अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को फायर सेफ्टी नोटिस, सुरक्षा खामियां पाईं गईं
पश्चिम बंगाल अग्निशमन विभाग ने कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय का सर्टिफिकेट नवीनीकरण न करने पर नोटिस जारी किया
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को पश्चिम बंगाल अग्निशमन और आपात सेवा विभाग ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट न होने के कारण नोटिस जारी किया है, जो 10 अगस्त को समाप्त हो गया था। बनर्जी ने भाजपा के गुंडों पर उनके पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया और इस हिंसा में शामिल लोगों की गिरफ्तारी तथा मामले की जांच की मांग की है।
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टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को पश्चिम बंगाल अग्निशमन और आपात सेवा विभाग ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट न होने के कारण नोटिस भेजा है। विभाग ने बताया कि कार्यालय का सर्टिफिकेट 10 अगस्त को समाप्त हो गया था और इसे रिन्यू नहीं कराया गया। सांसद की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
पश्चिम बंगाल अग्निशमन विभाग ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय की सुरक्षा से जुड़ी कमियों का हवाला देते हुए नोटिस जारी किया है। एक अधिकारी ने बताया, "मंगलवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि इस जगह का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट 10 अगस्त को खत्म हो गया था और इसे रिन्यू नहीं कराया गया है।"
सांसद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता स्थित पार्टी कार्यालय में सुबह करीब 4.30 बजे हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर भाजपा के गुंडों पर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, "हथियारों से लैस बीजेपी के गुंडों ने हमारे पार्टी ऑफिस पर धावा बोल दिया। उन्होंने हमारे लोगों पर हमला किया, उनके फोन छीन लिए, फर्नीचर तोड़ा, ऑफिस में तोड़-फोड़ की और इलेक्ट्रॉनिक सामान नष्ट कर दिया।"
उन्होंने कहा कि उनके लोगों और वकीलों की ओर से बार-बार कॉल और ईमेल किए जाने के बावजूद लगभग दो घंटे तक कोई जवाब नहीं मिला। सांसद ने इस हमले में शामिल हर व्यक्ति की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने यह भी जांच की मांग की कि इस हिंसा की योजना किसने बनाई, इसे किसने आयोजित और निर्देशित किया, और बार-बार सूचना देने के बावजूद पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर पाई।
अभिषेक बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, "आज सुबह-सुबह भाजपा ने मेरे पार्टी ऑफिस के साथ यही किया है। क्या पश्चिम बंगाल के गवर्नर कोई कार्रवाई करेंगे? अब समय आ गया है कि न्यायपालिका, खासकर कलकत्ता हाई कोर्ट, इस स्थिति का गंभीरता से संज्ञान ले और पश्चिम बंगाल में कानून का शासन बनाए रखने के लिए कदम उठाए।"
उन्होंने सवाल किया कि अगर लोग हथियारों के साथ किसी राजनीतिक पार्टी के ऑफिस में घुस सकते हैं, लोगों पर हमला कर सकते हैं और संपत्ति में तोड़-फोड़ कर सकते हैं, जबकि पुलिस वहां मौजूद नहीं होती, तो पश्चिम बंगाल में कानून का राज बचा ही क्या है। सांसद ने कहा, "शुभेंदु अधिकारी से एक सीधा सवाल है- आप तृणमूल कांग्रेस और मुझसे इतना क्यों डरते हैं कि आपको इस तरह की डराने-धमकाने की हरकतें करनी पड़ रही हैं?"
उन्होंने यह भी कहा कि अगर विपक्ष के साथ हिंसा, तोड़-फोड़ और डराने-धमकाने के जरिए ऐसा बर्ताव किया जाना है, तो मुख्यमंत्री के पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सांसद ने जो लोग चुप रहते हैं, उन्हें भी शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा, "आज सुबह कैमक स्ट्रीट पर जो हुआ, वह कानून के राज पर एक शर्मनाक हमला है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सांसद ने किसकी गिरफ्तारी की मांग की?
- अभिषेक बनर्जी ने इस हमले में शामिल हर व्यक्ति की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
- अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के गवर्नर से क्या अपेक्षा की है?
- उन्होंने पूछा है कि गवर्नर कोई कार्रवाई करेंगे या नहीं।
- सांसद ने किस अदालत का ध्यान इस ओर खींचा है?
- उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट से इस स्थिति का गंभीरता से संज्ञान लेने का आग्रह किया है।
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