त्रिपुरा के शीर्ष वामपंथी नेता ब्रज गोपाल रॉय का 86 साल की उम्र में निधन
वरिष्ठ वाम नेता डॉ ब्रज गोपाल रॉय का 86 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। डॉ रॉय त्रिपुरा में पहली वाम मोर्चा सरकार में मंत्री थे और उन्होंने कई साहित्यिक और सामाजिक विषयों पर 15 से अधिक पुस्तकें लिखीं।
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अगरतला, 31 जुलाई (आईएएनएस)। वरिष्ठ वाम नेता और त्रिपुरा में पहली वाम मोर्चा सरकार के पूर्व मंत्री डॉ ब्रज गोपाल रॉय का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 86 वर्ष के थे।
फॉरवर्ड ब्लॉक के शीर्ष नेता और प्रसिद्ध सांस्कृतिक व्यक्तित्व डॉ रॉय, पहली वाम मोर्चा सरकार (1978-1983) में मंत्री थे, और उनके परिवार में एक बेटी और पत्नी हैं।
शिक्षक से नेता बने डॉ रॉय ने विभिन्न साहित्यिक और सामाजिक विषयों पर 15 से अधिक पुस्तकें लिखीं। वह बंगाली साहित्य के विद्वान और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कट्टर अनुयायी थे।
वह आजीवन और त्रिपुरा के शीर्ष साहित्यिक-सांस्कृतिक केंद्र रवींद्र परिषद के संस्थापक सदस्य भी थे। उन्होंने जीवन भर साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रियता दिखाई।
डॉ रॉय 1978-1983 में मुख्यमंत्री नृपेन चक्रवर्ती के अधीन और फिर मुख्यमंत्री दशरथ देब के नेतृत्व वाली तीसरी वाम सरकार (1993-1998) में पहली माकपा के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार में मंत्री थे।
मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने एक बयान में कहा, डॉ रॉय साहित्यिक कार्यों और राजनीति दोनों में सक्रिय रूप से शामिल थे। वह एक ईमानदार व्यक्ति थे। उनकी मृत्यु सांस्कृतिक और साहित्यिक दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- डॉ ब्रज गोपाल रॉय का निधन कब हुआ?
- डॉ ब्रज गोपाल रॉय का निधन 31 जुलाई को हुआ।
- उनके परिवार में कौन-कौन है?
- उनके परिवार में एक बेटी और पत्नी हैं।
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