नागौर में सोमवार को तेजा दशमी मेला धूमधाम से मनाया जाएगा
मंदिरों में पूजा-अर्चना, भजन संध्या और भंडारे होंगे, श्रद्धालुओं में उत्साह
नागौर जिले के ढाबादेह और आसपास के कई गांवों में 21 सितंबर को तेजा दशमी के अवसर पर मेले और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिरों में पूजा-अर्चना, भंडारों का आयोजन होगा और श्रद्धालु सुबह से तेजाजी के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। परबतसर में तीन दिन तक चलने वाला मेला भी होगा।
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नागौर। नागौर जिले के ढाबादेह में 21 सितंबर को तेजा दशमी के अवसर पर सालाना मेला धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और भंडारों का आयोजन होगा, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।
तेजाजी मंदिर के पुजारी रमेश चंद्र खींची ने बताया कि तेजा दशमी के उपलक्ष्य में सोमवार को पुष्कर के मालनियों का चौक, छोटी बस्ती स्थित तेजाजी मंदिर तथा नजदीकी ग्राम तिलोरा और कानस गांव के तेजाजी मंदिरों में मेले का आयोजन होगा।
क्षेत्र में तेजा दशमी महोत्सव पूरे जोश के साथ मनाया जाएगा। दिनभर श्रद्धालुओं के लिए भंडारों का आयोजन होगा। झामावास ग्राम में लक्की उड़ान और राजू चौधरी एंड पार्टी की भजन संध्या भी रात में होगी।
सीतारामपुरा में पुजारी तेजपाल झाझड़िया के नेतृत्व में पूजा-अर्चना की जाएगी। न्यू कॉलोनी स्थित बाबा रामदेव मंदिर में रामदेव दशमी के अवसर पर धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। सुबह हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद विधिवत पूजा-अर्चना और महाआरती होगी।
परबतसर में भी तेजा दशमी के पावन अवसर पर ऐतिहासिक वीर तेजा मंदिर परिसर में तीन दिन तक चलने वाला मेला भरेगा। यह परंपरा सदियों से पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही है। मेले में परबतसर सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्र के लोग शामिल होंगे।
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तेजा दशमी रविवार को क्षेत्रभर के घरों और मंदिरों में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई गई। तेजाजी मंदिरों में करीब दस दिनों से चल रहा घुघरी प्रसाद चढ़ाने और वितरण का सिलसिला सोमवार को समाप्त होगा।
तेजाजी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। तेजा दशमी पर हाथनोदा, अमरपुरा, महारकलां, खेजरोली देवनगरी, बराला की ढाणी समेत कई गांवों के तेजाजी मंदिरों में मेले और धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- परबतसर के मेले की खास बात क्या है?
- यह मेला तीन दिनों तक चलता है और सदियों पुरानी परंपरा है।
- भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तेजा दशमी कब मनाई गई?
- यह रविवार को क्षेत्र के घरों और मंदिरों में श्रद्धा के साथ मनाई गई।
- पूजा-अर्चना का नेतृत्व कौन करेगा?
- सीतारामपुरा में पुजारी तेजपाल झाझड़िया पूजा-अर्चना का नेतृत्व करेंगे।
- तेजा दशमी मेले में किन क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल होते हैं?
- परबतसर और आसपास के दूर-दराज के गांवों के लोग मेले में शामिल होते हैं।
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