ABVP का अनशन खत्म, कुलपति ने जूस पिलाकर वार्ता के बाद समाप्त कराया
छात्रों ने परीक्षा प्रपत्र, शुल्क और सुविधाओं की समस्याएं उठाईं, प्रशासन ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय में परीक्षा प्रपत्र, मार्कशीट और शुल्क संबंधी समस्याओं को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन किया था, जिसे कुलपति से वार्ता के बाद जूस पिलाकर समाप्त कराया गया। कुलपति ने सभी लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया है, जबकि छात्र ठोस समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
जयप्रकाश विश्वविद्यालय परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का अनिश्चितकालीन अनशन कुलपति से हुई वार्ता के बाद समाप्त हो गया। छात्रों ने परीक्षा प्रपत्र, मार्कशीट और शुल्क से जुड़ी समस्याएं उठाईं, जबकि कुलपति ने सभी लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया।
छात्रों ने सत्र 2023-27 के लिए परीक्षा प्रपत्र न भर पाने, लंबित मार्कशीट, स्नातक और स्नातकोत्तर में शुल्क, तथा कॉलेजों द्वारा मनमाने शुल्क वसूलने की शिकायत की। उन्होंने विश्वविद्यालय में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों की फीस कम करने और कॉलेज स्तर पर मनमाने शुल्क वसूली पर रोक लगाने की मांग रखी। इसके अलावा, लंबित परीक्षा कार्यों और मार्कशीट के शीघ्र वितरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
वार्ता के दौरान कुलपति ने अनशनरत कार्यकर्ता रवि पांडेय और यशवंत कुमार को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। परिषद ने प्रशासन के आश्वासन का सम्मान करने की बात कही, लेकिन छात्रों ने अब ठोस समाधान की अपेक्षा जताई। अभाविप ने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और विश्वविद्यालय की जवाबदेह व्यवस्था के लिए था।
छात्रों ने कहा, "इन समस्याओं के कारण उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।" परिषद ने भी कहा, "प्रशासन के आश्वासन का सम्मान किया जाएगा, लेकिन छात्रों को अब ठोस समाधान की अपेक्षा है।" कुलपति ने सभी लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
छात्र परिषद के छात्र नेताओं ने कुलपति को स्मार पत्र भी दिया। परिषद ने कहा कि समस्याओं का त्वरित निष्पादन ही वार्ता की वास्तविक सफलता होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- छात्र परिषद ने वार्ता के बाद क्या कहा?
- परिषद ने प्रशासन के आश्वासन का सम्मान करने की बात कही लेकिन ठोस समाधान की अपेक्षा जताई।
- क्या आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ था?
- नहीं, आंदोलन विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और विश्वविद्यालय की जवाबदेही व्यवस्था के लिए था।
- छात्रों ने विश्वविद्यालय से क्या मांग की?
- वे कॉलेजों में मनमाने शुल्क वसूलने पर रोक और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद






Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.