बिजनेस 4 MIN READ

सुभाष चंद्रा पर ₹1,322 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज

CBI ने फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट दिखाकर लोन लेने के आरोप में FIR दर्ज की

CBI ने जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा समेत चार लोगों के खिलाफ ₹1,322 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की शिकायत पर हुई है, जिसमें आरोप है कि चंद्रा ने फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा कर लोन लिया।
AI सार

CBI ने LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की शिकायत पर सुभाष चंद्रा और तीन अन्य के खिलाफ ₹1,322 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि चंद्रा ने फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट प्रस्तुत कर लोन लिया था, जबकि उनकी असली संपत्ति बहुत कम थी। मामले में चंद्रा पर दिवालिया घोषित करने और संपत्ति हस्तांतरित करने पर रोक लगी है।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

सुभाष चंद्रा पर धोखाधड़ी का मामला
सुभाष चंद्रा पर धोखाधड़ी का मामला / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

CBI ने जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा समेत चार लोगों के खिलाफ ₹1,322 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की शिकायत पर हुई है, जिसमें आरोप है कि चंद्रा ने फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा कर लोन लिया।

सुभाष चंद्रा के अलावा पंकज सुरोलिया, अमिश पांड्या और राजीव ढोलकिया पर 2018 से 2026 के बीच धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। चंद्रा जी मीडिया के मालिक एस्सेल ग्रुप के हेड और जी एंटरटेनमेंट के पूर्व चेयरमैन हैं।

लोन मंजूर कराने के लिए चंद्रा ने एक नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा किया था, जिसमें उनकी व्यक्तिगत कुल संपत्ति ₹59,113 करोड़ दर्शाई गई थी। इस आधार पर LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने उनकी कंपनियों को ₹1,322 करोड़ से अधिक का लोन दिया।

जब कंपनियां कर्ज नहीं चुका सकीं, तो चंद्रा के खिलाफ दिवालिया घोषित करने की कार्रवाई शुरू हुई। 2024 में उनकी असली कुल नेटवर्थ मात्र ₹31.79 करोड़ है। चंद्रा ने कहा कि 2017-18 में भी उनकी संपत्ति ₹40,000 करोड़ से अधिक नहीं थी।

चंद्रा की दिवालिया प्रक्रिया पहले भी विवादों में रही है। उन्होंने ₹22,000 करोड़ की देनदारी के बदले सिर्फ ₹6.5 करोड़ देकर मामला खत्म करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की सिंगल बेंच ने मान लिया था। इसके बाद मामले की सुनवाई के लिए पांच जजों की विशेष बेंच बनाई गई, जिसका चंद्रा ने विरोध किया था।

यह अदालत कंपनियों और कारोबार से जुड़े विवादों का निपटारा करती है। जब कोई कंपनी या कारोबारी कर्ज नहीं चुका पाता, तो बैंक और कर्जदाता वसूली के लिए सबसे पहले इस अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं।

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन चंद्रा पर मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के आरोपों को रिलायंस ने गलत बताया है। चंद्रा ने आरोप लगाया कि रिलायंस की ओर से उन पर गलत आरोप लगाकर फेक खबरें फैलाई जा रही हैं।

LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड का दावा है कि 2018 में क्रेडिट फैसिलिटी लेते समय चंद्रा ने ₹59,113 करोड़ का नेटवर्थ सर्टिफिकेट पेश किया था, जबकि 2024 में उन्होंने अपनी नेटवर्थ केवल ₹31.79 करोड़ बताई।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने चंद्रा को अपनी संपत्तियां बेचने या हस्तांतरित करने से रोक दिया है। साथ ही समूह की कंपनियों के कर्ज के लिए दी गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े करीब ₹22,006 करोड़ के दावों का लगभग ₹6.5 करोड़ में निपटान करने की अनुमति देने वाले आदेश पर भी रोक लगाई है।

विवाद एक री-पेमेंट योजना को लेकर है, जिसके तहत चंद्रा को समूह की कंपनियों द्वारा लिए गए कर्ज के लिए दी गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े दावों का महज ₹6.5 करोड़ में निपटान करने की अनुमति दी गई थी। यह ₹22,006 करोड़ के मुकाबले 99.9 प्रतिशत की कटौती है।

दस बैंकों और कर्जदाताओं ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, जबकि एचडीएफसी बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस और केनरा बैंक समेत असहमत कर्जदाताओं ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे वसूली बहुत कम होगी। असहमत कर्जदाताओं के पास 20 प्रतिशत से कम मताधिकार था।

चंद्रा ने कहा है कि व्यापक रूप से बताई जा रही ₹22,006 करोड़ की राशि वह व्यक्तिगत रूप से उधार नहीं ली थी। इसमें समूह की कंपनियों द्वारा लिए गए कर्ज के लिए दी गई गारंटी से जुड़े दावे शामिल हैं। उन्होंने व्यक्तिगत गारंटी से जुड़े दावों की राशि करीब ₹3,990 करोड़ बताई है और कहा कि बड़ी राशि मूल रूप से कर्ज लेने वाली कंपनियों के खिलाफ दावों से संबंधित है।

