बहराइच में आवारा कुत्तों ने तीन साल के बच्चे और बच्ची पर हमला किया
ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों को पकड़वाने की मांग की, बच्चे का इलाज जारी
बहराइच के एक गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने तीन साल के बच्चे और बच्ची पर हमला किया, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों ने कुत्तों को लेकर सुरक्षा की चिंता जताई है और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और वन विभाग की टीम भी मामले में जांच कर रही है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
बहराइच। बहराइच के एक गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने तीन साल के बच्चे और बच्ची पर हमला किया। घायल बच्चे का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है और उसकी स्थिति में सुधार बताया गया है। ग्रामीणों में कुत्तों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
श्रावस्ती जिले के सकटूपुरवा निवासी एक ग्रामीण के घर में शुक्रवार सुबह तीन वर्षीय संचित सो रहा था, तभी आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। परिजन उसकी आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडों से कुत्तों को भगाया। गंभीर रूप से घायल संचित को मेडिकल कॉलेज के जीरियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर एसके वर्मा ने बताया कि इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार हो रहा है।
इसी दिन गांव में घर के बाहर खेल रही एक बच्ची पर भी आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला किया। आसपास के लोगों ने बच्ची को कुत्तों के चंगुल से बचाया और परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए।
ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों के झुंड को लेकर चिंता जताई है। असल कुमार ने कहा, "आवारा कुत्तों के झुंड ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।" उन्होंने प्रशासन से कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।
पुलिस और वन विभाग की टीम को सूचना मिलने पर मौके पर भेजा गया, जहां उन्होंने बछड़े का भी इलाज शुरू किया। आवारा कुत्ते ग्रामीणों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं।
गांव में कुत्तों के झुंड के कारण बच्चों और राहगीरों को खतरा बना हुआ है, जिससे ग्रामीण भयभीत हैं। इस घटना से पहले नाशिक में भी आवारा कुत्तों से संबंधित एक मामला सामने आया था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ग्रामीणों की क्या प्रतिक्रिया है?
- ग्रामीण भयभीत हैं और प्रशासन से कुत्तों को पकड़वाने की मांग कर रहे हैं।
- क्या ऐसी घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
- इस घटना से पहले नाशिक में भी आवारा कुत्तों से संबंधित मामला सामने आया था।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद









Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.