देश के कई हिस्सों में बारिश जारी, मानसून की वापसी के संकेत
आईएमडी के अनुसार 19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान में मानसून लौटेगा, कई राज्यों में यलो अलर्ट
देश के कई हिस्सों में बारिश जारी है और मौसम विभाग ने आठ राज्यों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की संभावना जताई गई है। देश के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और भूस्खलन के साथ बारिश होने की चेतावनी भी दी गई है।
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देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने आठ राज्यों में यलो अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग ने 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की संभावना जताई है।
राजस्थान के जयपुर, सीकर और अजमेर समेत कई जिलों में गुरुवार को बारिश हुई। बूंदी में बारिश से उड़द और सोयाबीन की फसलें भीग गईं। मध्य प्रदेश के 32 जिलों में पिछले 24 घंटे में बारिश दर्ज की गई। कर्नाटक सरकार ने 23 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया, जिससे सूखाग्रस्त ब्लॉकों की संख्या 124 हो गई है।
सिक्किम के ग्यालशिंग के रिम्बी में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 28 घर खतरे में आ गए हैं, जहां 128 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बिहार, बंगाल, ओडिशा, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में शुक्रवार के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और कोंकण-गोवा में 18 सितंबर को गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कई राज्यों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवा चलने की संभावना भी है।
आईएमडी ने बताया कि सौराष्ट्र और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र गुरुवार सुबह 8.30 बजे तक वहीं बना हुआ था। इसके अलावा उत्तरी थाईलैंड के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो 18 सितंबर की शाम के आसपास उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर पहुंच सकता है।
मौसम विभाग ने कहा है कि यह कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत होकर अगले तीन से चार दिनों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों तक पहुंच सकता है। इससे पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने की संभावना है।
ओडिशा में 18 और 23 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 20 और 23 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 21 और 22 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत के हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से और आसपास के क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिससे उत्तर-पश्चिमी राज्यों में मौसम में बदलाव आ सकता है।
विदर्भ में 21 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि 22 और 23 सितंबर को भी कई जगह बारिश होने के आसार हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 23 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है, जिसमें 18 से 20 सितंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है।
बिहार में 18 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 सितंबर के बीच व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है।
आईएमडी ने कहा है कि देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून की विदाई के साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक व्यापक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राजस्थान के कौन-कौन से जिलों में बारिश हुई?
- जयपुर, सीकर और अजमेर समेत कई जिलों में गुरुवार को बारिश हुई।
- सिक्किम के ग्यालशिंग के रिम्बी में क्या घटना हुई?
- भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 28 घर खतरे में आए और 128 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
- मौसम विभाग ने तेज हवाओं के लिए क्या सूचना दी है?
- गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और कोंकण-गोवा में 18 सितंबर को तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
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