अजीत डोभाल बीजिंग पहुंचे, 25वें दौर की सीमा वार्ता में हिस्सा लेंगे
ब्रिक्स समिट से पहले शी जिनपिंग के भारत दौरे के मद्देनजर सीमा पर तनाव कम करने पर चर्चा होगी
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल बीजिंग पहुंच चुके हैं, जहां वे चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता में हिस्सा लेंगे, जो 3,488 किलोमीटर लंबी एलएसी पर विवादों को सुलझाने और सीमा प्रबंधन पर केंद्रित होगी। यह वार्ता आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हो रही है, जिसके दौरान शी जिनपिंग की भारत यात्रा की संभावना है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल 24 अगस्त को बीजिंग पहुंच गए हैं। वे चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता में हिस्सा लेंगे।
वार्ता का एजेंडा और पृष्ठभूमि
डोभाल और वांग यी दोनों को सीमा वार्ता के विशेष प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है। यह वार्ता 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर व्यापक विवाद को सुलझाने के लिए आपसी सहमति वाले तरीकों पर विचार करेगी। दोनों पक्ष अक्टूबर 2024 में हुए सेना पीछे हटाने के समझौतों और उसके बाद सैन्य टकराव कम करने के कदमों की समीक्षा करेंगे।
इस वार्ता में सीमा प्रबंधन, आपसी भरोसा बढ़ाने वाले उपाय और सीमा पार सहयोग जैसे मुद्दे भी शामिल होंगे। डोभाल और वांग मौजूदा पश्चिमी, पूर्वी और मध्य सेक्टर में सीमा प्रबंधन के ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा 2005 के राजनीतिक पैरामीटर और गाइडिंग प्रिंसिपल्स को भी समीक्षा के दायरे में रखा जाएगा।
जून 2024 के अंत से दोनों पक्षों ने सीमा पर तनाव कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैन्य गतिरोध के बाद भारत-चीन संबंध बिगड़ गए थे, लेकिन अब सुधार की कोशिशें जारी हैं।
ब्रिक्स समिट और द्विपक्षीय संबंध
यह वार्ता 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हो रही है, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे की संभावना है। इस दौरे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात का रास्ता बन सकता है।
जून के अंत में वांग यी भारत आए थे और उन्होंने सीमा विवाद के समाधान के लिए दोनों देशों के मूल हितों का सम्मान करने और सहमति को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया था।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा था कि भारत-चीन सीमा पर शांति बनी हुई है और द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियों पर आपत्ति जताई है।
चीन के साथ सीमा की स्थिति व्यापक द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति को प्रतिबिंबित करेगी और एलएसी के साथ शांति और स्थिरता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है
विदेश मंत्रालय, प्रवक्ता
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अजीत डोभाल की बीजिंग यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- अजीत डोभाल की बीजिंग यात्रा का मुख्य उद्देश्य 25वें दौर की सीमा वार्ता में शामिल होना और सीमा विवाद सुलझाने के लिए नीति तय करना है।
- सीमा वार्ता में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
- सीमा वार्ता में सीमा प्रबंधन, आपसी भरोसा, और सीमा पार सहयोग के मुद्दों पर चर्चा होगी।
- यह वार्ता कब और कहाँ आयोजित हो रही है?
- यह वार्ता बीजिंग में आयोजित हो रही है और अजीत डोभाल 24 अगस्त को यहाँ पहुंचे।
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