शाहजहांपुर में शिक्षकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण
छात्र-शिक्षकों को आपदा से बचाव के लिए तैयार करने पर जोर
शाहजहांपुर में मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में आपदा के समय संयम बनाए रखने, सही निर्णय लेने और सुरक्षित प्रतिक्रिया देने के उपाय बताए गए। कार्यशाला में 60 शिक्षकों ने हिस्सा लिया और आपदा से बचाव हेतु आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई।
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शाहजहांपुर। शाहजहांपुर में मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में आपदा के समय संयम बनाए रखने और सही निर्णय लेने के तरीकों पर विशेष ध्यान दिया गया।
कलक्ट्रेट सभागार में सीडीओ उत्कर्ष द्विवेदी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक हुई, जिसमें विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आपदा से बचाव के लिए प्रशिक्षित करने पर जोर दिया गया।
होली क्रॉस विद्यालय, बालीडीह में सीबीएसई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अंतर्गत एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। मदर मरिया सेरेर हॉल में छह घंटे चली इस कार्यशाला में 60 शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में आपदा के समय घबराहट की बजाय सतर्कता और सही निर्णय से नुकसान को कम करने के उपाय बताए गए। विभिन्न माध्यमों से आपदा प्रबंधन के जरूरी पहलुओं को समझाया गया।
डीपीएस चास की प्राचार्य डॉ मनीषा तिवारी और डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-4 की वरिष्ठ अर्थशास्त्र शिक्षिका सौमी कुमारी ने शिक्षकों को आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने, सुरक्षित प्रतिक्रिया देने और दूसरों की सहायता करने के बारे में जानकारी दी।
वक्ताओं ने कहा, "आपदा के समय घबराहट की बजाय सतर्कता व सही निर्णय नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- प्रशिक्षण में क्या विशेष ध्यान दिया गया?
- प्रशिक्षण में आपदा के समय संयम बनाए रखने और सही निर्णय लेने के तरीकों पर फोकस किया गया।
- कार्यशाला कहां आयोजित की गई थी?
- यह कार्यशाला मदर मरिया सेरेर हॉल में हुई थी।
- प्रशिक्षण में किन शिक्षकों ने भाग लिया?
- कार्यशाला में डीपीएस चास की प्राचार्य और डीएवी पब्लिक स्कूल की वरिष्ठ शिक्षिका समेत कुल 60 शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
- कार्यशाला का उद्देश्य क्या था?
- कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को आपदा के दौरान सुरक्षित प्रतिक्रिया देने और दूसरों की सहायता करने के लिए प्रशिक्षित करना था।
- कार्यकारी समिति बैठक में क्या चर्चा हुई?
- बैठक में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आपदा से बचाव के लिए प्रशिक्षित करने पर जोर दिया गया।
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