मारपीट के दोषी को अलग-अलग मामलों में सजा और जुर्माना
विशेष पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी से छेड़छाड़ के आरोपी को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई
मुजफ्फरपुर की अदालतों ने मारपीट के विभिन्न मामलों में दोषियों को सजा और जुर्माना सुनाया है। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी से अश्लील हरकत करने वाले और मारपीट के आरोपी को पांच वर्ष कैद की सजा दी, जबकि अन्य मामलों में तीन माह से चार साल तक की सजा एवं जुर्माना लगाया गया।
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मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर की अदालतों ने मारपीट के विभिन्न मामलों में दोषियों को सजा और जुर्माना सुनाया है। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी से अश्लील हरकत और मारपीट के आरोपी को पांच वर्ष कैद की सजा दी। अन्य मामलों में चार साल से तीन माह तक की सजा और जुर्माना भी लगाया गया।
विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्र ने 14 वर्षीया किशोरी के साथ अश्लील हरकत और मारपीट के मामले में आरोपी सोहन साह को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने सोहन के छह परिजनों को मारपीट का दोषी पाया, लेकिन उन्हें डांट-फटकार कर छोड़ दिया। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार ने नौ गवाहों को पेश किया था। किशोरी की बड़ी बहन ने 27 नवंबर 2023 को नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें 24 नवंबर 2023 को शाम करीब चार बजे घर से बाहर निकली उसकी छोटी बहन के साथ सोहन ने अश्लील हरकत की और जब शिकायत करने गए तो मारपीट की गई। मोहल्ला वालों ने 26 नवंबर 2023 को पंचायत बुलाई, जिसमें आरोपी ने भी मारपीट की। पुलिस ने 23 जनवरी 2024 को चार्जशीट दाखिल की।
झंझारपुर व्यवहार न्यायालय ने करीब 16 साल पुराने मारपीट मामले में देव नारायण मंडल को तीन माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। मामला लौकही थाना क्षेत्र के करियौत गांव का है। अभियुक्त पर 27 मई 2010 को मारपीट का आरोप था। सूचक की मृत्यु के कारण गवाही दर्ज नहीं हो सकी, लेकिन अदालत ने अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी माना।
नगर थाना क्षेत्र के एक अन्य मामले में बहराइच जिले के रानीपुर इलाके के रमेश कुमार मिश्रा को मारपीट का दोषी करार देते हुए न्यायालय ने न्यायालय उठने तक की कैद और 2000 रुपये जुर्माना लगाया। वर्ष 2017 में गिलौला पुलिस ने मारपीट की प्राथमिकी दर्ज की थी।
साथ ही, अदालत ने छोटेलाल, ननकोली उर्फ कामता, गिलपुर उर्फ जागेश्वर, ओमप्रकाश, लवकुश उर्फ कल्लू और मुन्नीलाल यादव को चार-चार साल के कठोर कारावास और 27 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। दूसरे पक्ष से लवकुश ने आशीष यादव, दीनदयाल यादव, बिंदा और उदयभान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
अधिवक्ता अजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था।
यह मामले बाज़ार में दो दिन से चर्चा में हैं और अदालतों ने सजा सुनाकर न्यायिक कार्रवाई पूरी की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सोहन साह को किस कोर्ट ने सजा सुनाई?
- विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्र ने सजा सुनाई।
- मारपीट के मामलों में गवाहों की भूमिका क्या रही?
- विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार ने नौ गवाह पेश किए, जबकि एक मामले में सूचक की मृत्यु के कारण गवाही दर्ज नहीं हो सकी।
- रमेश कुमार मिश्रा के खिलाफ मामला कब दर्ज हुआ था?
- मारपीट की प्राथमिकी वर्ष 2017 में गिलौला पुलिस ने दर्ज की थी।
- अदालतों ने आरोपी पर क्या-क्या दंड लगाया है?
- सजा के स्वरूप में कैद की अवधि और जुर्माने के अलावा कुछ आरोपियों को डांट-फटकार कर छोड़ दिया गया।
- आरोपियों के खिलाफ मुकदमे कौन दर्ज करता है?
- पुलिस मुकदमा दर्ज करती है और कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल करती है, जैसा कि अधिवक्ता अजय सिंह ने बताया।
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