पुनर्मतदान में चारों वार्ड कांग्रेस ने जीते, भाजपा एक भी नहीं
जयपुर के चार वार्डों में पुनर्मतदान के बाद कांग्रेस ने बढ़त बनाई
जयपुर नगर निगम के चार वार्डों में पुनर्मतदान के बाद हुई मतगणना में कांग्रेस ने सभी सीटें जीती जबकि भाजपा एक भी सीट नहीं जीत पाई। खराब ईवीएम के कारण पांच बूथों पर पुनः मतदान कराया गया था, जिसमें कांग्रेस ने वार्डों में बढ़त बनाई। आदर्श नगर क्षेत्र में कांग्रेस ने 17 वार्डों में से 10 पर जीत हासिल की और भाजपा 6 वार्डों तक सीमित रही।
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जयपुर। जयपुर नगर निगम के चार वार्डों में गुरुवार को पुनर्मतदान के बाद मतगणना हुई। इन वार्डों में कांग्रेस ने सभी सीटें जीतकर भाजपा को शिकस्त दी। ईवीएम खराब होने के कारण पांच बूथों पर पुनः मतदान कराया गया था।
विद्याधर नगर और झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के दो-दो वार्डों में हुए पुनर्मतदान में कांग्रेस ने जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 9 में कांग्रेस की कैलाशी देवी ने भाजपा की मंजू अग्रवाल को 764 वोटों से हराया। यहां कांग्रेस को 4610 और भाजपा को 3846 वोट मिले।
वार्ड 18 में वंदिता शर्मा ने 181 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस वार्ड में एक बूथ की ईवीएम खराब हुई थी, जहां भाजपा करीब 40 वोटों से आगे थी। पुनर्मतदान के बाद कांग्रेस ने बढ़त बनाई।
वार्ड 25 में रेखा सैनी ने 397 वोटों से जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा के चंचल कंवर को 5533 वोटों के मुकाबले 5136 वोटों से हराया।
वार्ड 34 में कांग्रेस के सुरेश यादव ने भाजपा के पीयूष किराडू को 149 वोटों से हराया। इस वार्ड में दो बूथों पर पुनर्मतदान हुआ था, जिनमें से एक निर्माण नगर और दूसरा गजसिंहपुरा का था।
कांग्रेस प्रत्याशियों ने घर-घर संपर्क कर मतदाताओं को वार्ड के विकास का भरोसा दिलाया। भाजपा के गढ़ होने के बावजूद वह आवश्यक वोट नहीं जुटा सकी। भाजपा ने निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देकर जीत का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस की रणनीति सफल रही।
जयपुर नगर निगम में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, लेकिन विधानसभा स्तर पर आदर्श नगर क्षेत्र में कांग्रेस ने 17 वार्डों में से 10 पर जीत दर्ज की। भाजपा छह वार्डों पर सिमट गई और एक सीट निर्दलीय ने जीती।
आदर्श नगर में कांग्रेस को भाजपा से 42.4 प्रतिशत अधिक वोट मिले। कुल 1,36,866 वोटों में कांग्रेस की हिस्सेदारी 58.75 प्रतिशत और भाजपा की 41.25 प्रतिशत रही। दोनों दलों के बीच 17.50 प्रतिशत अंक का अंतर रहा।
निर्माण नगर बूथ पर निर्दलीय प्रत्याशी का भी प्रभाव था, जिससे भाजपा की जीत की राह कठिन हुई। कांग्रेस की वंदिता शर्मा ने कहा, "जैसे ही पुनर्मतदान की घोषणा हुई, प्रत्याशी जीत के लिए पूरी ताकत लगा दी।" यादव ने बताया, "निर्माण नगर वाले बूथ पर निर्दलीय प्रत्याशी का भी प्रभाव था।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कांग्रेस ने किस रणनीति से जीत हासिल की?
- कांग्रेस प्रत्याशियों ने घर-घर संपर्क कर विकास का भरोसा दिलाकर चुनावी रणनीति बनाई।
- भाजपा ने चुनाव में किस तरह से प्रयास किया?
- भाजपा ने निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दिया, लेकिन वह जरूरी वोट नहीं जुटा सकी।
- निर्माण नगर बूथ पर क्या खास था?
- निर्माण नगर बूथ पर निर्दलीय प्रत्याशी का प्रभाव था, जिसने भाजपा की जीत मुश्किल बनाई।
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