बड़ानयागांव में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया
मंदिरों में भव्य सजावट, भजन-कीर्तन और रात 12 बजे घंटियों की गूंज
बड़ानयागांव के अशोक नगर स्थित श्रीसांवरिया सेठ मंदिर में 5 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, जिसमें भजन-कीर्तन, शोभा यात्रा और महाआरती शामिल थे। मंदिर परिसर में सुरक्षा के लिए करीब 400 पुलिस अधिकारी तैनात किए गए और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिगजैग व्यवस्था व नि:शुल्क बस सेवा संचालित की गई।
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बड़ानयागांव। बड़ानयागांव के अशोक नगर स्थित श्रीसांवरिया सेठ मंदिर में 5 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर को आकर्षक विद्युत रोशनी और सजावट से सजाया गया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिर की घंटियां गूंज उठीं।
मंदिर परिसर में भजन गायक राजेंद्र अग्रवाल देई और खुशी गौतम बूंदी ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए। गर्भगृह में बाल गोपाल की मनमोहक झांकी सजाई गई। अभिषेक, पूजा-अर्चना और महाआरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर में हाथी, घोड़ा और पालकी की शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें जय कन्हैयालाल और नंद के घर आनंद भयो के जयकारे गूंजते रहे।
मंडफिया के सांवलिया सेठ के दरबार में भी जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। ठाकुरजी को स्नान कराने के बाद भोग लगाया गया और भव्य महाआरती हुई। जोरदार आतिशबाजी से मंडफिया का आसमान रोशन हुआ। जन्मोत्सव से पहले आयोजित ड्रोन शो ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और जयकारे गूंजते रहे।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 400 पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए। मंदिर परिसर से लेकर सभी नाकों तक कड़ा सुरक्षा घेरा रखा गया। श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए लगभग 1500 मीटर की जिगजैग व्यवस्था बनाई गई। महिला और पुरुष पुलिसकर्मी अलग-अलग पॉइंट पर लगातार तैनात रहे। वाहनों को बाहर रोककर अलग-अलग पार्किंग स्थलों पर खड़ा कराया गया और श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क बस सेवा संचालित की गई। जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी तक पुलिस ड्यूटी लगी रही।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जन्मोत्सव के दौरान मंदिर में क्या गतिविधियां हुईं?
- मंदिर में भजन-कीर्तन, अभिषेक, पूजा-अर्चना, महाआरती और प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम हुए।
- सुरक्षा व्यवस्था कैसी रही?
- करीब 400 पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए और मंदिर परिसर से लेकर सभी नाकों तक कड़ा सुरक्षा घेरा रखा गया।
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्या इंतजाम किए गए?
- श्रद्धालुओं के लिए 1500 मीटर की जिगजैग व्यवस्था बनाई गई और नि:शुल्क बस सेवा संचालित की गई।
- मंडफिया में जन्माष्टमी उत्सव कैसे मनाया गया?
- सांवलिया सेठ के दरबार में ठाकुरजी को स्नान कराकर भोग लगाया गया और जोरदार आतिशबाजी की गई।
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