राजस्थान के ज़िलों की 5 खबरें — कोटा: कोटा संभाग में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी
अलवर: अलवर में आज और कल बारिश के आसार, तापमान 30 से 32 डिग्री तक | करौली: भाड़ौती में बारिश से बाजरे की फसल को नुकसान | झालावाड़: भालता में 346 यूनिट रक्त संग्रहित, गर्भवती महिलाओं को निशुल्क मिलेगा | डूंगरपुर: डूंगरपुर में रातभर झमाझम बारिश से जलभराव
राजस्थान के कोटा संभाग में अगले दो दिन तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। अलवर में भी आज और कल बारिश के आसार हैं जबकि करौली के भाड़ौती क्षेत्र में बारिश से बाजरे की फसल को नुकसान हुआ है। झालावाड़ के भालता में 346 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ है, जो गर्भवती महिलाओं को निशुल्क दिया जाएगा।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — कोटा: कोटा संभाग में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी; अलवर: अलवर में आज और कल बारिश के आसार, तापमान 30 से 32 डिग्री तक; करौली: भाड़ौती में बारिश से बाजरे की फसल को नुकसान; झालावाड़: भालता में 346 यूनिट रक्त संग्रहित, गर्भवती महिलाओं को निशुल्क मिलेगा; डूंगरपुर: डूंगरपुर में रातभर झमाझम बारिश से जलभराव.
कोटा: कोटा संभाग में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी
कोटा संभाग में शुक्रवार को तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन भी बारिश की संभावना जताई है। गुरुवार दोपहर शहर के कई इलाक़ों में तेज बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.8 डिग्री दर्ज किया गया। इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 26% कम बारिश हुई है, जबकि सामान्यतया 17 सितंबर तक जिले में 714.1 मिमी बारिश होती है।
चंबल नदी पर बने बांधों की स्थिति भी मौसम की जानकारी में अहम है। गांधी सागर बांध मध्य प्रदेश के मंदसौर तहसील में है और 18 सितंबर सुबह 8 बजे तक इसकी जलस्तर 1301.74 फीट दर्ज की गई। राणा प्रताप सागर बांध चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा तहसील में और जवाहर सागर बांध बूंदी जिले के तालेड़ा तहसील में स्थित हैं। कोटा बैराज की क्षमता 854 फीट है।
अलवर: अलवर में आज और कल बारिश के आसार, तापमान 30 से 32 डिग्री तक
अलवर जिले में शुक्रवार सुबह से मौसम साफ बना हुआ है और हल्की हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने आज और कल बारिश के आसार जताए हैं, साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी भी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार आज अलवर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री रहने का अनुमान है। शनिवार को भी बारिश के आसार हैं और तापमान 32 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है, जिससे अगले दो दिन में तापमान बढ़ेगा और गर्मी का असर फिर से बढ़ेगा।
अलवर जिले में इस तारीख तक कुल 503 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य बारिश 526.1 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस हिसाब से जिले में अब तक करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
करौली: भाड़ौती में बारिश से बाजरे की फसल को नुकसान
भाड़ौती क्षेत्र में गुरुवार को दोपहर करीब 2 बजे अचानक तेज बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। करीब डेढ़ घंटे तक चली बारिश से खेतों में खड़ी बाजरे की फसल को नुकसान पहुंचा है और किसानों में चिंता बढ़ गई है।
किसानों ने बताया कि बाजरे की फसल पककर तैयार है, लेकिन इस समय हो रही बारिश से फसल को नुकसान हो रहा है। तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण कई खेतों में बाजरे की फसल आड़ी पड़ गई है।
बारिश के बाद खेतों में पानी जमा हो गया है, जिससे फसलों के खराब होने की आशंका बनी हुई है। कई किसान बारिश से पहले फसल को सुरक्षित जगह ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
