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ईरान में गिरा अमेरिकी पायलट 50 घंटे दुश्मन इलाके में छिपा रहा

2 अप्रैल को F-15E ‘Dude 44’ मिशन पर था, पैराशूट फटने के बाद पहाड़ों में छिपा रहा

2 अप्रैल को ईरान में अमेरिकी F-15E ‘Dude 44’ फाइटर जेट पर हमला हुआ था। विमान के दोनों सदस्यों ने इजेक्ट किया, लेकिन ब्रावो नाम के पायलट का पैराशूट फट गया और वह करीब 50 घंटे तक दुश्मन इलाके में छिपा रहा।
AI सार

2 अप्रैल को ईरान में अमेरिकी F-15E फाइटर जेट पर हमला हुआ था, जिसमें एक पायलट ब्रावो का पैराशूट फट गया और वह लगभग 50 घंटे दुश्मन इलाके में छिपा रहा। अमेरिकी सेना ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसे बचाया, जबकि ईरानी सैनिक भी उसे खोज रहे थे। यह घटना अमेरिकी सेना के ईरानी धरती पर पहली बार सीधे ऑपरेशन करने की खबर के रूप में सामने आई।

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ईरान में अमेरिकी फाइटर जेट हादसा
ईरान में अमेरिकी फाइटर जेट हादसा / सोशल मीडिया

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2 अप्रैल को ईरान में अमेरिकी F-15E ‘Dude 44’ फाइटर जेट पर हमला हुआ था। विमान के दोनों सदस्यों ने इजेक्ट किया, लेकिन ब्रावो नाम के पायलट का पैराशूट फट गया और वह करीब 50 घंटे तक दुश्मन इलाके में छिपा रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक, विमान का मिशन ईरान के ड्रोन और मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाना था। इसी दौरान जेट को कंधे से दागी गई मिसाइल ने टारगेट किया। दोनों एयरमैन ने पैराशूट से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन अलग-अलग जगह गिर गए। ब्रावो का पैराशूट बुरी तरह क्षतिग्रस्त था और वह करीब 70 से 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से नीचे गिरा।

ब्रावो को गिरने के बाद पीठ, हाथ और कंधे में गंभीर चोटें आईं। वह जानता था कि जेट के मलबे के पास रहने पर ईरानी सैनिक उसे आसानी से पकड़ सकते हैं, इसलिए वह पांच मील दूर जाकर करीब 7,000 फीट ऊंचे पहाड़ की रिज के पास छिप गया।

अमेरिकी सेना ने उसके साथी ‘अल्फा’ को कुछ ही घंटों में बचा लिया, लेकिन ब्रावो का पता लगाना मुश्किल था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, उसकी तलाश लगातार कठिन होती जा रही थी क्योंकि ईरानी सैनिक भी उसे खोज रहे थे।

ब्रावो ने किसी तरह अमेरिकी बलों से संपर्क किया। इसके बाद सीआईए ने खुफिया साधनों और भटकाने वाली रणनीति से उसका पता लगाया। अमेरिकी सेना ने इलाके के पास ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकानों पर हमले भी किए।

रेस्क्यू ऑपरेशन में 90 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरे, जबकि हवा में सैकड़ों और हजारों अन्य सैनिक मिशन में सहयोग दे रहे थे। दो अमेरिकी विमान अस्थायी रेगिस्तानी रनवे पर उतरे, लेकिन रेत में फंस गए। संवेदनशील सैन्य उपकरण ईरान के हाथ न लगें, इसलिए बाद में इन्हें नष्ट करना पड़ा।

ब्रावो ने बचाने वाली टीम को अपनी तरफ आते देखा और इसे अपनी जिंदगी के सबसे शानदार पलों में से एक बताया। बचाने वालों के पहुंचते ही उसने कहा, ‘चलो।’

अमेरिकी कर्नल ने बताया कि जब ब्रावो ने ऊपर देखा और अपना पैराशूट नहीं पाया तो वह बेहद डर गया था। जनरल डैन केन ने कहा कि ईरानी सैनिक ब्रावो के बेहद करीब पहुंच गए थे। एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक यह 46 वर्षों में पहली बार था जब अमेरिकी सेना सीधे ईरानी धरती पर ऑपरेट कर रही थी।

ब्रावो ने बताया कि पैराशूट से उतरते समय वह सीधे जमीन पर गिरा था। चोटें इतनी गंभीर थीं कि जिंदा बचना किसी चमत्कार से कम नहीं था। वह करीब 50 घंटे तक पहाड़ में छिपकर अपनी जान बचाता रहा और ईरानी सैनिकों से बचने के लिए 7,000 फीट ऊंचे पहाड़ पर चला गया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ब्रावो पायलट को क्या चोटें आईं?
ब्रावो को गिरने के बाद पीठ, हाथ और कंधे में गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी जान बचना चमत्कार जैसा था।
इस ऑपरेशन का क्या ऐतिहासिक महत्व है?
यह 46 वर्षों में पहली बार था जब अमेरिकी सेना सीधे ईरानी धरती पर ऑपरेट कर रही थी।

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Published14 सितंबर 2026, 22:03 IST IST
Last updated14 सितंबर 2026, 22:03 IST IST
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