फेड ने ब्याज दर 3.75% से 4% बढ़ाई, ट्रंप ने किया विरोध
2023 के बाद पहली बार बढ़ी फेड की दरें, ट्रंप ने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण फैसला
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई नियंत्रण के लिए ब्याज दर 3.75% से बढ़ाकर 4% कर दी है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस ने इस बढ़ोतरी का विरोध किया है और ब्याज दरों में कटौती की मांग की है।
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अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हुए इसे 3.75% से 4% कर दिया। इस फैसले के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और ब्याज दरों में कटौती की मांग की।
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने बुधवार को ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। यह कदम महंगाई को नियंत्रित करने और 2 प्रतिशत के टारगेट तक पहुंचने के लिए जरूरी बताया गया। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने घरेलू खर्च, बढ़ते निवेश और उत्पादकता में सुधार को इस फैसले का कारण बताया।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में ब्याज दरें "1% या उससे कम होनी चाहिए"। उन्होंने तर्क दिया कि देश को सस्ता क्रेडिट मिलना चाहिए क्योंकि अमेरिका दुनिया में सबसे अच्छे क्रेडिट वाला देश है और देश में नए निवेश की बहार है। ट्रंप ने यह भी कहा कि जिन देशों के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है, उनके साथ व्यापार रोककर देश सालाना कम से कम 1.5 ट्रिलियन डॉलर कमा सकता है।
सेंट्रल बैंक की घोषणा से पहले व्हाइट हाउस ने मौद्रिक सख्ती के खिलाफ विरोध जताया था। सीनियर डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी कुश देसाई ने इस कदम को "दुर्भाग्यपूर्ण"
अमेरिका में लगातार बनी हुई महंगाई को नियंत्रित करने के लिए यह पहला मौका है जब फेड ने ब्याज दरों में वृद्धि की है। इस फैसले का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने इस साल के अंत तक ब्याज दरों को 4.1 प्रतिशत तक ले जाने का संकेत दिया है, जिससे होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड महंगे हो सकते हैं।
अमेरिका में ब्याज दरें "1% या उससे कम होनी चाहिए"
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति
बढ़ी हुई दरों से मौजूदा प्रशासन की आर्थिक प्रगति में रुकावट आएगी, मॉर्गेज का खर्च बढ़ेगा और कॉर्पोरेट विस्तार में बाधा आएगी
कुश देसाई, सीनियर डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- फेड ने ब्याज दर क्यों बढ़ाई है?
- फेड ने महंगाई को नियंत्रित करने और घरेलू खर्च तथा निवेश में सुधार के लिए ब्याज दरें बढ़ाईं हैं।
- फेड की ब्याज दर वृद्धि का दुनिया पर क्या प्रभाव होगा?
- इस फैसले का असर वैश्विक बाजारों पर हो सकता है, जिससे दुनिया भर के अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।
- व्हाइट हाउस ने फेड की बढ़ोतरी पर क्या कहा?
- सीनियर डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी कुश देसाई ने इस कदम को आर्थिक प्रगति में बाधा और महंगे मॉर्गेज का कारण बताया।
- बढ़ी हुई ब्याज दरों का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
- होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड महंगे हो सकते हैं, जिससे आम लोगों का खर्च बढ़ सकता है।
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