टोडाभीम क्षेत्र में गुरुवार देर रात भी बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया, लेकिन किसानों की फसल को नुकसान से उनकी चिंता बढ़ गई है।
किसानों के अनुसार तिलहनी फसल में भी बारिश से काफी नुकसान हुआ है। बाजरे की कटी हुई फसलें अभी खेतों में ही रखी हैं, जिससे बारिश का असर और बढ़ सकता है।
झालावाड़: भालता में 346 यूनिट रक्त संग्रहित, गर्भवती महिलाओं को निशुल्क मिलेगा
भालता में आयोजित रक्तदान शिविरों में कुल 346 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ है। यह रक्त एसआरजी हॉस्पिटल झालावाड़, जिला हॉस्पिटल झालरापाटन और अन्य चिकित्सा संस्थानों में भर्ती गर्भवती महिलाओं को जरूरत पड़ने पर निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में गुरुवार को चिकित्सा विभाग की ओर से जिले के 13 चिकित्सा संस्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए गए।
शिविरों में चिकित्सा विभाग के कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और ग्रामीणों ने उत्साह से रक्तदान किया। सबसे अधिक 72 यूनिट रक्त एसआरजी चिकित्सालय झालावाड़ में और 8 यूनिट रुधिरा ब्लड बैंक झालावाड़ में संग्रहित हुआ। महिलाओं ने भी 21 यूनिट रक्तदान किया।
चिकित्सा विभाग के डॉ. साजिद खान ने बताया कि शिविरों में संग्रहित रक्त का उपयोग गर्भवती महिलाओं को जरूरत पड़ने पर ‘रिप्लेसमेंट फ्री रक्त’ उपलब्ध कराने में किया जाएगा। कुलवीर सिंह राजावत ने कहा कि रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद माताओं को प्रसव के दौरान समय पर रक्त उपलब्ध कराना है।
सीएचसी पनवाड़ में मुरली मनोहर नागर ने पहली बार रक्तदान किया। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर ने भी रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया। भालता पीएचसी में भी गुरुवार को रक्तदान शिविर आयोजित किया गया।
डूंगरपुर: डूंगरपुर में रातभर झमाझम बारिश से जलभराव
डूंगरपुर में मानसून के अंतिम चरण में आधी रात से शुरू हुई बारिश सुबह तक जारी रही। आसपुर और सोम कमला आम्बा बांध क्षेत्र में आठ इंच तक बारिश दर्ज हुई। जिले के कई इलाकों में जलभराव से सड़कें नदी जैसी हो गईं।
डूंगरपुर जिले के मारगिया डेम पर डेढ़ इंच पानी की चादर बनी हुई है। इसके अलावा जिले के अन्य छोटे-बड़े बांधों और तालाबों में भी पानी की आवक बढ़ी है। सुबह के समय हल्की और रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा।
गेंजी सीएचसी के सामने रपट पर पानी बहने से वहां खड़ी एंबुलेंस को हटाना पड़ा। मौसम विभाग ने शुक्रवार को डूंगरपुर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
आसमान में तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई, जो रातभर हल्की और झमाझम बरसात के रूप में जारी रही। पुराने शहर की सड़कों पर पानी नदी की तरह बहा। वारडोल का नाका, गजपुर और वात्रक तालाब पर भी पानी की आवक हुई है।
गणेशपुर में पांच इंच, डूंगरपुर शहर में सवा चार इंच, देवल और वेंजा में 90 मिमी, कनबा में 87 मिमी, सागवाड़ा में 74 मिमी, धंबोला में 42 मिमी, गलियाकोट में 51 मिमी, निठाउवा और साबला में 90 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कोटा संभाग में यलो अलर्ट जारी होने के बाद जनता को क्या सावधानियां अपनानी चाहिए?
- मौसम विभाग ने तेज बारिश की संभावना के कारण लोगों से आवश्यक सावधानी बरतने और जलभराव वाले इलाक़ों से दूर रहने का सुझाव दिया है।
- झालावाड़ में संग्रहित रक्त किस प्रकार और कब गर्भवती महिलाओं को दिया जाएगा?
- संग्रहित रक्त गर्भवती महिलाओं को उनकी आपात स्थिति में तत्काल निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रसव के दौरान समय पर सहायता मिल सके।
- बाजरे की फसल को नुकसान होने से किसानों को क्या मदद मिल सकती है?
- किसानों को कृषि विभाग से सलाह लेकर फसल के नुकसान का आंकलन कर पुनः बचाव और समर्थन योजनाओं का लाभ लेने की सलाह दी जाती है।
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