कृषि जमुई 3 MIN READ

जमुई की छह नदियों पर जंगली कांसिया घास का कब्जा, 1300 एकड़ खेती चौपट

कांसिया घास की गहरी जड़ें भूजल स्तर गिरा रही हैं, किसानों को लाखों का नुकसान

जमुई जिले की छह नदियों के किनारे 1300 एकड़ से अधिक क्षेत्र में जंगली कांसिया घास ने कब्जा कर लिया है। इसकी छह मीटर तक गहरी जड़ें भूजल स्तर को तेजी से गिरा रही हैं, जिससे खेती चौपट हो गई है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
AI सार

जमुई जिले की छह नदियों के किनारे 1300 एकड़ से अधिक क्षेत्र में जंगली कांसिया घास ने कब्जा कर लिया है, जिससे खेती प्रभावित हुई है और किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस घास की गहरी जड़ें जलस्रोत को कम कर रही हैं और नदी के जल प्रवाह को बाधित कर बाढ़ व कटाव का खतरा बढ़ा रही हैं। किसान प्रशासन से समाधान की मांग कर रहे हैं।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

जमुई की नदियों पर जंगली कांसिया घास का कब्जा
जमुई की नदियों पर जंगली कांसिया घास का कब्जा / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

जमुई जिले की छह नदियों के किनारे 1300 एकड़ से अधिक क्षेत्र में जंगली कांसिया घास ने कब्जा कर लिया है। इसकी छह मीटर तक गहरी जड़ें भूजल स्तर को तेजी से गिरा रही हैं, जिससे खेती चौपट हो गई है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

जमुई की प्रमुख नदियां किऊल, बरनार, सुखनर, उलई, आंजन और गढ़वा सहित सभी छोटी-बड़ी नदियां कांसिया घास की चपेट में हैं। विभागीय और स्थानीय अनुमान के अनुसार अकेले किऊल नदी में 400 एकड़ और बरनार नदी में 200 एकड़ सहित जिले भर में लगभग 1300 एकड़ से अधिक नदी पाट पर इस खरपतवार ने अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया है।

डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रों और वनस्पति विज्ञान के अनुसार सैकेरम स्पॉन्टेनियम की जड़ें बेहद खास और मजबूत होती हैं, जिन्हें 'रोप रूट्स' यानी रस्सी जैसी जड़ें कहा जाता है। ये जड़ें जमीन में लंबवत छह मीटर या उससे भी अधिक गहराई तक प्रवेश कर जाती हैं। गहरी मिट्टी में मौजूद जल और नाइट्रेट को खींचने की इसकी क्षमता अन्य सामान्य पौधों से कई गुना अधिक है।

इस घास का सबसे खतरनाक असर यह है कि यह नदी के आंतरिक जलस्रोतों को तेजी से सोख रही है, जिससे आसपास के कुएं, चापाकल और बोरिंग सूख रहे हैं। नदी तल में इसके घने गुच्छों के जमाव से प्राकृतिक जलप्रवाह संकीर्ण हो रहा है, जिससे बरसात के दिनों में अचानक बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ गया है।

कांसिया घास की वजह से नदी कछार की खेती पूरी तरह चौपट हो गई है। जिस जमीन पर यह घास उगती है, वहां कोई दूसरी वनस्पति नहीं पनप पाती। इसके कारण पीढ़ियों से होने वाली दलहन जैसे अरहर, कुरथी, सब्जी, बादाम, तरबूज और खीरा-ककड़ी की खेती ठप हो गई है। नदी किनारे उगने वाली सामान्य हरी घास, जो मवेशियों के चारे का मुख्य आधार थी, पूरी तरह विलुप्त हो गई है।

कांसिया घास इतनी कठोर होती है कि इसे न तो पशु खाते हैं और न ही इससे खाद या बेहतर ईंधन बनता है। स्थानीय किसान बताते हैं कि किऊल नदी किनारे उनकी डेढ़ सौ एकड़ से अधिक उपजाऊ भूमि है, जहां वे मूंगफली, धान, कुरथी, अरहर, तरबूज और खीरे की बंपर फसल लेते थे। इस बार कांसिया घास के फैलाव के कारण एक इंच भी बुआई नहीं हो सकी और सारे खेत बंजर पड़े हैं।

