दुनिया 2 MIN READ

संयुक्त राष्ट्र ने अफ्रीका के असली आकार वाला नक्शा अपनाया

164 देशों के समर्थन के बीच अमेरिका ने मर्केटर नक्शे का विरोध किया

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 16वीं सदी के मर्केटर नक्शे को छोड़कर देशों और महाद्वीपों के असली आकार को सही ढंग से दिखाने वाले नए नक्शे को अपनाने का फैसला किया है। इस प्रस्ताव को 164 देशों ने समर्थन दिया जबकि अमेरिका इसका विरोध करता रहा। अफ्रीकी देशों ने इस बदलाव की पहल की थी ताकि महाद्वीप के वास्तविक आक
AI सार

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मर्केटर नक्शे की जगह अफ्रीका के वास्तविक आकार को दिखाने वाले नए नक्शे को अपनाने का फैसला किया है, जिसे 164 देशों ने समर्थन दिया। अफ्रीकी देशों की पहल पर आधारित इस बदलाव का उद्देश्य महाद्वीप के आकार को सही ढंग से प्रदर्शित करना है। अमेरिका ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

संयुक्त राष्ट्र में नए नक्शे पर चर्चा
संयुक्त राष्ट्र में नए नक्शे पर चर्चा / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

 संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 16वीं सदी के मर्केटर नक्शे को छोड़कर देशों और महाद्वीपों के असली आकार को सही ढंग से दिखाने वाले नए नक्शे को अपनाने का फैसला किया है। इस प्रस्ताव को 164 देशों ने समर्थन दिया जबकि अमेरिका इसका विरोध करता रहा। अफ्रीकी देशों ने इस बदलाव की पहल की थी ताकि महाद्वीप के वास्तविक आकार को सही तरीके से दिखाया जा सके।

दुनिया में लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे मर्केटर नक्शे में ध्रुवों के पास के हिस्से बड़े दिखते हैं, जिससे ग्रीनलैंड अफ्रीका के बराबर या उससे बड़ा नजर आता है जबकि असल में अफ्रीका उससे करीब 14 गुना बड़ा है। यह नक्शा 1569 में यूरोपियन मैप मेकर जेरार्डस मर्केटर ने बनाया था और समुद्र में रास्ता तय करने तथा जहाजों के नेविगेशन के लिए उपयोगी माना जाता है।

अफ्रीकी संघ के अभियान के तहत टोगो ने मर्केटर नक्शे के उपयोग को सीमित करने की पहल की थी। इस बदलाव का मकसद अफ्रीका के महाद्वीप को हाशिये पर दिखाने वाली सोच को बदलना था। प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारी बहुमत से पारित हुआ।

यह वैचारिक एजेंडे को बढ़ावा देता है और अंतरराष्ट्रीय शांति, समृद्धि या अच्छे संबंधों से जुड़ी असली समस्याओं से ध्यान भटकाता है

अमेरिका

एक निष्पक्ष दुनिया की शुरुआत निष्पक्ष मानचित्र से होती है

मंत्री रॉबर्ट डुसे

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मर्केटर नक्शे में क्या कमी थी?
मर्केटर नक्शे में ध्रुवों के पास के हिस्से बड़े दिखते थे जिससे अफ्रीका का आकार कम दिखता था।
मर्केटर नक्शा कब और क्यों बनाया गया था?
मर्केटर नक्शा 1569 में बनाया गया था और इसका उपयोग समुद्र में रास्ता तय करने तथा नेविगेशन के लिए होता था।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
03 शिक्षा चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ वॉकाथॉन, प्रशासन ने हरी झंडी दिखाई
04 स्वास्थ्य पाली में जातरुओं से भरी पिकअप पलटी, 9 गंभीर घायल
Trust & Transparency

How this story was handled

Published5 सितंबर 2026, 12:30 IST IST
Last updated5 सितंबर 2026, 12:30 IST IST
Latest newsroom actionnewsdesk-bot (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under दुनिया and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: रॉयटर.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from दुनिया.

दुनिया

भारत ने समान-क्षेत्रफल नक्शा प्रोजेक्शन के व्यापक उपयोग का समर्थन किया

दुनिया

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में नए नक्शे के प्रस्ताव का समर्थन किया

राजस्थान

राजस्थान के ज़िलों की 5 खबरें — उदयपुर: उदयपुर में मानसून की बारिश नहीं, अफ्रीका की गर्मी ने रोका

Recommended Stories

More from दुनिया
भारत ने समान-क्षेत्रफल नक्शा प्रोजेक्शन के व्यापक उपयोग का समर्थन किया
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

भारत ने समान-क्षेत्रफल नक्शा प्रोजेक्शन के व्यापक उपयोग का समर्थन किया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 5 सितंबर 2026
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में नए नक्शे के प्रस्ताव का समर्थन किया
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में नए नक्शे के प्रस्ताव का समर्थन किया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 6 सितंबर 2026
राजस्थान के ज़िलों की 5 खबरें — उदयपुर: उदयपुर में मानसून की बारिश नहीं, अफ्रीका की गर्मी ने रोका
राजस्थान
इससे जुड़ी ख़बरें

राजस्थान के ज़िलों की 5 खबरें — उदयपुर: उदयपुर में मानसून की बारिश नहीं, अफ्रीका की गर्मी ने रोका

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
03 शिक्षा चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ वॉकाथॉन, प्रशासन ने हरी झंडी दिखाई
04 स्वास्थ्य पाली में जातरुओं से भरी पिकअप पलटी, 9 गंभीर घायल

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.