भोटेकोशी बाढ़ में 1127 मौतें, 4000 से अधिक लापता
रसुवागढ़ी में सुरंगों में फंसे 46 मजदूरों की तलाश जारी, राहत कार्य तेज
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से 1127 लोगों की मौत हो गई है और 4000 से अधिक लोग लापता हैं। बचाव कार्य जारी है, जिसमें नेपाल के साथ भारत, चीन, अमेरिका की विशेषज्ञ टीमें शामिल हैं, और सरकार प्रभावित इलाकों में बुनियादी सेवाएं बहाल करने के प्रयास कर रही है।
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नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक 1127 लोगों की मौत हो चुकी है और 4000 से अधिक लोग लापता हैं। इस आपदा ने इलाके में भारी तबाही मचाई है, जिससे शवों की पहचान और तलाश में कठिनाई हो रही है।
रसुवागढ़ी में फंसे मजदूरों की तलाश
रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर परियोजना के अंडरग्राउंड चैंबर में लगभग 46 लोग फंसे हुए हैं। नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के बोर्ड सदस्य राजा राम बस्नेत ने बताया कि बचाव दल उन सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं, जहां पावरहाउस में ठहरने की जगह बनी है। और बचाव कार्य जारी है। अमशु किरण शाही ने बताया, "दो स्थानों पर, जहां लगभग 90 लोग लापता हैं, जीवित लोगों के मिलने की सबसे अधिक संभावना है क्योंकि सुरंगों के अंदर हवा मौजूद है।" शाही ने यह भी कहा, "फंसे हुए लोगों के पास खाना और पानी है"।
नेपाल में उपलब्ध हर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और भारत, चीन, अमेरिका की विशेषज्ञ टीमें बचाव में शामिल हैं। अधिकारी ने भरोसा जताया कि फंसे लोग जिंदा मिल सकते हैं।
विदेश मंत्रालय ने राहत प्रयासों में मदद के लिए नेपाल को और अधिक आपात सामग्री भेजने की बात कही है।
प्रधानमंत्री बालेनशाह ने कहा कि सरकार बिजली, दूरसंचार और परिवहन संपर्क बहाल करने के लिए काम कर रही है और प्रभावित इलाकों में 95 प्रतिशत टेलीकाम सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।
सरकार ने DNA सैंपल मंगवाए हैं
काजी कुमार आचार्य
हम फिर से अंदर जा रहे हैं
अधिकारी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बचाव कार्य में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
- बचाव कार्य में भारत, चीन, और अमेरिका की विशेषज्ञ टीमें शामिल हैं।
- फंसे हुए लोगों की स्थिति कैसी है?
- शाही ने कहा कि फंसे हुए लोगों के पास खाना और पानी है, और जीवित मिलने की संभावना है।
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