असहमत कर्जदाताओं ने चंद्रा की घोषित कुल संपत्ति की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि गारंटी देने के लिए उनकी संपत्ति का विवरण एक प्रमुख आधार था। कर्जदाताओं के अनुसार, प्रमाणित आंकड़ों में 2018 में उनकी कुल संपत्ति करीब ₹40,600 करोड़ और 2017 में ₹45,900 करोड़ थी, जबकि 2024 तक यह राशि काफी घट गई थी।

चंद्रा कभी भारत के प्रमुख कारोबारी चेहरों में शामिल थे। उन्होंने टेलीविजन, पैकेजिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और डायरेक्ट-टू-होम टेलीविजन सहित अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार खड़ा किया। वह भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से राज्यसभा सदस्य भी निर्वाचित हुए थे।

उनकी संपत्ति कभी उतनी थी ही नहीं, जितनी उन्होंने लोन लेते समय LIC HFL को बताए गए सर्टिफिकेट्स में दिखाई थी

सुभाष चंद्रा, जी ग्रुप के फाउंडर

री-पेमेंट योजना पर स्पष्ट बहुमत नहीं बना और इसलिए आदेश को प्रभावी नहीं किया जा सकता

सदस्यीय विशेष पीठ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

CBI ने किस आधार पर सुभाष चंद्रा पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया?
CBI ने धोखाधड़ी की जांच LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की शिकायत पर की, जिसमें आरोप था कि चंद्रा ने फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा कर लोन लिया।
चंद्रा ने ₹22,000 करोड़ की देनदारी के मामले को कैसे हल करने का प्रयास किया?
उन्होंने ₹22,000 करोड़ की देनदारी के बदले सिर्फ ₹6.5 करोड़ देकर मामला खत्म करने का प्रस्ताव दिया था।
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल किस काम के लिए बनी है?
यह अदालत कंपनियों और कारोबार से जुड़े विवादों का निपटारा करती है, खासकर जब कोई कंपनी कर्ज नहीं चुका पाती।
रिलायंस ने सुभाष चंद्रा पर लगे आरोपों पर क्या बयान दिया?
रिलायंस ने कहा कि चंद्रा पर मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के आरोप गलत हैं।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 क्राइम गुवाहाटी में महिला का सिर फ्रिज में मिला, पति मुख्य संदिग्ध
03 शिक्षा उत्तर प्रदेश के स्कूल में जर्जर इमारत के कारण छात्रों ने किया क्लास बहिष्कार
04 राजस्थान बाड़मेर में पंचायत स्तर पर विकसित भारत जन सेवा अभियान जारी
Trust & Transparency

How this story was handled

Published5 सितंबर 2026, 22:24 IST IST
Last updated5 सितंबर 2026, 22:24 IST IST
Latest newsroom actionnewsdesk-bot (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under बिजनेस and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: बिज़नेस.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from बिजनेस.

बिजनेस

एनसीएलटी ने सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान पर रोक लगाई

बिजनेस

NSE के ₹22,569 करोड़ IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को होगा

राज्य

बिहार में CBI जांच के लिए अब राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी

क्राइम

CBI ने डिजिटल अरेस्ट गैंग के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

कानून / कोर्ट

CBI ने दिशा सालियान मौत मामले में FIR दर्ज की

Recommended Stories

More from बिजनेस
एनसीएलटी ने सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान पर रोक लगाई
बिजनेस
इससे जुड़ी ख़बरें

एनसीएलटी ने सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान पर रोक लगाई

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 5 सितंबर 2026
NSE के ₹22,569 करोड़ IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को होगा
बिजनेस
इससे जुड़ी ख़बरें

NSE के ₹22,569 करोड़ IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को होगा

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 22 सितंबर 2026
बिहार में CBI जांच के लिए अब राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी
राज्य
इससे जुड़ी ख़बरें

बिहार में CBI जांच के लिए अब राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 5 सितंबर 2026
CBI ने डिजिटल अरेस्ट गैंग के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
क्राइम
इससे जुड़ी ख़बरें

CBI ने डिजिटल अरेस्ट गैंग के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 4 सितंबर 2026
CBI ने दिशा सालियान मौत मामले में FIR दर्ज की
कानून / कोर्ट
इससे जुड़ी ख़बरें

CBI ने दिशा सालियान मौत मामले में FIR दर्ज की

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 14 सितंबर 2026
सुप्रीम कोर्ट ने CBI की तेज जांच पर उठाए सवाल
क्राइम
इससे जुड़ी ख़बरें

सुप्रीम कोर्ट ने CBI की तेज जांच पर उठाए सवाल

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 19 सितंबर 2026
दिशा सालियान के पिता ने CBI में चार घंटे बयान दर्ज कराया
राज्य
इससे जुड़ी ख़बरें

दिशा सालियान के पिता ने CBI में चार घंटे बयान दर्ज कराया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 12 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 क्राइम गुवाहाटी में महिला का सिर फ्रिज में मिला, पति मुख्य संदिग्ध
03 शिक्षा उत्तर प्रदेश के स्कूल में जर्जर इमारत के कारण छात्रों ने किया क्लास बहिष्कार
04 राजस्थान बाड़मेर में पंचायत स्तर पर विकसित भारत जन सेवा अभियान जारी

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.