सरकारी राशन में फिर कटौती, एपीएल परिवारों को पांच किलो चावल मिलेगा
सितंबर में 6 किलो की जगह 5 किलो चावल मिलेगा, प्याज की आपूर्ति भी बढ़ाई गई
सरकार ने एपीएल परिवारों के लिए सरकारी राशन में चावल के कोटे को घटाकर 5 किलो कर दिया है, जो पहले 6 किलो था। प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने रेल और सड़क के हाइब्रिड मॉडल का उपयोग किया है, जिससे प्रमुख शहरों में प्याज की कीमतों में गिरावट आई है।
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धर्मशाला। सरकारी राशन व्यवस्था के तहत मिलने वाले खाद्यान्न के कोटे में फिर कटौती कर दी गई है। अब एपीएल परिवारों को सितंबर महीने में 6 किलो की जगह 5 किलो चावल ही मिलेगा। प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए रेलवे और सड़क के हाइब्रिड मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सरकार ने राशन में कटौती करते हुए एपीएल परिवारों को मिलने वाले चावल के कोटे को घटाकर 5 किलो कर दिया है। इससे पहले यह कोटा 6 किलो था। इस कदम से महंगाई के बीच सस्ते राशन की उपलब्धता प्रभावित होगी।
प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने हाइब्रिड मॉडल अपनाया है, जिसमें रेल और सड़क परिवहन दोनों का इस्तेमाल हो रहा है। नासिक से रवाना हुई दोनों कांदा एक्सप्रेस ट्रेनों से वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर जैसे प्रमुख शहरों में 140 टन प्याज भेजा गया। बाकी प्याज दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में वितरित किया गया।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने 24 अगस्त से प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड के तहत बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस साल सरकार ने कुल 1.21 लाख टन प्याज बफर स्टॉक में जमा किया था। प्याज की बिक्री शुरू होते ही दिल्ली, वाराणसी और अमृतसर में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
सरकार ने प्याज उत्पादक करीब 3,400 किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। प्याज की ढुलाई और वितरण के दौरान किसी भी तरह की कालाबाजारी रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। आने वाले दिनों में आपूर्ति सामान्य रहने से दाम स्थिर रहने की उम्मीद है।
सरकार उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रख रही है। इस व्यवस्था से महंगाई पर नियंत्रण और किसानों को उचित भुगतान सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सरकार ने प्याज उत्पादक किसानों को कितना भुगतान किया?
- सरकार ने प्याज उत्पादक करीब 3,400 किसानों को 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
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