राजस्थान के ज़िलों की 3 खबरें — टोंक: टोंक में नकद मुहैया कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
जैसलमेर: जैसलमेर में मादा कैराकाल को रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ा | पाली: पाली के जैन मंदिर में नकबजनी के तीन आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के टोंक में साइबर ठगी में नकद मुहैया कराने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जैसलमेर में कमजोर मादा कैराकाल को रेडियो कॉलर लगाकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया है। पाली के जैन मंदिर में नकबजनी के तीन आरोपियों को पकड़ा गया है।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — टोंक: टोंक में नकद मुहैया कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार; जैसलमेर: जैसलमेर में मादा कैराकाल को रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ा; पाली: पाली के जैन मंदिर में नकबजनी के तीन आरोपी गिरफ्तार.
टोंक: टोंक में नकद मुहैया कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
टोंक में साइबर ठगी के मामले में नकद मुहैया कराने वाले दो आरोपियों को मुहाना थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान 'म्यूल हंटर' के तहत यह कार्रवाई हुई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने ठगों को अपने खातों में नकद मंगवाकर कमीशन लेकर उन्हें नकद उपलब्ध कराया। इस गिरोह के खिलाफ विशेष अभियान के तहत दो आरोपियों को धर दबोचा गया है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई साइबर ठगी के मामलों में ठगों की मदद करने वाले गिरोह को तोड़ने के लिए की गई है।
जैसलमेर: जैसलमेर में मादा कैराकाल को रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ा
जैसलमेर के मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में दुर्लभ कैराकाल के संरक्षण के लिए राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कमजोर हालत में मिली मादा कैराकाल को 1 सितंबर को रेस्क्यू कर 20 सितंबर को रेडियो कॉलर लगाकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
स्थानीय ग्रामीणों ने 1 सितंबर को तनोट इलाके में एक मादा कैराकाल को बेहद कमजोर और लाचार अवस्था में देखा था। उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कैराकाल को सुरक्षित रेस्क्यू कर संरक्षण में लिया। वन विभाग के कर्मचारियों और वन्यजीव विशेषज्ञों ने 24 घंटे लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी रखी। विशेषज्ञों ने जब यह सुनिश्चित किया कि कैराकाल पूरी तरह स्वस्थ है और प्राकृतिक परिस्थितियों में जीवित रहने के लिए सक्षम है, तब उसे उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ने का निर्णय लिया गया।
इस प्रक्रिया में राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयास शामिल थे। इससे पहले इसी साल 25 जनवरी को एक नर कैराकाल को भी इसी तरह सुरक्षित रूप से प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया था।
रेडियो कॉलर के माध्यम से अब कैराकाल की गतिविधियों पर वैज्ञानिक तरीके से निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए कैमरा ट्रैप और सैटेलाइट डेटा का उपयोग किया जाएगा। इससे कैराकाल के व्यवहार, शिकार की आदतों और क्षेत्र में इसके वितरण को समझने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य की संरक्षण रणनीतियां तैयार करने का मजबूत आधार मिलेगा।
पाली: पाली के जैन मंदिर में नकबजनी के तीन आरोपी गिरफ्तार
पाली जिले के तखतगढ़ थाना क्षेत्र के कोसेलाव स्थित जैन मंदिर में नकबजनी की वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे चोरी गए चांदी के गहने और अन्य सामान बरामद करने के लिए पूछताछ की जा रही है।
पाली पुलिस ने नकबजनी के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई थी। इस टीम ने दुजाना (सांडेराव) हाल इंद्रा कॉलोनी, फालना निवासी 24 वर्षीय प्रकाश कुमार, उसकी 20 वर्षीय पत्नी पूजा उर्फ पुष्पा और दुजाना (सांडेराव) निवासी 18 वर्षीय सागर कुमार को गिरफ्तार किया।
पुलिस आरोपियों से चोरी किए गए भगवान महावीर स्वामी के चांदी के गहने, चांदी का औफला, चांदी का कल्पवृक्ष सहित अन्य चांदी के सामान के बारे में पूछताछ कर रही है।
थानाप्रभारी शैतान सिंह ने बताया कि 12 सितंबर को कोसेलाव निवासी परिवादी वेनपुरी गोस्वामी ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में पुलिस निरीक्षक श्यामराज सिंह, एएसआई गोपाल सिंह, दलपतसिंह, घीसाराम, मकसूद खान और हेड कांस्टेबल रामकिशोर शामिल थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- टोंक में नकद मुहैया कराने वाले आरोपियों को कैसे पकड़ा गया?
- यह कार्रवाई डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान 'म्यूल हंटर' के तहत हुई।
- जैसलमेर में मादा कैराकाल की देखभाल कैसे की गई?
- विभाग और विशेषज्ञ 24 घंटे उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी रखते थे और पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया।
- पाली के जैन मंदिर में नकबजनी के आरोपी कहां से गिरफ्तार हुए?
- अभियुक्त प्रकाश कुमार और उसकी पत्नी पूजा दुजाना (सांडेराव) के रहने वाले हैं, जबकि सागर कुमार भी दुजाना (सांडेराव) का निवासी है।
- रिपोर्ट दर्ज कराने वाला परिवादी कौन है और कब रिपोर्ट दर्ज हुई?
- परिवादी वेनपुरी गोस्वामी ने 12 सितंबर को चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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