट प्रक्रिया में क्या शामिल है?
- इस प्रक्रिया में पिछड़ेपन का अध्ययन, स्थानीय निकायों में आरक्षण अनुपात तय करना और कुल आरक्षण सीमा का पालन शामिल है।
- क्या पिछड़ा वर्ग के भीतर जातियों का प्रतिनिधित्व भी देखा जाएगा?
- हाँ, आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि आरक्षण कुछ जातियों तक सीमित न रहे।
- सरकार ने आयोग की रिपोर्ट के बाद क्या कदम उठाएंगे?
- सरकार आयोग की रिपोर्ट को निर्वाचन विभाग को भेजेगी जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होगा।
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