किसान परिवारों को दो से ढाई लाख रुपये तक का सीधा नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो रोजी-रोटी के अभाव में परिवार का पेट भरने के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कांसिया घास की जड़ें क्यों खतरनाक हैं?
इसकी जड़ें बहुत गहरी होती हैं और पूरी मिट्टी से जल तथा नाइट्रेट निकालती हैं, जिससे भूजल स्तर तेजी से गिरता है।
कांसिया घास के कारण किसानों को क्या नुकसान हो रहा है?
किसानों की खेती पूरी तरह चौपट हो गई है और उन्हे दो से ढाई लाख रुपये तक का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्या कांसिया घास पशुओं द्वारा खाई जा सकती है?
नहीं, यह घास इतनी कठोर है कि न तो पशु इसे खाते हैं और न ही इसे खाद या ईंधन के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
असार में कांसिया घास के फैलाव से क्या खतरे हैं?
इससे नदी के जल प्रवाह में कमी आती है, जिससे बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ जाता है।
किसानों की भविष्य की चिंता क्या है?
यदि प्रशासन ने कदम नहीं उठाए, तो किसानों को पलायन करना पड़ सकता है क्योंकि उनकी रोजी-रोटी खतरे में है।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 क्राइम गुवाहाटी में महिला का सिर फ्रिज में मिला, पति मुख्य संदिग्ध
03 शिक्षा उत्तर प्रदेश के स्कूल में जर्जर इमारत के कारण छात्रों ने किया क्लास बहिष्कार
04 राजस्थान बाड़मेर में पंचायत स्तर पर विकसित भारत जन सेवा अभियान जारी
Trust & Transparency

How this story was handled

Published21 सितंबर 2026, 16:21 IST IST
Last updated21 सितंबर 2026, 16:21 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under कृषि and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: कृषि.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from कृषि.

कृषि

एक अक्टूबर से शुरू होगी धान की खरीद, समर्थन मूल्य 2441 रुपये तय

कृषि

किसानों ने तहसील में ज्ञापन सौंपा, सुरक्षा व सफाई की मांग की

शिक्षा

जमुई में डीएम-एसडीएम ने स्कूलों का निरीक्षण कर पढ़ाई शुरू की

राज्य

तेज प्रताप ने जमुई घटना पर सरकार को अनशन की चेतावनी दी

राजनीति

राहुल गांधी ने जमुई छेड़खानी मामले में सीएम से जवाब मांगा

Recommended Stories

More from कृषि
एक अक्टूबर से शुरू होगी धान की खरीद, समर्थन मूल्य 2441 रुपये तय
कृषि
इससे जुड़ी ख़बरें

एक अक्टूबर से शुरू होगी धान की खरीद, समर्थन मूल्य 2441 रुपये तय

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 20 सितंबर 2026
किसानों ने तहसील में ज्ञापन सौंपा, सुरक्षा व सफाई की मांग की
कृषि
इससे जुड़ी ख़बरें

किसानों ने तहसील में ज्ञापन सौंपा, सुरक्षा व सफाई की मांग की

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 10 सितंबर 2026
जमुई में डीएम-एसडीएम ने स्कूलों का निरीक्षण कर पढ़ाई शुरू की
शिक्षा
इससे जुड़ी ख़बरें

जमुई में डीएम-एसडीएम ने स्कूलों का निरीक्षण कर पढ़ाई शुरू की

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 5 सितंबर 2026
तेज प्रताप ने जमुई घटना पर सरकार को अनशन की चेतावनी दी
राज्य
इससे जुड़ी ख़बरें

तेज प्रताप ने जमुई घटना पर सरकार को अनशन की चेतावनी दी

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 22 सितंबर 2026
राहुल गांधी ने जमुई छेड़खानी मामले में सीएम से जवाब मांगा
राजनीति
इससे जुड़ी ख़बरें

राहुल गांधी ने जमुई छेड़खानी मामले में सीएम से जवाब मांगा

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 21 सितंबर 2026
जमुई में छात्रा से छेड़खानी, सात-आठ लड़कों की पहचान
शिक्षा
इससे जुड़ी ख़बरें

जमुई में छात्रा से छेड़खानी, सात-आठ लड़कों की पहचान

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 22 सितंबर 2026
जमुई का केकेएम कॉलेज 1955 से उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र
नौकरी / करियर
इससे जुड़ी ख़बरें

जमुई का केकेएम कॉलेज 1955 से उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 21 सितंबर 2026
जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी, तीन गिरफ्तार
क्राइम
इससे जुड़ी ख़बरें

जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी, तीन गिरफ्तार

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 21 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 क्राइम गुवाहाटी में महिला का सिर फ्रिज में मिला, पति मुख्य संदिग्ध
03 शिक्षा उत्तर प्रदेश के स्कूल में जर्जर इमारत के कारण छात्रों ने किया क्लास बहिष्कार
04 राजस्थान बाड़मेर में पंचायत स्तर पर विकसित भारत जन सेवा अभियान जारी

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.