Waiting Hai में दिखा तत्काल टिकट का खेल और पुलिस की कहानी
पटना पृष्ठभूमि में बनी सीरीज में टिकटिंग रैकेट, लालच और सिस्टम की जटिलता
'Waiting Hai' नामक वेब सीरीज भारतीय रेलवे में तत्काल टिकट की समस्या और उससे जुड़े टिकट रैकेट पर केंद्रित है। यह एक आरपीएफ कांस्टेबल की जांच कहानी के माध्यम से टिकटिंग सिस्टम की अनियमितताओं और विवादों को दिखाती है। सीरीज में पुलिस और अपराधी के संघर्ष के साथ समाज की जटिलताएं भी उजागर होती हैं।
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भारतीय रेलवे में तत्काल टिकट मिलना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन कुछ सेकेंड की देरी से टिकट हाथ से निकल जाता है। 'Waiting Hai' नामक सात एपिसोड की सीरीज इसी रोजमर्रा की समस्या को क्राइम ड्रामा में बदलती है और टिकटिंग रैकेट, टेक्नोलॉजी व लालच की कहानी दिखाती है।
कहानी सुगम मिश्रा नाम के आरपीएफ कांस्टेबल की है, जो नई नौकरी, शादी और घर की जिम्मेदारियों के बीच अपने पिता की उम्मीदों को लेकर चलता है। ड्यूटी के दौरान वह टिकटिंग सिस्टम में अनियमितताएं देखता है और मामले की तह तक जाने लगता है।
सुगम की जांच के साथ कहानी अफरोज हम्सा की भी है, जो कंप्यूटर कौशल से रेलवे टिकटिंग सिस्टम में सेंध लगाता है। शुरू में वह छोटी जरूरतों के लिए यह करता है, लेकिन बाद में लालच में फंसकर बड़े रैकेट का हिस्सा बन जाता है।
दिव्येंदु शर्मा ने सुगम का किरदार निभाया है, जो एक आम और परेशान पुलिसवाला है। उनकी पत्नी का रोल हर्षिता गौर ने निभाया है, जिन्हें दर्शक पहले भी पहचान चुके हैं। घरेलू हिस्सों में सीरीज को इमोशनल टच मिलता है, लेकिन कमजोर राइटिंग कई बार कहानी की गति को प्रभावित करती है।
सीरीज में तत्काल टिकट की समस्या को मिडिल क्लास की आम परेशानी के रूप में दिखाया गया है। पुलिस बनाम अपराधी की कहानी से बढ़कर यह दोनों किरदारों की मजबूरियों और सिस्टम की जटिलताओं को भी दर्शाती है।
हालांकि कहानी कई बार अपनी पटरी से उतर जाती है और कुछ सीन अलग से बनाए गए सोशल मीडिया स्केच जैसे लगते हैं। फिर भी, यह स्कैम ड्रामा अपने आइडिया से दर्शकों को बांधे रखता है और कुछ अच्छे हंसी, इमोशन व सस्पेंस के पल देता है।
अगर राइटिंग थोड़ी और कसी होती तो यह सीरीज एक शानदार स्कैम थ्रिलर बन सकती थी, लेकिन फिलहाल यह एक ठीक-ठाक और अधूरी क्षमता वाली प्रस्तुति है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अफरोज हम्सा का किरदार सीरीज में क्या करता है?
- अफरोज हम्सा कंप्यूटर कौशल से टिकटिंग सिस्टम में सेंध लगाता है, जो बाद में बड़े रैकेट का हिस्सा बन जाता है।
- सीरीज में किन तत्वों को प्रमुखता दी गई है?
- सीरीज में पुलिस बनाम अपराधी के अलावा पात्रों की मजबूरियां और सिस्टम की जटिलताओं को भी दिखाया गया है।
- सीरीज की राइटिंग के बारे में क्या बात कही गई है?
- राइटिंग कमजोर होने के कारण कहानी की गति प्रभावित होती है और कुछ सीन सोशल मीडिया स्केच जैसे लगते हैं।
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