राजस्थान के ज़िलों की 3 खबरें — जालोर: पूर्व कलेक्टर के खिलाफ वारंट तामील न होने पर एसपी तलब
टोंक: उनियारा में उत्तम मार्दव धर्म श्रद्धा से मनाया गया | जोधपुर: जोधपुर हाईकोर्ट भवन निर्माण मामले में 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत
राजस्थान के जालोर में पूर्व कलेक्टर और श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ जारी वारंट तामील न होने पर उपभोक्ता आयोग ने पुलिस अधीक्षक को 22 सितंबर को तलब किया है और लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। टोंक के उनियारा में दशलक्षण महापर्व धार्मिक अनुष्ठान के साथ मनाया गया। जोधपुर हाईकोर्ट भवन निर्माण मामले में 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत मिली है।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — जालोर: पूर्व कलेक्टर के खिलाफ वारंट तामील न होने पर एसपी तलब; टोंक: उनियारा में उत्तम मार्दव धर्म श्रद्धा से मनाया गया; जोधपुर: जोधपुर हाईकोर्ट भवन निर्माण मामले में 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत.
जालोर: पूर्व कलेक्टर के खिलाफ वारंट तामील न होने पर एसपी तलब
जालोर उपभोक्ता आयोग ने श्रमिक महिला को शादी सहायता राशि न देने के मामले में पूर्व कलेक्टर और वर्तमान श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ जारी वारंट की तामील न होने पर एसपी को 22 सितंबर को तलब किया है। आयोग ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है और लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
रानीवाड़ा क्षेत्र की मोवनी देवी ने अपनी बेटियों विमला और संगीता की शादी के लिए राजस्थान शुभ शक्ति योजना के तहत सहायता राशि के लिए आवेदन किया था। राशि न मिलने पर मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा था।
आयोग ने 2 सितंबर 2021 को फैसला सुनाते हुए दोनों बेटियों के लिए 55-55 हजार रुपए यानि कुल 1.10 लाख रुपए की सहायता राशि देने के आदेश दिए थे। इसके साथ मानसिक-शारीरिक कष्ट एवं परिवाद व्यय के लिए 25 हजार रुपए भी देने को कहा गया था।
श्रम विभाग ने आयोग के आदेश के खिलाफ अपील की, जो खारिज हो चुकी है। इसके बाद भी आदेश की पालना नहीं होने पर परिवादी की ओर से अवमानना व वसूली कार्रवाई शुरू कराई गई।
उपभोक्ता आयोग ने प्रकरण 17/2021 मोवनी देवी बनाम जिला श्रम अधिकारी में आधिकारिक पत्र एसपी को भेजकर श्रम आयुक्त जयपुर पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी कर विशेष वाहक के जरिए तामील कराने के निर्देश दिए थे।
पुलिस ने न तो वारंट तामील कराया और न तामील न होने पर आयोग को वापस भेजा। आयोग ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है और 22 सितंबर को एसपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर वारंट तामील न होने के कारणों का लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
टोंक: उनियारा में उत्तम मार्दव धर्म श्रद्धा से मनाया गया
उनियारा उपतहसील मुख्यालय पर स्थित दिगंबर जैन मंदिरों में दशलक्षण महापर्व के दौरान उत्तम मार्दव धर्म श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस पर्व के तहत प्रतिदिन सुबह धार्मिक अनुष्ठान और शाम को आरती, प्रश्न मंच तथा शास्त्र ज्ञान-स्वाध्याय के आयोजन हो रहे हैं।
शाम 7 बजे भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंगलाष्टक से कार्यक्रम की शुरुआत हुई और दशलक्षण महामंडल विधान श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुआ। तीर्थ क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना रहा।
प्रतिष्ठाचार्य पंडित विमल सौगाणी ने उत्तम मार्दव धर्म के महत्व को समझाते हुए अहंकार का त्याग, विनम्रता और सरलता को जीवन में अपनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि जैन धर्म में उत्तम मार्दव का अर्थ है मान और अहंकार का त्याग कर विनम्रता को अपनाना।
पंडित बृजेश शास्त्री ने कहा कि मान और कषाय के अभाव को ही उत्तम मार्दव धर्म कहा गया है। मनुष्य को अपनी शक्ति, धन, पद या दान का कभी अभिमान नहीं करना चाहिए। अहंकार और अभिमान का त्याग कर मन के भावों को निर्मल रखना सच्चे अर्थों में मार्दव धर्म है। विनम्रता आत्मा को शुद्ध और निर्मल बनाने का मार्ग है।
दशलक्षण महापर्व के दौरान महिला मंडल की ओर से प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं। श्रद्धालुओं ने धर्म के संदेश को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
जोधपुर: जोधपुर हाईकोर्ट भवन निर्माण मामले में 8 आरोपियों को अंतरिम जमानत
जोधपुर हाईकोर्ट भवन निर्माण में संरचनात्मक खामियों के मामले में आठ आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अंतरिम जमानत मिल गई है। खंडपीठ ने आरोपियों को एक लाख रुपए के निजी बॉन्ड और 50-50 हजार रुपए के दो जमानती बॉन्ड जमा करने पर रिहा करने का निर्देश दिया।
यह मामला हाईकोर्ट प्रशासन की तरफ से 12 नवंबर 2024 को कुड़ी भगतासनी थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 0411/2024 से जुड़ा है। एफआईआर में आईपीसी की धारा 420 और 488 के तहत केस दर्ज हुआ था, बाद में धारा 409, 336, 120बी और 166ए भी जोड़ी गईं।
सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के 15 सितंबर 2026 के आदेश का हवाला दिया और ऐसी ही राहत की मांग की। राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद और अन्य वकीलों ने अपना पक्ष रखा। बाकी मामलों में जवाब और केस डायरी पेश करने के लिए समय मांगा गया।
खंडपीठ ने राज्य को जवाब दाखिल करने का समय दिया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए आठ आरोपियों को अंतरिम राहत दी। इनमें राजेश चंद्र पुरोहित, शिव हरे महौर, अजित कुमार सांघी, रामेश्वर दयाल खंडेलवाल, गोपाल लाल खंडेलवाल, अजय किशन मूथा और नवीन चंद्र के नाम शामिल हैं।
कोर्ट ने हर आरोपी को एक लाख रुपए का निजी बॉन्ड और 50-50 हजार रुपए के दो जमानती बॉन्ड जमा करने पर रिहा करने का निर्देश दिया। यह राहत राज्य सरकार के जवाब और सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसएलपी के नतीजे पर निर्भर करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पूर्व कलेक्टर के खिलाफ वारंट तामील न होने पर आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
- एसपी को 22 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर वारंट तामील न होने के कारणों का लिखित स्पष्टीकरण देना होगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
- जोधपुर हाईकोर्ट भवन मामले में आरोपियों को अंतरिम जमानत कैसे मिली?
- अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के 15 सितंबर 2026 के आदेश का हवाला देते हुए आरोपियों को एक लाख रुपए के निजी बॉन्ड और दो 50-50 हजार रुपए के जमानती बॉन्ड जमा करने पर अंतरिम जमानत दी।
- टोंक के उनियारा में दशलक्षण महापर्व कैसे मनाया गया?
- दिगंबर जैन मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान, आरती, प्रश्न मंच, शास्त्र ज्ञान-स्वाध्याय और भक्तामर दीपार्चना आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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